Saturday, October 28, 2017

दैनिक समसामयिकी 21 Oct 2017(Saturday)

1.अमेरिका की एशिया नीति की धुरी बनेगा भारत

• भारत और अमेरिका के बीच पिछले तीन महीने से उच्चस्तरीय वार्ताओं का दौर चल रहा है, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं कि विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की आगामी यात्र बेहद खास है।
• भारतीय विदेश मंत्रालय  के अधिकारी इसे हाल के दिनों में किसी अमेरिकी मंत्री की सबसे अहम यात्र करार दे रहे हैं। अमेरिका का विदेश विभाग भी संकेत दे चुका है कि इस दौरान अगले सौ वर्षो के संबंधों की दशा व दिशा तय की जाएगी।
• अमेरिकी विदेशी विभाग ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि भारत अब अमेरिका की एशियाई नीति की न सिर्फ धुरी में है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दोनों देश मजबूत रणनीतिक साझीदार के तौर पर उभरने को तैयार हैं। माना जा रहा है कि टिलरसन की इस यात्रा  का असर आर्थिक, सांस्कृतिक और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग पर भी पड़ेगा।
• एक थिंक टैंक को संबोधित करते हुए टिलरसन ने कहा था कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत साझीदार चाहिए और अमेरिका इसके लिए तैयार है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि टिलरसन ने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर जो उम्मीद दिखाई है, भारत उससे सहमत है।
• भारत ने यह संकेत देने में भी कोई कोताही नहीं की है कि अमेरिका ने कानून आधारित वैश्विक व्यवस्था बनाने की जो बातें कही है, उसमें वह अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री ने नियम सम्मत अंतरराष्ट्रीय ढांचा बनाने की बात कही है। भारत उनका स्वागत करने को तैयार है, ताकि हम आपसी साझीदारी को और मजबूत कर सकें।
• कहने की जरूरत नहीं कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर मामले में अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की तरफ इशारा किया था और इस बारे में भारत के रिकार्ड का स्वागत किया था।
• इस बारे में जो रही सही शंकाएं थीं, उसे अमेरिकी विदेश विभाग के अलावा अधिकारियों के सामान्य ब्रीफिंग में स्पष्ट कर दिया गया है। विदेश विभाग के एक आला अधिकारी के मुताबिक, भारत और चीन का विकास एक साथ हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर चीन का रवैया कम जवाबदेही वाला है, जबकि भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का बेहतर तरीके से पालन किया है।
• उस अधिकारी ने यह भी कहा कि वर्षो से अमेरिका ने भारत और चीन दोनों को आगे बढ़ने में मदद की है। लेकिन दोनों देश अलग-अलग तरीके से आगे बढ़े हैं। भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को देखा जाए तो हम हर क्षेत्र में इसे और प्रगाढ़ करना चाहते हैं।
• विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक टिलरसन की यात्र का एजेंडा बहुत बड़ा है। इसमें अफगानिस्तान नीति से लेकर प्रशांत महासागर क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ व्यापक सैन्य सहयोग तक के मुद्दे शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि जापान और आस्ट्रेलिया के साथ मिलकर अमेरिका व भारत हिन्द -प्रशांत क्षेत्र में कानून सम्मत व्यवस्था कराने की कोशिश कर रहे हैं।

2. भारत में सबसे भरोसेमंद ब्रांड बना गूगल

• इंटरनेट कंपनी गूगल भारत में सबसे भरोसेमंद ब्रांड बनकर उभरा है। उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, मारुति सुजुकी और एपल को यहां के उपभोक्ताओं ने भरोसे के लायक माना है।न्यूयार्क में स्थित नियंतण्र संचार कंपनी कॉन एंड वोल्फ के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।
• सर्वेक्षण के अनुसार सोनी, यूट्यूब, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज बेंज और ब्रिटिश एयरवेज शीर्ष 10 में शामिल अन्य ब्रांड हैं।
• वैश्विक  स्तर पर अमेजन को सबसे भरोसेमंद ब्रांड माना गया है। इसके बाद एपल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और पेपल आदि का स्थान है। कंपनी ने कहा कि भारतीय उपभोक्ता अब ब्रांड की प्रमाणिकता के बारे में राय बनाने को लेकर अधिक सकारात्मक हो गये हैं।
• करीब 67 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता ऐसे ब्रांड की खरीदार पसंद करते हैं जो अधिक प्रमाणिक माना जाता हो। 38 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने माना है कि ब्रांड अधिक ईमानदार एवं खुले होते हैं तथा जिम्मेदारियां उठाते हैं। नियंतण्र स्तर पर ऐसा मानने वालों का औसत 25 प्रतिशत है।

3. बैंकों से ले सकेंगे एनएससी

• अब बैंक भी राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) व मासिक आय योजना समेत तमाम लघु बचत स्कीमों के तहत जमा स्वीकार करेंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए बैंकों को मंजूरी दे दी है। केंद्र ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। आइसीआइसीआइ समेत तीन निजी बैंक भी इसके दायरे में आएंगे।
• लघु बचतों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब तक अधिकांश स्माल सेविंग्स स्कीमें डाकघरों के जरिये ही बेची जाती थीं।
• अधिसूचना के मुताबिक सभी सरकारी बैंक और निजी क्षेत्र के तीनों दिग्गज- आइसीआइसीआइ, एक्सिस और एचडीएफसी बैंक लघु बचत स्कीमों के तहत डिपॉजिट स्वीकार कर सकेंगे।
• अभी तक बैंक लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), किसान विकास पत्र-2014, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना-2004 के लिए ही सब्सक्रिप्शन स्वीकार कर सकते थे।
• अब सभी स्कीमों के लिए बैंकों को अनुमति देने के चलते सरकार ज्यादा धनराशि जुटा सकेगी।
• पिछले महीने सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही के लिए लघु बचतों पर ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने का एलान किया है। पिछले साल अप्रैल से केंद्र हर तिमाही लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करता है। दरों में बदलाव करने पर उसकी ओर से अधिसूचना भी जारी की जाती है।
• फिलहाल पीपीएफ पर सालाना 7.8 फीसद ब्याज मिलता है। किसी भी डाकघर या बैंक में 15 साल के लिए पीपीएफ खाता खोला जा सकता है। यह खाता कोई भी वयस्क खोल सकता है। ने
• शनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी पर ब्याज की दर 7.8 फीसद है। पीपीएफ और राष्ट्रीय बचत पत्र दोनों में निवेश पर आयकर में छूट भी मिलती है।
• किसान विकास पत्र में निवेश करने वालों को 7.5 फीसद का सालाना रिटर्न मिलता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 115 महीने निर्धारित है। इसी तरह कोई भी व्यक्ति बच्चियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकता है। फिलहाल इस स्कीम पर 8.3 फीसद वार्षिक ब्याज दर तय है।
•  इसी तरह पांच साल के सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में निवेश पर भी इतना ही रिटर्न मिल रहा है। इस स्कीम पर हर तिमाही ब्याज दिया जाता है।

4. रंजीत कुमार:- देश के दूसरे सबसे बड़े विधि अधिकारी सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। केंद्र में राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें सात जून 2014 से तीन वर्ष के लिए सॉलिसिटर जनरल बनाया गया था।

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