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Friday, September 1, 2017

31 August 2017(Thursday)

September 01, 2017 0
31 August 2017(Thursday)

दैनिक समसामयिकी

1.बढ़ेगी सेना की लड़ाकू क्षमता : 60,000 सैन्यकर्मी तैनात होंगे लड़ाकू भूमिका में

• सरकार ने सेना की कार्य पण्राली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन बनाने के लिए आजादी के बाद का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए गैर जरूरी विभागों को बंद करने तथा कुछ को मिलाने का निर्णय लिया है। सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 60 हजार अधिकारियों और जवानों को जरूरत के हिसाब से लड़ाकू भूमिका में तैनात किया जाएगा।
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सेना की कार्य पण्राली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन के बारे में सुझाव देने वाली समिति की 65 सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
• समिति ने की थी 99 सिफारिशें : बैठक के बाद रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सेवा निवृत लेफ्टिनेंट जनरल डी बी शेतकर की अध्यक्षता में गत वर्ष मई में एक समिति का गठन किया गया था।
• इस समिति ने गत दिसम्बर में अपनी रिपोर्ट में 99 सिफारिशें की थी जिसमें से 65 सिफारिशों को रक्षा मंत्रालय  ने मंजूर कर लिया है।
• चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी सिफारिशें : उन्होंने कहा कि ये सिफारिशें चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी और वर्ष 2019 के अंत तक ये पूरी तरह लागू हो जाएंगी। इनके लागू होने के मद्देनजर 57 हजार अधिकारियों और जवानों को लड़ाकू भूमिका और संचालन तथा अन्य कामों में तैनात किया जा सकेगा।
• कुछ विभागों से जुड़े सिविल कर्मचारियों को दक्षता बढ़ाने के लिए सशस्त्र सेनाओं की अन्य शाखाओं में भेजा जाएगा। सिग्नल प्रतिष्ठानों की पूरी क्षमता का होगा इस्तेमाल : पहले चरण के सुधारों के तहत सिग्नल प्रतिष्ठानों का पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया जाएगा । इनमें रेडियो मॉनिटरिंग कंपनी, कोर एयर स्पोर्ट सिग्नल रेजिमेंट, एयर फोम्रेशन सिग्नल रेजिमेंट, कंपोजिट सिग्नल रेजिमेंट हैं।
• इसके साथ ही कोर आपरेटिंग तथा इंजीनयरिंग सिग्नल रेजिमेंट का विलय भी किया जाएगा। सेना के रिपेयर डिपो का पुनर्गठन किया जाएगा और इनमें बेस वर्कशॉप, एडवांस बेस वर्कशाप तथा फील्ड की वर्कशाप को शामिल किया जाएगा।
• क्लर्क-ड्राइवर भर्ती के मानदंड होंगे थोड़े सख्त : सेना में क्लर्क स्टाफ और ड्राइवरों की भर्ती के मानदंडों को थोड़ा सख्त किया जाएगा।

2. पुरानी विसंगति दूर : बड़े अधिकारियों के बच्चों को ओबीसी कोटे का नहीं मिलेगा लाभ

• ओबीसी के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटी मोदी सरकार इस कोटे में विसंगतियां दूर करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में क्रीमी लेयर की पहचान में ढाई दशक पुरानी विसंगति को दुरुस्त कर दिया है।
• अब सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू), बैंकों और वित्तीय संस्थानों में भी आरक्षण के लिए क्रीमी लेयर की सीमा आठ लाख रुपये कर दी गई है। मंत्रियों के समूह ने सरकारी विभाग के लिए बढ़ाई गई यह सीमा इन संस्थानों में भी लागू करने की सिफारिश की थी।
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इसे मंजूरी दे दी। इससे ओबीसी कोटे के तहत बड़े अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा।
• इन संस्थानों में सरकार के समकक्ष क्रीमी लेयर की स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बच्चे भी आरक्षण का लाभ उठा रहे थे। अब इन संस्थानों में भी उन अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण मिलेगा, जिन्हें इसकी जरूरत है।
• पिछले हफ्ते ही सरकार आरक्षण का लाभ ओबीसी के वंचित वर्गो तक पहुंचाने के लिए इस कोटे के वर्गीकरण को हरी झंडी दे चुकी है।
• इस तरह दूर की गड़बड़ी : 24 साल पहले 1993 में ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करते समय क्रीमी लेयर को इससे वंचित करने का आदेश जारी हुआ था। लेकिन, पीएसयू, सरकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में क्रीमी लेयर तय करने के बजाय सिर्फ उसे केंद्र सरकार के समकक्ष पद कह कर छोड़ दिया गया था।
• समकक्ष पद की स्पष्ट परिभाषा के अभाव में इन संस्थानों के बड़े-बड़े अधिकारी भी खुद को क्रीमी लेयर से बाहर दिखा देते थे और उनके बच्चे आरक्षण के हकदार बन जाते थे।

3. कौशल विकास में सहयोग बढ़ाएंगे भारत-आस्ट्रेलिया

• भारत और आस्ट्रेलिया दोनों देशों के युवाओं को विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाएंगे।
• कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी और आस्ट्रेलिया की व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास सहायक मंत्री करेन एंडयूज के बीच यहां हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच कौशल विकास क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर र्चचा हुई।
• करेन एंडयूज सात-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर पहुंची हैं। बैठक के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच कौशल विकास के संदर्भ में द्विपक्षीय संबंधों के सशक्तीरण पर र्चचा की।

• यहां जारी सरकारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया के पास अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण पण्राली है, जिसे दुनिया भर के उद्योगों ने सराहा है।

4. कृषि योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता

• केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि की मुख्यधारा में महिलाओं को लाने के प्रयास के तहत कृषि योजनाओं के लिए बजट में आवंटित की गई धनराशि का कम से कम 30 प्रतिशत धन महिलाओं के लिए निर्धारित किया जा रहा है।
• कृषि मंत्री ने कहा कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि महिलाएं कृषि की मुख्यधारा का हिस्सा बनें और कृषि उत्पादकता में योगदान करने के साथ साथ अपने परिवारों की आय को दोगुना कने में योगदान करें।
• उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि क्षेत्र में खर्च किए जाने वाले हरेक पैसे का लाभ उठाना चाहिए।कृषि मंत्री राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संयुक्त राष्ट्र महिला एवं महिला किसान अधिकार मंच के सहयोग से आयोजित महिला किसानों के अधिकारों की सुरक्षा: करवाई  के प्रारूप का विकास विषय पर आयोजित एक आयोजन में बोल रहे थे।
• सरकार ने महिला केन्द्रित गतिविधियों का संचालन किया है ताकि विभिन्न लाभार्थी केन्द्रित योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके। मंत्रालय ने हर साल 15 अक्तूबर को महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला भी किया है।

