*• भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के साधारण परिवार वडनगर में हुआ था। नरेंद्र मोदी ने कभी फौज में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखा था। खुद उनके मुताबिक वह गुजरात के सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। चाय बेचनेवाले एक साधारण से इंसान से देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर भी बेहद रोचक है। ऐसे में आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें*
👉🏻 नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वड़नगर में दामोदार दास मूलचंद मोदी और हीराबेन के यहां हुआ। नरेंद्र मोदी वड़नगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे। नरेंद्र मोदी स्कूल में औसत छात्र थे।
👉🏻 नरेंद्र मोदी 5 भाई-बहनों में से दूसरे नंबर की संतान हैं। नरेंद्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था। नरेंद्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी।
👉🏻 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई। यही नहीं, वहां लगे शिविर में मोदी जाकर उनके लिए खाने का भी इंतजाम करते थे।
👉🏻 छोटी उम्र में उनकी शादी जशोदा बेन चिमनलाल से हुई थी, लेकिन इसके बाद पारिवारिक परेशानी के चलते उन्होंने सन् 1967 में घर छोड कर सन्यास लेने का फैसला कर लिया था।
👉🏻 मोदी जब अपने स्कूल के दौर में थे उस वक्त वह अपने स्कूल में कई सारे नाटकों में भाग लिया करते थे। उन्हें नाटक औऱ रंगमंच से बेहद लगाव थे। यही नहीं गुजराती होने के बवजूद वह हिंदी में कविताएं और कहानियां लिखते थे।
👉🏻 नरेंद्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे।
👉🏻 मोदी बचपन से ही बेखौफ थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार उनहोंने घर के पास वाले तलाब से घड़ियाल पकड़ लिया और उसे घर लाए। हालांकि बाद में मां के कहने पर वापस उसे छोड़कर आए।
👉🏻 मोदी को बचपन से संन्यासी बनने की इच्छा थी, इसलिए किसी को बिना बताये 2 साल तक वे साधु बनकर हिमालय में रहे थे। वापस आने के बाद मोदी भाई के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे।
👉🏻 नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशन से संबंधित तीन महीने का कोर्स किया है।
👉🏻 संघ प्रचारकों को दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं थी लेकिन नरेंद्र मोदी ने अन्य प्रचारकों के विपरीत दाढ़ी रखते और उसे ट्रीम भी करवाते थे।
👉🏻 नरेंद्र मोदी अहमदाबाद संघ मुख्यालय में वहां के सारे छोटे काम करते जैसे साफ-सफाई, चाय बनाना और बुर्जुग नेताओं के कपड़े धोना शामिल है।
👉🏻 जब नरेंद्र मोदी प्रचारक थे तो उन्हें स्कूटर चलाना नहीं आता था। शकरसिंह वाघेला उन्हें अपनी स्कूटर पर घुमाया करते थे
👉🏻 भारत के राजनीतिक इतिहास का काला दिन कहे जाने वाले इमरजेंसी के दौरान सरदार का रूप धरकर ढाई सालों तक पुलिस को छकाते रहे।
👉🏻 नरेंद्र मोदी ने संघ में कुर्ते की बांह छोटी करवा लीं, ताकि वह ज्यादा खराब न हो, जो वर्तमान में मोदी ब्रांड का कुर्ता बन गया है और देशभर में मशहूर है।
👉🏻 मोदी महान विचारक और युवा दार्शनिक संत स्वामी विवेकानंद से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने गुजरात में ‘विवेकानंद युवा विकास यात्रा’निकाली थी।
👉🏻 मोदी पतंगबाजी के शौकीन हैं। इतना ही नहीं उन्हें फोटोग्राफी का भी बेहद शौक है। बचपन में भी उन्होंने फोटोग्राफी में ही दिलचस्पी दिखाई थी।
👉🏻 नरेन्द्र मोदी कोई भी नया काम शुरू करने से पहले अपनी मां का आशीर्वाद जरूर लेते हैं। चुनाव में मिली जीत के बाद जब वह गुजरात गए तो अपनी मां से जाकर आशीर्वाद लिया।
👉🏻 मोदी शुद्ध शाकाहारी हैं वह पूरे नवरात्रों में केवल पानी पीकर रहते हैं। उन्होंने सिगरेट, शराब को कभी हाथ नहीं लगाया हैं। योगा करना और सुबह जल्दी उठना उनके रूटीन में शामिल है।
👉🏻 पढ़ने का शौक रखने वाले नरेंद्र मोदी ने अपने ही आवास में एक बड़ी लाइब्रेरी भी मौजूद है। अकसर वह अपना खाली समय इस लाइब्रेरी में किताबें पढ़कर बिताते हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वो प्रधानमंत्री बने उसके 2 महीने में उनकी 40 से ज्यादा जीवनियां आईं। क्योंकि लोग उनके बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं।
👉🏻 मोदी नए स्टाइल और नई तकनीक को बेहद अहम मानते हैं। यही वजह है कि लोगों से जुड़े रहने के लिए वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी सक्रिय रहते हैं।
