Friday, September 8, 2017

महत्वपूर्ण पुरस्कार

September 08, 2017 0
महत्वपूर्ण पुरस्कार

महत्वपूर्ण पुरस्कार

ज्ञानपीठ पुरस्कार –
आधुनिक बांग्ला कवि और साहित्यिक आलोचक शंख घोष को वर्ष 2016 के 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया.
बिहारी पुरस्कार –
हिंदी साहित्यकार डॉ सत्यनारायण को उनकी पुस्तक ‘यह एक दुनिया’ के लिए वर्ष 2016 का बिहारी
पुरस्कार दिया गया.
मूर्तिदेवी पुरस्कार –
मलयालयम लेखक M P वीरेंद्र कुमार उनकी पुस्तक “हैमवाता भूमिइल”के लिए 2016 का 30 वां मूर्तिदेवी पुरस्कार प्रदान किया गया.”हैमवाता भूमिइल ” एक यात्रा वृतांत है जिसका हिंदी अनुवाद “वादियां बुलाती है हिमालय की” नाम से किया गया है.
सरस्वती सम्मान
कोंकणी भाषा के साहित्यकार महाबलेश्वर सैल को उनके ‘उपन्यास’ हाउटन के लिए वर्ष 2016 का सरस्वती पुरस्कार प्रदान किया गया.

व्यास सम्मान –
हिंदी साहित्यकार सुरेंद्र वर्मा को वर्ष 2016 के 26 वें व्यास सम्मान ,उनके पुस्तक “काटना शमी की वृक्ष :पद्म पंखुरी की धार से” के लिए दिया गया.
मेन बुकर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2017
इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन को उनके उपन्यास ‘ए हॉर्स वाक्स इन टू ए वार’ के लिए मेन बुकर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2017 से सम्मानित किया गया.
गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार
हिंदी पत्रकारिता एवं रचनात्मक साहित्य के लिए बलदेव भाई व राहुल देव को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार प्रदान किया गया.
कुलदीप नैय्यर पुरस्कार
कुलदीप नैय्यर पुरस्कार ,टीवी पत्रकार रवीश कुमार को प्रदान किया गया.
फोटोग्राफी में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
वरिष्ठ फोटोग्राफर रघु रॉय को राष्ट्रिय फोटोग्राफी पुरस्कार में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
साहित्य अकादमी पुरस्कार
साहित्य अकादमी ने वर्ष 2016 के लिए 24 भारतीय भाषाओँ के रचनाकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किए.उत्तर प्रदेश की नासिरा शर्मा को हिंदी में उनकी कृति पारिजात के लिए अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
मिस इंडिया 2017 – मानुषि छिल्लर (हरियाणा)
मिस्टर इंडिया 2017 – सुनीत जाधव (महाराष्ट्र )
मिस यूनिवर्स 2016 – आइरिस मितेनाएरे.
मिस वर्ल्ड 2016 -स्टेफनी डेल वेले.
मार्कोनी लाइफटाइम पुरस्कार
प्रोफेसर थॉमस कैलथ को सुचना एवं प्रणाली विज्ञान में उनके योगदान के लिए मार्कोनी लाइफटाइम पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
युवा वैज्ञानिक पुरस्कार – राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने यह पुरस्कार प्रो विक्रम विशाल को प्रदान किया.
यूनेस्को पुरस्कार
नैनो विज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी के विकास में उल्लेखनीय योगदान हेतु यूनेस्को ने भारत सरकार के सचिव प्रो आशुतोष शर्मा को वर्ष 2017 के यूनेस्को पुरस्कार से सम्मानित किया.
पहला कल्पना चावला स्कॉलरशिप-महाराष्ट्र के सोनल बवरवाल को पहला कल्पना चावला स्कॉलरशिप देने की घोषणा की गई.
गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल पुरस्कार – प्रफुल्ल सामंत्रा.
एबेल पुरस्कार
फ्रांसीसी वैज्ञानिक वाइवेस मेयर को वेवलेट्स के गणितीय सिद्धांत के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2017 के एबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
कायाकल्प पुरस्कार -एम्स को साफ सफाई के मामले में कायाकल्प पुरस्कार के तहत प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया.
सस्त्र रामानुजन पुरस्कार -गणित के लिए वर्ष 2016 का सस्त्र रामानुजन पुरस्कार फ़िनलैंड की काइसा मतोमाकी और कनाडा के मैक्सिम रेडजीविल को संयुक्त रूप से दिया गया.
वुडरो विल्सन पुरस्कार फॉर ग्लोबल कॉरपोरेट सिटिजनशिप -ICICI बैंक के प्रमुख चंदा कोचर यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला बनी.
लकी ग्राहक योजना पुरस्कार – शारदा मेंगसेट(1 करोड़)
डीजीधन व्यापार योजना पुरस्कार – आनंद अनंत पद्मनाभन (50 लाख)
गोल्डन पीकॉक पुरस्कार-अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लि. नई दिल्ली को परिवहन क्षेत्र की विमानन श्रेणी में गोल्डन पीकॉक पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
स्टेट ऑफ़ द ईयर -विभिन्न क्षेत्र में सतत विकास के लिए आंध्र प्रदेश को इंडिया बिजनेस लीडर्स अवार्ड श्रृंखला में स्टेट ऑफ़ द ईयर सम्मान से सम्मानित किया गया.
सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट सुरक्षा का अवार्ड – इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली
जापान का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार – भारत के कृषि वैज्ञानिक श्री हरी चंद्रघाटगी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार – UAEमें रहने वाली भारतीय मूल की क्षात्रा कहकशां बासु को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार दिया गया.
विटले अवार्ड – असम के पूर्णिमा बर्मन एवं कर्णाटक के संजय गुब्बी को पर्यावरण संरक्षण के लिए यह पुरस्कार दिया गया.