5. रिजर्व बैंक के पास वापस आए अधिकतर प्रतिबंधित नोट

• नोटबंदी लागू करने के पीछे सरकार ने एक अहम वजह यह बताई थी कि इससे काले धन पर लगाम लग सकेगी, क्योंकि जिन लोगों ने काले धन के तौर पर 500 व 1000 के नोट छिपाए हैं वे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। लेकिन लगता है कि काले धन के कारोबारियों ने अपने नोटों को सिस्टम में किसी न किसी तरह से खपा दिया।
• अगर ऐसा नहीं होता तो आठ नवंबर, 2016 को लागू नोटबंदी के बाद से अब तक बैंकों के पास 99 फीसद प्रतिबंधित 500 व 1000 के नोट वापस नहीं आ गए होते।
• कई माह तक इस बारे में सूचना देने में आनाकानी कर रहे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने बुधवार को अपनी सालाना रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद वापस आए प्रतिबंधित नोटों के आंकड़े का एलान कर दिया।
• इसके मुताबिक नोटबंदी लागू होने के दिन 500 रुपये के 1,716.6 करोड़ नोट बाजार में थे, जबकि 1000 रुपये के 685.8 करोड़ नोट थे।
• इस तरह सिस्टम में कुल 15.44 लाख करोड़ रुपये के नोट प्रचलन में थे। आरबीआइ के मुताबिक नोटबंदी लागू होने के बाद सिस्टम में 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट (500 व 1000 रुपये) वापस हो चुके हैं।
• यानी प्रतिबंधित नोटों का 98.96 फीसद आ चुका है। केवल 16,050 करोड़ रुपये के वापस नहीं लौटे हैं।

6. चीन के सुर बदले :कहा- भारत के साथ सहयोग की अपार संभावनाएं

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से एक सप्ताह पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।वांग ने कहा, दो ताकतवर पड़ोसियों के बीच मतभेद होना सामान्य है लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि भारत और चीन ने अपनी समस्याओं को उचित स्थान पर रखा और उसे आपसी सम्मान एवं दोनों देशों के नेताओं की सहमति के आधार पर सही तरीके से निपटाया।
• उन्होंने कहा, भारत और चीन के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं लेकिन इस संबंध में कोई ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, मीडिया अपने कयास लगा सकता है और रिपोर्ट लिख सकता है, लेकिन चीन सरकार के पास मौजूद आधिकारिक सूचना के अनुसार भारतीय सैनिक 28 अगस्त को दोपहर बाद क्षेत्र से हट गए जिससे गतिरोध खत्म हो गया।
• गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में ढाई महीने से जारी गतिरोध गत सोमवार को समाप्त हो गया और भारतीय प्रधानमंत्री  मोदी आगामी रविवार को शियामेन में शुरू हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए यहां आ रहे हैं।
• जून में भूटान एवं चीन के बीच विवादित डोकलाम क्षेत्र में चीन द्वारा एकतरफा ढंग से सड़क निर्माण के प्रयास का भूटानी सेना ने विरोध जताया था और चीनी सेना के नहीं मानने पर भूटानी सेना के संकेत के बाद भारतीय सेना ने 16 जून को आगे बढ़कर चीनी सेना को रोका था।
• करीब ढाई माह में दोनों देशों की सेनाओं के आमने सामने आ खड़े होने से विश्व की दो उभरती आर्थिक महाशक्तियों के बीच गहरा तनाव उत्पन्न हो गया था।

7. ब्रिक्स सम्मेलन : चीन ने पांच देशों को अतिथि बनाया

• चीन ने आगामी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए मिस, केन्या, ताजिकिस्तान, मैक्सिको और थाईलैंड को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया है लेकिन यह स्पष्ट भी कर दिया है कि यह निमंतण्र उसके ब्रिक्स प्लस रुख के तहत समूह को विस्तार देने का प्रयास नहीं है।
• चीन तीन सितम्बर से पांच सितम्बर तक शियामेन शहर में ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में पांच देशों के नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
• चीन के विदेशमंत्री वांग यी ने यहां मीडिया को ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के बारे में संबोधित करते हुए कहा, हमें ब्रिक्स प्लस के बारे में और अधिक व्याख्या करने की जरूरत है ताकि लोग इसके पीछे के तर्क को अच्छी तरह समझ पाएं।
• वांग इस साल मार्च से ही ब्रिक्स प्लस के रुख का प्रचार कर रहे हैं, जिससे यह कयास लगने लगे कि चीन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के ब्लॉक के विस्तार पर विचार कर रहा है।
• वांग ने ब्रिक्स प्लस की व्याख्या करते हुए कहा कि सदस्य देश वार्षकि सम्मेलनों के दौरान अलग-अलग देशों को आमंत्रित करते रहे हैं।

8. डिजिटल सिक्योरिटी बढ़ाने में जुटी सरकार

• देश में डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन और बैंक खातों के साथ आधार और पैन के लिंक होने के बाद सरकार के लिए डाटा सिक्योरिटी बड़ी बन गई है। इससे निपटने के लिए सरकार ने वैश्विक स्तर की डिजिटल सिक्योरिटी व्यवस्था सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इसके लिए मोबाइल फोन से लेकर तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षा ऑडिट से जुड़े मसलों पर देश में शोध व अनुसंधान का ढांचा बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 1सरकार मान रही है कि देश में जिस तरह डिजिटल पेमेंट की रफ्तार बढ़ रही है और लोगों के बैंक खातों को आधार और पैन के साथ जोड़ा गया है उससे सुविधाएं तो बढ़ेंगी लेकिन ग्राहकों के डाटा को लेकर जोखिम भी उतना ही बढ़ रहा है।
• डिजिटल पेमेंट के लिए अब अधिकांश ग्राहक मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके बैंक खाते आधार और पैन जैसी संवेदनशील निजी सूचनाओं से जुड़े हैं।
• डिजिटल इंडिया के निर्माण में डाटा पर किसी भी तरह का जोखिम काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसे देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रलय ने डाटा सिक्योरिटी के साथ डिजिटल सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षा ऑडिट को भी गंभीरता से लिया है।
• इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की पहल पर देश में इस तरह की जांच के लिए बुनियादी ढांचा तेजी से तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इस आशय का एक प्रस्ताव इसी सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रलय तैयार कर लेगा।
• इसके तहत उच्च स्तरीय संसाधनों वाले जांच केंद्र स्थापित किये जाएंगे जहां उपकरणों और डिजिटल सेवा प्रदाताओं का सुरक्षा ऑडिट करने की सुविधा होगी।

9. सेस बढ़ाने के अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी, कब और कितना बढ़ाया जाए यह फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी

• वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सेस कब से और कितना बढ़ाया जाए, यह फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी। इसकी अगली बैठक 9 सितंबर को हैदराबाद में होनी है।
• जेटली ने कहा, सरकारी नीति का लक्ष्य लक्जरी वस्तुओं को सस्ता करना नहीं हो सकता। जो व्यक्ति एक करोड़ रुपए की कार खरीद सकता है, वह 1.2 करोड़ भी खर्च कर लेगा।
• यह पूछे जाने पर कि क्या आम खपत की चीजों पर सरकार आगे टैक्स कम करेगी, जेटली ने कहा कि काउंसिल इस पर संवेदनशील है, लेकिन राज्यों की रेवेन्यू जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ेगा।
• कार कंपनियों ने कहा है कि सेस बढ़ने से उनकी ग्रोथ प्रभावित होगी। उन्होंने सेस बढ़ाने में जल्दबाजी की भी आलोचना की। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी एवं सीईओ रोलां फोल्गर के अनुसार सरकार को छह महीने बाद स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए थी।
• ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने भी कहा कि सरकार को इस पर अमल 6-12 महीने तक टालना चाहिए। जेएलआर इंडिया के एमडी रोहित सूरी ने कहा कि कम टैक्स से डिमांड बढ़ेगी, कंपनियां लोकल मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा निवेश करेंगी जिससे रोजगार बढ़ेंगे। सरकार को इन बातों पर भी गौर करना चाहिए।
• क्यों बढ़ाया जा रहा है सेस :- जीएसटीलागू होने से पहले इन गाड़ियों पर 52-55% टैक्स था। जीएसटी में इन पर 28% टैक्स के साथ 15% सेस लगाया गया। यानी अभी पहले की तुलना में कम, 43% टैक्स है। 25% सेस के साथ यह 53%, यानी जीएसटी से पहले के स्तर पर जाएगा।

10. सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई के लिए 30% लोकल सोर्सिंग का नियम खत्म

• सरकार द्वारा सोमवार को जारी कन्सॉलिडेटेड एफडीआई नीति सिंगल ब्रांड रिटेलरों के लिए राहत लेकर आई है। पिछले साल जून में हुए बदलाव के मुताबिक अब तक सिंगल ब्रांड रिटेल में 51% से ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लाने वाली कंपनियों के लिए 30% माल छोटी उद्योग इकाइयों (एसएमई) से खरीदने की शर्त की थी। कन्सॉलिडेटेड एफडीआई नीति में यह शर्त हटा ली गई है।
• अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी' वाले प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए 30% लोकल सोर्सिंग की शर्त से छूट थी। लेकिन यह छूट सिर्फ तीन साल के लिए थी। इसे भी उदार कर दिया गया है। किसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाले प्रोडक्ट की मेन्युफैक्चरिंग में स्थानीय स्तर पर खरीदारी संभव है या नहीं, इसका निर्णय एक समिति करेगी।

Current affairs 31 August 2017

•    हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र में क्रीमी लेयर आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया – पीएसयू और बैंकिंग

•    भारत और ब्राज़ील के मध्य इस नस्ल की गाय के विकास हेतु समझौता किया गया – जेबू कैटल

•    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अगस्त 2017 को जिस राज्य में 15000 करोड़ रुपये की विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं की नींव रखी है- राजस्थान

•    भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति की बैठक का चौथा सत्र 29 अगस्त  2017 को जिस शहर में आयोजित किया गया था- नई दिल्ली

•    केंद्र सरकार ने सितंबर और अक्टूबर 2017 के लिए जिस उत्पादकों पर स्टॉक होल्डिंग सीमा लागू की है- चीनी

•    भारत ने वर्ल्ड पुलिस गेम्स में कुल जितने पदक जीते है- 321 पदक

•    अमेरिका ने हाल ही में जिस देश को 25.5 करोड़ डॉलर की सशर्त सैन्य सहायता दी है- पाकिस्तान

•    श्रीलंका में आयोजित हिंद महासागर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व जो करेगा- सुषमा स्वराज

•    झारखंड कैडर भारतीय प्रशासनिक सेवा के जिस अधिकारी ने केंद्रीय गृह सचिव का कार्यभार ग्रहण किया- राजीव गौबा

•    स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति तीन दिन की भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंची, उनका नाम है- डोरिस लोइतहार्ट 

•    केंद्र सरकार ने सेना के जिस एयरपोर्ट को यात्री विमानों की उड़ानों हेतु मंजूरी प्रदान की- हिंडन एयरपोर्ट

•    पाकिस्तान के जिस सलामी बल्लेबाज पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया है- शर्जील खान

•    वह स्थान जहां हाल ही में एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने पर 12 लोगों का निधन हो गया – मुंबई

•    वह राज्य जिसमें हाल ही में ई-कचरे के निपटान के लिए अभियान शुरू किया गया – केरल

•    इनकी अध्यक्षता में बनाई गयी समिति की सिफारिशों के तहत सेना में सुधारों हेतु 65 सिफारिशें लागू करने का निर्णय लिया गया - लेफ्टिनेंट जनरल डी. बी. शेकटकर (सेवानिवृत्त)

30 August 2017(Wednesday)

September 01, 2017 0
30 August 2017(Wednesday)

दैनिक समसामयिकी

1.धर्मस्थलों को विशेष मुआवजा नहीं : मकानों और दुकानों की तरह ही धर्मस्थलों को आर्थिक मदद दे सकती है सरकार : सुप्रीम कोर्ट