यूनेस्को शांति पुरस्कार -इटली के ग्यूसेपिना निकोलिनी को शरणार्थियों की ज़िन्दगी बचने के लिए यूनेस्को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

8 Sep 2017 GK Q&A

September 08, 2017 0
8 Sep 2017 GK Q&A

1. किस भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने सर्वप्रथम ओलम्पिक पदक जीता? – *लिएंटर पेस ने*

2. शीतकालीन ओलम्पिक खेल किस वर्ष प्रारंभ किए गए? – *1924 ई. में*

3. ‘नेटवेस्ट ट्राफी’ किस खेल से संबंधित है? – *क्रिकेट से*

4. कबड्डी खेल के एक पक्ष में खिलाड़ियों की संख्या कितनी होती है? – *7 (सात)*

5. ओलम्पिक म्यूजियम कहाँ स्थित है? – *लोसाने (स्विट्जरलैंड) में*

6. भारत का राष्ट्रीय खेल क्या है? – *हॉकी*

7. गोल्फ गेंद का वजन कितना होता है? – *1.5 औंस*

8. टाइगर वुड्स किस देश के गोल्फ खिलाड़ी है? – *U.S.A.*

9. ‘शिवाजी स्टेडियम’ (दिल्ली) किस खेल से संबद्ध है? – *हॉकी से*

10. ‘बनाना किक’ शब्द किस खेल से संबद्ध है? – *फुटबॉल से*

11. किसी अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में खिताब जीतने वाला भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट ने कौन-सा खिताब जीता? – *फ्रेंच ओपन बैडमिंटन का*