• सांप्रदायिक दंगों या ¨हसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धर्मस्थल विशेष मुआवजे के हकदार नहीं हैं। क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का सारा खर्च उठाने के लिए सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता।
• सरकार हिंसा  में क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों आदि के समान ही धार्मिक स्थलों को भी नीति बनाकर आर्थिक मदद दे सकती है। इस दिशा में गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को बड़ी जीत मिली।
• सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों में क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों की मरम्मत कराने का हाई कोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने क्षतिग्रस्त मकानों व दुकानों की तरह ही धार्मिक स्थलों के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने की सरकार की नीति को तर्कसंगत और सही ठहराते हुए स्वीकृति दे दी।
• इस मामले में विचार का अहम मुद्दा यही था कि क्या धर्मनिरपेक्ष सरकार को हाई कोर्ट धार्मिक इमारतों की मरम्मत पर पैसा खर्च करने का आदेश दे सकता है? इसके अलावा क्या करदाताओं के पैसे को किसी धार्मिक इमारत की मरम्मत पर खर्च किया जा सकता है।
• पूरा मामला अनुच्छेद 27 की व्याख्या से भी जुड़ा था। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र व न्यायमूर्ति पीसी पंत की पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल गुजरात सरकार की याचिका का निपटारा करते हुए अनुच्छेद 27 की व्याख्या और विभिन्न मामलों में मुआवजे का आदेश देने के पूर्व फैसलों को उद्धृत किया है।
• अनुच्छेद 27 की व्याख्या से जुड़े प्रफुल्ल गोरादिया और आर्कबिशप राफेल चीनाथ एसवीडी के फैसलों का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा कि पहले वाले मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा है कि अनुच्छेद 27 का उद्देश्य धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखना है। इ
• स अनुच्छेद का उल्लंघन तब होता है जब देश में एकत्रित कुल आयकर का बड़ा हिस्सा या केंद्रीय उत्पाद शुल्क अथवा बिक्री कर का बड़ा हिस्सा किसी विशेष धर्म या धार्मिक संस्था को बढ़ावा देने अथवा उसके रखरखाव पर खर्च किया जाए।
• हालांकि कोर्ट ने बड़े हिस्से और अपेक्षाकृत छोटे हिस्से में अंतर किया है। पीठ ने कहा कि आर्कबिशप फैसले में कोर्ट ने विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया है और कहा है कि विभिन्न समूहों के बीच विमर्श करके शांति बनाए रखना और पीड़ितों को संभव सहायता देना सरकार का कर्तव्य है।
• उस फैसले में कोर्ट ने सरकार को धार्मिक स्थलों के बारे में नीति बनाने को कहा था। इस मौजूदा मामले में भी कोर्ट ने सरकार को नीति बनाने के आदेश दिए थे।
• सरकार ने नीति तैयार की है। नीति का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद उन्होंने पाया कि सरकार ने सहायता राशि की अधिकतम सीमा तय की है। कोर्ट ने कहा कि नीति में दिए गए नियम व शर्ते तर्कसंगत हैं। धार्मिक स्थलों को अधिकतम सहायता राशि की जो सीमा तय की गई है वह रिहायशी मकानों के बराबर है।
• सरकार सभी धर्मो के साथ समान व्यवहार करे : कोर्ट ने कहा कि संविधान के तहत सरकार का कर्तव्य है कि वह सभी धर्मो और विश्वास को मानने वालों के साथ समान व्यवहार करे। लोगों को अपने धर्म और विश्वास को मानने की पूरी आजादी है और राज्य का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
• कोर्ट ने कहा कि संपत्ति और पूजा स्थलों की सुरक्षा धर्मनिरपेक्षता का अहम हिस्सा है। प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे की धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। राष्ट्र की एकता और अखंडता को देखते हुए इस सिद्धांत को संवैधानिक स्कीम में स्वीकार किया गया है।

2. अदालतों के प्रदर्शन का सूचकांक बनना चाहिए : नीति आयोग

• न्यायपालिका के समक्ष लगे केसों के भंडार पर अलग-अलग तरह से चिंता जताई जा चुकी है। यही वजह रही कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जेएस खेहर को गर्मियों में भी अदालतें लगाने का निर्देश देना पड़ा, लेकिन नीति आयोग का मानना है कि केवल इतने भर से ही काम नहीं चलने वाला।
• लंबित केसों की संख्या में कमी लानी है तो न्यायिक प्रदर्शन सूचकांक की प्रणाली को लागू करने पर विचार करना होगा। इसके साथ ही भर्तियों को जल्द पूरा करने के लिए ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू करना बेहतर रहेगा। इससे भर्तियां जल्द होंगी।
• आयोग का मानना है कि निचली अदालतों में केसों का अंबार चिंताजनक है। जिला अदालतें सीधे हाई कोर्ट की निगरानी में काम करती हैं, इसलिए प्रदर्शन सूचकांक व्यवस्था लागू करने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। हाई कोर्ट इसके लिए अपनी तरफ से भी व्यवस्था सुधार के लिए कदम उठा सकते हैं। इसमें वे अलग-अलग तरह के मामलों के लिए समय सीमा निर्धारित कर सकते हैं।
• हाई कोर्ट डाटा के आधार पर बीते सालों के आंकड़ों पर नजर डालकर यह भी पता लगा सकते हैं कि पहले सेअब का प्रदर्शन कैसा रहा है। आयोग ने जिला अदालतों के कामकाज में तेजी लाने के लिए दूसरे देशों के मॉडल से प्रेरणा लेने की भी आवश्यकता जताई है। सुनवाई व फैसले जल्द हो इसके लिए जजों पर से प्रशासनिक कामकाज का भार हटाने के लिए कहा गया है।
• इस काम को दूसरे अधिकारियों के पास स्थानांतरित करने को कहा गया है। जजों का सालाना मूल्यांकन भी सुनवाई की प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है।

3. उच्च विकास दर वाले राज्यों में ज्यादा आसान है कारोबार की राह

• उच्च विकास दर वाले राज्यों में कारोबार की राह आसान है। ऐसे राज्यों में जो भी कंपनियां अपना व्यवसाय शुरू करती हैं, उन्हें जमीन अधिग्रहण और कंस्ट्रक्शन में अड़चनें कम आती हैं। इसके अलावा पुरानी कंपनियों की तुलना में स्टार्टअप्स के लिए भी व्यवसाय शुरू करना अपेक्षाकृत आसान है।
• यह अहम खुलासा नीति आयोग की रिपोर्ट ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: एन एंटरप्राइजेज सर्वे ऑफ इंडियन स्टेट्स’ में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार उच्च विकास दर वाले राज्यों में उद्यमों को ईज ऑफ डूइंग के लगभग सभी पहलुओं के संबंध में कारोबार शुरू करने में कम समय लगता है।
• दूसरी ओर जिन राज्यों की विकास दर कम है, वहां व्यवसाय शुरू करने में अधिक समय लगता है। दरअसल उच्च विकास दर वाले राज्यों में कंस्ट्रक्शन परमिट, श्रम, बिजली और पानी के संबंध में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में इन राज्यों में कम समय लगता है।
• इसके अलावा उच्च विकास दर वाले राज्यों में कंपनियों को बिजली की किल्लत का भी सामना नहीं करना पड़ता जबकि निम्न विकास दर वाले राज्यों में बिजली कटौती की शिकायत रहती हैं।
• रिपोर्ट के मुताबिक पुरानी कंपनियों की तुलना में स्टार्ट अप को कारोबार शुरू करने में कम समय लगता है। नीति आयोग के सूत्रों का कहना है कि बीते तीन वर्ष में देश में कारोबार शुरू करने के माहौल में काफी सुधार आया है। इस रिपोर्ट को देखने पर भी यह सुधार अलग-अलग रूप में परिलक्षित होता है।
• नीति आयोग ने यह सर्वे देशभर में छोटी-बड़ी 3,276 कंपनियों से सवाल पूछकर किया है। इस सर्वे में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की 23 श्रेणियों को कवर किया गया है। यह पहला ऐसा सर्वे है जिसमें सरकार की ओर अब तक ईज ऑफ डूइंग के लिए हुए उपायों के जमीनी प्रभाव को दर्शाया गया है।
• सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और वाणिज्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक की थी।

4. नोटबंदी पर संसदीय समिति की रिपोर्ट बेजान

• संसद की एक समिति ने नोटबंदी पर अपनी ही रिपोर्ट के मसौदे को नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया है। सदस्यों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं दी हैं। यह भी नहीं बताया है कि बंद किए गए 500 और 1000 रुपये के नोट कितने थे।
• सूत्रों ने बताया कि इस रिपोर्ट को स्वीकार करने को टाल दिया गया क्योंकि वित्त पर संसद की स्थायी समिति के सदस्य अलग-अलग दलों के कई सांसदों ने इस रिपोर्ट को नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में जान नहीं है।
• सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली की अगुवाई वाली समिति का कार्यकाल 31 अगस्त को पूरा हो रहा है। ऐसे में इस रिपोर्ट को समिति के नए सिरे से गठन के बाद ही स्वीकार किए जाने की संभावना है।
• समिति की मंगलवार को हुई बैठक में दो सदस्यों नरेश अग्रवाल और नरेश गुजराल ने इस दस्तावेज को नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया। वहीं बीजू जनता दल के सांसद बी महताब ने कहा कि मसौदे में जान नहीं है।
• उन्होंने कहा कि इसके अलावा समिति के एक सदस्य पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मानना है कि नोटबंदी के बाद डिजिटलीकरण पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए। भाजपा सांसद निशिकान्त दुबे ने कहा कि रिजर्व बैंक ने पूरा ब्योरा और सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है, ऐसे में यह दस्तावेज पूर्ण नहीं है।
• रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल दो बार समिति के समक्ष उपस्थित हो चुके हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक अभी तक यह नहीं बता पाया है कि नोटबंदी के बाद कितने बंद किए गए नोट बैंकों के पास वापस आए हैं। नोटबंदी की घोषणा पिछले साल नवंबर में की गई थी।

5. संयुक्त राष्ट्र ने कजाखिस्तान में खोला यूरेनियम बैंक

• अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) ने कजाखिस्तान में निम्न संवर्धित यूरेनियम बैंक खोला है। इसका मकसद राजनीतिक या बाजार के चलते बाधा खड़ी होने पर परमाणु ईंधन की आपूर्ति को सुनिश्चित करना है।
• परमाणु ईंधन रिजर्व मंगलवार को खोला गया। इसमें 90 टन निम्न संवर्धित यूरेनियम (एलईयू) का भंडारण किया जाएगा। यह लाइट वाटर न्यूक्लियर रिएक्टरों के लिए ईंधन बनाने की जरूरी सामग्री है। ये रिएक्टर बिजली पैदा करते हैं।
• एलईयू आमतौर पर खुले बाजार या देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते के तहत खरीदा जाता है।
• यूरेनियम बैंक एलईयू की आपूर्ति को सुचारु रखने के उद्देश्य से खोला गया है। आइएईए का कहना है कि यह भंडारण उन स्थितियों के लिए है जिसमें संयुक्त राष्ट्र का कोई सदस्य देश किसी वजह से परमाणु ईंधन हासिल नहीं कर सकता।
• हालांकि वैश्विक उपयोग के लिहाज से 90 टन का रिजर्व कम हो सकता है लेकिन इससे किसी बड़े शहर के लिए तीन साल तक बिजली पैदा की जा सकती है।

6. गेहूं की दस नई प्रजातियों पर मुहर

• बनारस हिन्दू  विश्वविद्यालय (बीएचयू)के कृषि विज्ञान संस्थान से देश को 10 नई बेहतरीन प्रजातियां मिल गई हैं। 11 वैज्ञानिकों के पैनल ने गहन चर्चा के बाद गेहूं की छह और जौ की चार प्रजातियों पर अपनी मुहर लगाई।
• हालांकि कृषि विज्ञान संस्थान में इस बार स्वीकृति के लिए कुल 11 प्रजातियां आई थीं लेकिन किन्हीं कारणों से जौ की एक प्रजाति को वैज्ञानिकों की संस्तुति नहीं मिल पाई। बनारस हंिदूू विश्वविद्यालय की प्रजाति को अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
• बताया जा रहा है कि इस पर आइसीएआर की मुहर लगनी बाकी है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्याल के वैज्ञानिकों ने गेहूं की एक नई प्रजाति तैयार की है।1देश को गेहूं व जौ की नई प्रजातियों को संस्तुति देने के लिए 25 अगस्त से ही संस्थान के शताब्दी प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय गेहूं व जौ समन्वित विकास परियोजना सम्मेलन चल रहा था।
• सम्मेलन के तीसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने वैज्ञानिकों को सम्मानित किया था।
• देश भर के 20 केंद्रों पर वैज्ञानिक पुष्टि के बाद फसलों की नई प्रजातियां यहां प्रस्तुत की गई थीं। संस्थान के निदेशक प्रो. ए. वैशंपायन ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की मुहर नहीं होने के कारण बीएचयू को यह उपलब्धि नहीं मिल पाई है। हां, अगले दो-तीन माह में यहां की नई प्रजाति रिलीज हो जाएगी।

7. 113 साल में 156 जिलों में बारिश घटी; 82 जिलों में बढ़ी, यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड में तो कभी बारिश बढ़ी ही नहीं