12. ‘सडेन हेथ’ शब्द किस खेल से संबद्ध है? – *कुश्ती से*

13. भारत का सबसे पुराना फुटबॉल क्लब कौन-सा है? – *(1889 में स्थापित)*

14. ‘बुल्स आई’ किस खेल स्पर्धा से संबंद्ध है? – *निशानेबाजी से*

15. चीन का राष्ट्रीय खेल क्या है? – *टेबल टेनिस*

16. अंजली भागवत किस खेल से सम्बन्धित है? – *राइफल शूटिंग से*

17. ‘ग्राउंड स्ट्रोक’ शब्द किस खेल से संबंधित है? – *टेबल टेनिस से*

18. ‘सवाई मानसिंह स्टेडियम’ कहाँ स्थित है? – *जयपुर में*

19. पोलो खेल में प्रत्येक पक्ष के खिलाड़ियों की संख्या कितनी होती है? – *4*

20. अमेरिका कप किस खेल से संबंधित है? – *बास्केटबॉल से*

21. किस खेल को प्रारंभ करने के तरीके को गैम्बिट कहा जाता है? – *शतरंज को*

22. ‘रोइंग’ शब्द किस खेल से संबद्ध है? – *नौकायन से*

23. ‘चाइना कप’ किस खेल से संबंधित है? – *जिमनास्टिक से*

24. फर्नांडो अलोंसो किस खेल से संबंधित है? – *फार्मूला-1 रेस*

25. वालीबॉल को एशियाई खेलों में किस वर्ष शामिल किया गया? – *1958 ई. में*

26. प्रथम डेविड डिक्सन पुरस्कार किसे प्रदान किया गया था? – *नताली डु तोइट को*

27. ट्रेफलगर ट्रॉफी किसे प्रदान की जाती है? – *राष्ट्रमण्डलीय खेलों में भारोत्तोलन की चैम्पियनशिप जीतने वाले देश को*

28. राष्ट्रमंडल खेल का आदर्श वाक्य क्या है? – *ह्यूमनिटी, इक्वलीटि एवं डेस्टिनी*

29. एशियाई खेलों का प्रतीक चिन्ह क्या है? – *चमकता सूरज*

30. जिमनास्टिक में किस आधार पर अंक दिए जाते हैं? – *परेशानी, नवीनता, शालीनता, और आश्वस्त गति के आधार पर*

31. ओलम्पिक खेल कितने वर्षों के अंतराल में आयोजित किए जाते हैं? – *4 वर्ष के अंतराल पर*

32. भारत की ओर से ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाली प्रथम महिला कौन-थी? – *मेरी लीला रो*

33. गामिनी, संजीवनी, अमर, ब्राह्मणी-ये किस खेल के विविध रूप हैं? – *कबड्डी के*

34. किस भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का गौरव प्राप्त है? – *सचिन तेंदुलकर को*

35. हॉकी के खेल का परिमाप कितना होता है? – *100 गज × 60 गज*

36. हॉकी में एक टीम कितने खिलाड़ी बदल सकती है? – *3 खिलाड़ी*

37. प्रसिद्ध गोल्फ खिलाड़ी विजय सिंह किस देश के हैं? – *फिजी के*

38. पंजाब के जालंधर जिले के किस गाँव को ‘नर्सरी ऑफ हॉकी प्लेयर्स’ कहा जाता है? – *संसारपुर*

39. ‘थॉमस कप’ किस खेल से सम्बन्धित है? – *बैडमिंटन*

40. ‘द वर्ल्ड विनीथ फिट’ बैडमिंटन के किस कोच की जीवन कथा है? – *पी. गोपीचंद की*

41. सुशील कुमार किस खेल स्पर्धा से संबद्ध हैं? – *कुश्ती से*

42. ‘सॉसर’ किस खेल का दूसरा नाम है? – *फुटबॉल का*

43. फुटबॉल के गेंद की परिधि कितनी होती है? – *27 इंच से 28 इंच तक (68.5 सेमी. से 71 सेमी)*

44. फुटबॉल का ‘साल्ट लेक स्टेडियम’ कहा है? – *कोलकाता (भारत) में*

45. ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ के लेखक कौन हैं? – *अभिनव बिन्द्रा*

46. मानवजीत सिंह किस खेल से संबद्ध है? – *निशानेबाजी से*

47. भारत में टेबल टेनिस एसोसिएसन कब बना? – *1938 ई. में*

48. ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से विख्यात भारतीय धावक का नाम क्या है? – *मिल्खा सिंह*