• तीन तिहाई मानसून बीत जाने के बाद भी देश के 34 फीसदी हिस्से में सामान्य से कम बारिश हुई है। करीब 13% हिस्से में सामान्य से अत्याधिक बारिश हुई है। देशभर में अब तक औसतन 5% कम बारिश हुई है। मौसम के इस असामान्य पैटर्न को समझने के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने 113 साल की बारिश के आंकड़ों का एनालिसिस किया है।
• देश में पहली बार इस तरह की स्टडी की गई है। 1901 से 2013 तक के मानसून और पूरे साल की बारिश के विश्लेषण में यह बात निकलकर आई है कि बारिश लगातार घट रही है। इससे आने वाले समय में पानी की बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
• देश के 632 जिलों में से 156 जिलों में बारिश घटी है। जबकि 82 जिलों में बारिश बढ़ने का ट्रेंड मिला है। दिल्ली एनसीआर के जिलों में बारिश सबसे अधिक घटी है। दिल्ली , यूपी, उत्तराखंड और पुडुचेरी में इन 113 साल के रिकार्ड में बारिश बढ़ने का ट्रेंड एक भी साल में सामने नहीं आया है।
• दिल्ली के सभी 8 जिले और एनसीआर के सभी आठ जिलों में भी बारिश घटी है। भारतीय मौसम विभाग की पूर्व उप महानिदेशक सुरिंदर कौर के नेतृत्व में यह स्टडी की गई है। उनके मुताबिक देश में मल्टी क्रॉपिंग और बढ़ती आबादी में पानी की जरूरत 2050 तक दोगुना होने की संभावना है।
• बारिश घटने बढ़ने का जो ट्रेंड मिला उसमें प्रशासन को जल संसाधनों का सही प्रबंधन, वितरण, संरक्षण भंडारण के उपाय करने में मदद मिलेगी
• देश में 25% जिलों में कुछ ही घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई। अब तक 20 से अधिक बार
• देश में 25% जिलों में कुछ ही घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई। अब तक 20 से अधिक बार अत्याधिक बारिश हुई है। इस श्रेणी में वे क्षेत्र हैं, जहां एक दिन में 250 मिमी या उससे ज्यादा बारिश हुई।
• चंडीगढ़ में 21 अगस्त को 115 मिमी बारिश हुई। यानी सीजन की 15% बारिश। बेंगलूरु में भी एक दिन में 150 मिमी पानी बरसा। यानी सीजन की 30% बारिश।
• राजस्थान के माउंट आबू में महज तीन दिन में सीजन की 50% बारिश हुई। 72 घंटे में 1715 मिमी बारिश हुई।
• एक दिन में 124 से 244 मिमी के बीच बारिश की 100 घटनाएं हुईं। ऐसे मे बाढ़ आना तो तय ही है।
• 25% जिलों में बारिश घटी और 13% में बढ़ने का ट्रेंड दिखा . 25%जिलों में बारिश में कमी आई है। 13% जिलों में बारिश बढ़ी है। 1917 में सबसे अधिक 1426 मिमी बारिश हुई। जबकि 1972 में सबसे कम 912 मिमी बारिश हुई।
• बिहार, मध्यप्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, यूपी के जिलों में बारिश घटी है। जबकि गुजरात, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के जिलों में बारिश बढ़ी है।
• इसके अलावा 1961 से 2013 के पीरियड में 64 जिलों में बारिश का बढ़ने और 85 जिलाें में घटने का ट्रेंड मिला है।
• 18साल में 6 बार सामान्य या उससे ज्यादा बारिश : बीते18 साल में मानसून सीजन ही नहीं, पूरे साल बारिश में कमी आई है। इन 18 साल में मानसून सीजन में 6 बार सामान्य या अधिक बारिश हुई। जबकि पूरे चार बार ऐसा हुआ।
• 2002 में सामान्य से 21% कम बारिश के साथ 2002, 2009, 2012 और 2014 में 10% या उससे अधिक की कमी दर्ज की गई। जबकि सामान्य से अधिक तीन साल 2% और 2013 में9 फीसदी अधिक बारिश हुई।
• पिछले 7 साल के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ी है।

8. जलवायु परिवर्तन से अधिक प्रभावित होते हैं छोटे ग्लेशियर

• बर्फ के रूप में पानी का विशाल भंडार समेटे हिमालय के ग्लेशियरों का जलवायु परिवर्तन से सीधा संबंध है। इनमें कितना पानी इकट्ठा है और जलवायु परिवर्तन का इनपर कितना असर पड़ रहा है यह जानने के लिए हिमालय की एक प्रमुख घाटी में अध्ययन किया गया।
• इसमें सामने आया है कि छोटे और कम ऊंचाई वाले ग्लेशियर जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील होने के कारण ज्यादा प्रभावित होते हैं। साथ ही पता चला है कि बीते तीन दशक में इनके पिघलने से पानी की भारी मात्र निकली है।
• नई तकनीक का किया प्रयोग : हिमालय में ताजे पानी के संग्रहण के बारे में जानना जल संसाधन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि ग्लेशियरों में एकत्र पानी के बारे में जानना मुश्किल कार्य रहा है।
• अब शोधकर्ताओं ने ग्लेशियरों के द्रव्यमान का अनुमान लगाने के लिए एक नई तकनीक का प्रयोग किया है। साथ ही तीन दशक में उनके आयतन में कितनी कमी आई इसका पता लगाने के लिए एक नया मॉडल इस्तेमाल में लाया गया।
• ये डाटा किया शामिल : इसमें सेटेलाइट डाटा, तापमान सूचकांक और संचय क्षेत्र अनुपात विधि को शामिल किया गया, जिससे घाटी में ग्लेशियरों के द्रव्यमान के संतुलन का अनुमान लगाया जा सके।
• यह परिणाम आए सामने : पश्चिमी हिमालय की चंद्र घाटी में जिस स्थान पर अध्ययन किया गया, वहां 146 ग्लेशियर थे। इसमें सामने आया कि 1984 से 2012 के बीच ग्लेशियर कुल आयतन के 19 फीस पिघल गए। वहीं, घाटी में उसी समय के दौरान छोटे और कम ऊंचाई वाले ग्लेशियरों का आयतन 67 फीसद कम हुआ। अध्ययन किए गए ग्लेशियरों का कुल सतह क्षेत्रफल 660 वर्ग किलोमीटर है।
• अनुमान है कि इन ग्लेशियरों का कुल आयतन 62 गीगाटन है। तीन दशक के दौरान इनमें से 11.1 गीगाटन से पानी मुक्त हुआ, जो कि कुल आयतन का पांचवां भाग है।
• पहली बार लगाया ऐसा अनुमान : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु के डेवीचा सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज में प्रोफेसर अनिल वी कुलकर्णी के मुताबिक, पहली बार न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर हमने अनुमान लगाया है कि एक विशाल घाटी में ग्लेशियरों का द्रव्यमान और आयतन कितना है और उनमें से कितना पिघला है।
• बीते 30 वर्षो में ग्लेशियरों में एकत्र पानी और उनके पिघलने का यह पहला अनुमान है। यह अध्ययन एन्नलस ऑफ ग्लेसिओलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

30-08-2017
Current Affairs

1.  प्रधान मंत्री मोदी चीन में 9 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुए
i. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी चीन के फ़ुज़ियान प्रांत में 3 से 5 सितंबर के दौरान आयोजित 9 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, ज़ियामेन में  में भाग लेंगे. प्रधान मंत्री 5 सितंबर से 7 सितंबर तक म्यांमार की देश यात्रा करेंगे.
ii. यह म्यांमार में प्रधान मंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

8 वां  ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 16 अक्टूबर 2016 को गोवा, भारत में आयोजित किया गया था.
ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

2. पहले महीने में जीएसटी का संकलन 92283 करोड़ रुपये
i. माल और सेवा कर, जीएसटी, 1 जुलाई को लागू किया गया था, इसने पहले महीने के राजस्व लक्ष्य से अधिक के संकलन के साथ अच्छी शुरुआत दर्ज की है.वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार,जुलाई में कुल करदाता आधार के 64.42 फीसदी के मुकाबले 92,283 करोड़ रुपये का कर वसूल गया है.
ii. वित्त मंत्री ने कहा कि मुआवजा उपज को छोड़ने के बाद भी, सभी करदाताओं को रिटर्न फ़ाइल का लक्ष्य पार किया जाएगा.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य -

फ्रांस जीएसटी शुरू करने वाला पहला देश था.
केवल कनाडा में दोहरा जीएसटी मॉडल है.

3. श्री राजनाथ सिंह ने "युवा -कौशल विकास कार्यक्रम" का उद्घाटन किया
i. केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने युवा(YUVA ), कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया. यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत दिल्ली पुलिस की एक पहल है.
ii.  दिल्ली पुलिस के युवा पहल का उद्देश्य युवाओं में उनकी क्षमता और कौशल के अनुसार विकास करना है. दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ चयनित युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरी से जुड़े कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए करार किया है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

अनिल बैजल दिल्ली के वर्तमान लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं.

4. भारत-तंज़ानिया संयुक्त व्यापार समिति का चौथा सत्र आयोजित
i. भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की बैठक का चौथा सत्र नई दिल्ली में आयोजित किया गया. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने किया और तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, व्यापार और निवेश मंत्री श्री चार्ल्स जॉन म्यूजेज ने किया.
ii. 2.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ, तंजानिया, भारत के लिए शीर्ष 5 निवेश स्थलों में से एक है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

तंजानिया की राजधानी डोडोमा है.
जॉन मैगुफुली, तंजानिया के वर्तमान राष्ट्रपति हैं.

5. बीएसई बोर्ड ने आशीष चौहान को सीईओ के रूप पुन: नामित किया
i. शीर्ष स्टॉक एक्सचेंज बीएसई के बोर्ड ने अपने प्रमुख आशीष चौहान के पुन: पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दी. चौहान, 2009 में उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में बीएसई में शामिल हुए थे. 2 नवंबर, 2012 को उन्हें पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए एमडी और सीईओ बनाया गया था.
ii. श्री चौहान 1 नवंबर, 2022 तक बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ रहेंगे.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

चौहान ने आईआईटी बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी टेक और आईआईएम कोलकाता से पीजीडीएम किया हैं.
उनके नेतृत्व में, बीएसई ने जनवरी 2017 में गांधीनगर, गिफ्ट सिटी में भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज, भारत इंटरनेशनल एक्सचेंज स्थापित किया.

6. भारतीय होटल कंपनी ने पुनीत छटवाल को एमडी और सीईओ नियुक्त किया
i. टाटा समूह के हॉस्पिटैलिटी फर्म इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने ड्यूश होस्पिटेलिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत छटवाल को अपना प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्त किया.
ii. वह राकेश सरना के स्थान पर पद ग्रहण करेंगे, जो 30 सितंबर सेवानिवृत्त होंगे. आईएचसीएल में शामिल होने से पहले, सरना समूह  - अमेरिका के हयात होटल कारपोरेशन के अध्यक्ष थे.

7. सनथ जयसूर्या के नेतृत्व वाली श्रीलंका की चयन समिति ने इस्तीफा दिया
i.सनथ जयसूर्या की अगुवाई वाली श्रीलंकाई क्रिकेट चयन समिति ने भारत के खिलाफ देश के ख़राब प्रदर्शन के मद्देनजर इस्तीफा दिया.
ii. श्रीलंका ने टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना किया और विराट कोहली की भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला भी हार चुके हैं. श्रीलंका के क्रिकेट उपाध्यक्ष मोहन डी सिल्वा ने पुष्टि की है कि सनथ जयसूर्या के पैनल ने वास्तव में इस्तीफा दिया.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

दयासिरी जयसेकरा श्रीलंका के वर्तमान खेल मंत्री हैं.

8.आईसीईएक्स ने दुनिया का पहला डायमंड फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च किया
i. भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) ने हेजिंग टूल के साथ निर्यातकों को उपलब्ध कराने के लिए दुनिया का पहला फ्यूचर डायमंड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट्स लांच किया. भारत एक वैश्विक हीरा पॉलिशिंग केंद्र है जहां दुनिया में हर 15 रफ़ डायमंड में से 14 को पॉलिश किया जाता है.
ii. लॉन्च में, नवंबर में डिलीवरी के लिए पहले डायमंड कॉन्ट्रैक्ट का कारोबार 3,279 रुपये था. 103 पंजीकृत सदस्यों के साथ, आईसीईएक्स ने नवंबर में वितरण के लिए 1 कैरट डायमंड कॉन्ट्रैक्ट शुरू किया है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज लिमिटेड एससीआरए, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज माना जाता है.
श्री अशोक सिन्हा, आईसीईएक्स के पब्लिक इंश्योरेंस डायरेक्टर के अध्यक्ष हैं.

9. कजाखस्तान में आईएईए ने परमाणु ईंधन रिजर्व खोला
i. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कजाखस्तान में कम समृद्ध यूरेनियम बैंक खोलने का फैसला किया. आईएईए ने राजनीतिक या बाजार की समस्याओं के चलते विघटन की स्थिति में परमाणु ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह बैंक खोला है.
ii. यह रिज़र्व 90 टन, कम-समृद्ध यूरेनियम (एलयूयू) के साथ खोला गया है, यह आवश्यक घटक है जो लाइट-वाटर परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन बनाने के लिए जरूरी है, जिससे बिजली उत्पन्न होती है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

आईएईए एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देता है.
एजेंसी को 1957 में एक स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित किया गया था.
इसका मुख्यालय वियना में स्थित है.

10. यूट्यूब ने पहली बार अपने लोगो में बदलाव किया
i. गूगल के स्वामित्व वाली यूट्यूब ने अपने प्रतिष्ठित लोगो को रिफ्रेश किया और अपने डेस्कटॉप और मोबाइल एप्लिकेशन में कुछ प्रमुख डिजाइन परिवर्तन प्रस्तुत किए.
ii. मामूली बदलाव के विपरीत, यह यूट्यूब लोगो का वर्षों में सबसे बड़ा परिवर्तन है. लोगो नाम के "ट्यूब" भाग के अंदर लाल रंग को हटा दिया गया है और यूट्यूब नाम के बाईं तरफ अब परिचित प्ले आइकन को दिखाता है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

सुसान डी. वोकोकिकी यूट्यूब के सीईओ हैं

11. केनारा एचएसबीसी ओरिएंटल लाइफ ने 'पीओएस' उत्पाद का शुभारंभ किया
i. केनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (CHOICE) ने मास-मार्केट सेगमेंट को लक्षित करने के लिए 'पॉइंट ऑफ सेल' उत्पाद शुरू किया. 'पीओएस -उत्पाद, 'इजी बीमा प्लान' कंपनी का पहला पीओएस उत्पाद है और यह एक शुद्ध अवधि बीमा योजना है.
ii. हालांकि यह उत्पाद शुरू में कैनरा बैंक के एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के माध्यम से शुरू किया गया है, यह अगले दो महीनों में केनरा बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की बैंक शाखाओं में उपलब्ध होगा.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

अनुज माथुर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.
केनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को जून 2008 में शुरू किया गया था.

12. एक्सिस बैंक ने फ्रेयेर एनर्जी के साथ समझौता किया
i. सौर ऊर्जा सेवा कंपनी फ्रेयेर एनर्जी ने एक्सिस बैंक के साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोलर रूफटॉप इंस्टालेशन के लिए 5 लाख से 50 लाख रुपये तक के 5 साल की अवधि के लिए  ऋण की पेशकश के लिए समझौता किया
ii. औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए फ्रेयेर एनर्जी सौर संयंत्रों को स्थापित करने के लिए एमएसएमई और स्व-नियोजित व्यक्तियों को ऋण दिया जाएगा. पिछले तीन वर्षों में, फ्रीयर ने भारत और घाना में 14 राज्यों में 800 से अधिक सौर संयंत्रों को स्थापित किया हैं.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

शिखा शर्मा एक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं.
एक्सिस बैंक का मुख्यालय मुंबई में स्थित है.

13. नीति आयोग ने महिलाओं के लिए ट्रांसफार्मिंग इंडिया अवार्ड्स घोषित किए
i. नीति आयोग ने MyGov और संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से महिला ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवार्ड्स, 2017 के विजेताओं की घोषणा की. 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर लांच किये गए इस अवार्ड का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओ को बढ़ावा देना है जो कम प्रसिद्ध है परन्तु उनके प्रयासों के माध्यम से महिलाओ के जीवन में बदलाव आ रहा है.
ii. कपड़ा और सूचना एवं प्रसारण मंत्री, स्मृति ईरानी ने शीर्ष 12 विजेताओं को समाज को बदलने में उनकी हिम्मत और भूमिका के लिए सम्मानित किया.

शीर्ष  6 विजेता -

लक्ष्मी अग्रवाल- महिलाओं के खिलाफ हिंसा के लिए .
सैफीना हुसैन- भारत के सबसे पिछड़े जिले में लड़कियों की शिक्षा के लिए काम करना.
कमल कुंभार- खुद की तरह महिलाओं को अपने उज्जवल कल के सपनों का एहसास कराने के लिए.
सुभासिनी मिस्त्री - जरूरतमंदों के लिए एक अस्पताल बनाने के लिए दो दशकों से काम करने के लिए.
अरुणिमा सिन्हा - दुनिया की सबसे उच्चे पर्वत पर चढ़ने वाली पहली महिला दिव्यांग है.
जमुना टुडू- ने झारखंड के अपने गांव के करीब 50 हेक्टेयर की जंगल की जमीन का संरक्षण किया
iii. अन्य 6 रनर अप हैं - राजलक्ष्मी बोर्तकूर, हर्षि कान्हेकर, सुनीता कांबले, किरण कानोजिया, शिमा मोडक और कनिका तेक्रिवाल है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

अमिताभ कांत नीती आयोग के सीईओ हैं.
अरविंद पानगहरिया, नीति आयोग के उपाध्यक्ष है.

14. पहले महीने में जीएसटी का संकलन 92283 करोड़ रुपये
i. माल और सेवा कर, जीएसटी, 1 जुलाई को लागू किया गया था, इसने पहले महीने के राजस्व लक्ष्य से अधिक के संकलन के साथ अच्छी शुरुआत दर्ज की है.वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार,जुलाई में कुल करदाता आधार के 64.42 फीसदी के मुकाबले 92,283 करोड़ रुपये का कर वसूल गया है.
ii. वित्त मंत्री ने कहा कि मुआवजा उपज को छोड़ने के बाद भी, सभी करदाताओं को रिटर्न फ़ाइल का लक्ष्य पार किया जाएगा.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य -

फ्रांस जीएसटी शुरू करने वाला पहला देश था.
केवल कनाडा में दोहरा जीएसटी मॉडल है.

15.नरेंद्र मोदी ने सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया
i. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उदयपुर, राजस्थान में 15,000 करोड़ रुपये के राजमार्ग और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया.
ii. उन्होंने कोटा में चंबल पुल का भी उद्घाटन किया. मोदी ने 5,610 करोड़ रुपये के 12 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया और 9,490 करोड़ के 11 परियोजनाओं के लिए नींव रखी.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हैं.
श्री कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल हैं.