49. वर्ष 1868 में मार्किवस ऑफ क्वींसबरी द्वारा किस खेल के नियमों का निर्धारण किया गया था? – *बॉक्सिंग का*

50. चेज, फ्रीजो एव एवं पोन शब्द किस खेल से संबंधित है? – *खो-खो से*

भारत के धनी और निर्धन राज्यों में बढ़ रही है खाई

September 08, 2017 0
भारत के धनी और निर्धन राज्यों में बढ़ रही है खाई

भारत के धनी और निर्धन राज्यों में बढ़ रही है खाई
(दैनिक भास्कर )

अर्थव्यवस्था... इकोनॉमिस्टने कहा- सस्ते श्रम और टेक्नोलॉजी के बावजूद गरीब राज्यों में तेजी से तरक्की होना अर्थशास्त्रियों के लिए पहेली। कई राज्य ऐसे हैं, जहां कंपनियों को काम करने में कठिनाइयां आती हैं।
देशों केलिए धनी होना आसान हो जाता है यदि उनके पड़ोसी पहले से ही धनी हों। पूर्वी एशिया की आर्थिक तरक्की की तुलना हंसों के समूह से की जाती रही है, जिसमें सबसे आगे जापान और आखिर में म्यांमार जैसे पिछड़े देश हैं। यही बड़े देशों में भी दिखता है। मसलन पिछले दशक में चीन के धनी प्रांतों की तुलना में गरीब प्रांतों ने तेजी से आर्थिक तरक्की दिखाई है। भारत में मामला अलग है। एक स्तर पर आना तो दूर, इसके राज्यों में असमानता लगातार बढ़ रही है। टैक्स व्यवस्था में हाल के आमूल बदलाव से स्थिति और खराब हो सकती है।
मुंबई के कुछ पेंटहाउस और बेंगलुरू में स्टार्टअप ऑफिस छोड़ दें तो देश के सारे हिस्से वैश्विक पैमाने पर तुलनात्मक रूप से गरीब हैं। वैसे देश की 1.30 अरब आबादी दुनिया की आबादी का तीन और चार दशमांश होता है। जहां प्रतिव्यक्ति आय (क्रय शक्ति के हिसाब से) 6600 डॉलर (4.23 लाख रुपए) है पर औसत में बड़ा अंतर नहीं दिखता। केरल में औसत व्यक्ति की सालाना आय 9,300 डॉलर (करीब 6 लाख रुपए) है, जो यूक्रेन से अधिक है, और वैश्विक स्तर पर मध्यस्तर की है। लेकिन, 2,000 डॉलर (1.29 लाख रुपए) की सालाना प्रतिव्यक्ति आय के साथ 12 करोड़ की आबादी वाला जमीन से घिरा बिहार वैश्विक स्तर पर एकदम नीचे अफ्रीका का माली या चाड जैसे देशों के साथ है। यह फर्क बढ़ता जा रहा है। विचार समूह आईडीएफसी के प्रवीण चक्रवर्ती और विवेक देहेजिया ध्यान दिलाते हैं कि 1990 में तीन सबसे धनी बड़े राज्यों की आय तीन गरीबतम राज्यों की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा थी। मोटेतौर पर यह फर्क उतना ही था जितना अमेरिका या यूरोपीय संघ में आज है अौर चीन की तुलना में बेहतर था। अब वे तीनों राज्य तीन गुना धनी हैं।
दुनिया के धनी इलाकों में हाल के दशकों में आय में अंतर बढ़ा है लेकिन, भारत का अनुभव अर्थशास्त्रियों को चकरा देता है। गरीब इलाके धनी इलाकों में विकसित टेक्नोलॉजी का फायदा उठाते हैं, जिसमें ट्रेन से लेकर मोबाइल तक की सुविधाएं हैं। गरीब इलाकों के वर्कर कम मजदूरी स्वीकार कर लेते हैं और इसलिए कंपनियां वहां नई फैक्ट्रियां लगाती हैं। यदि माल और लोगों की आवाजाही की बाधाएं दूर की जाएं तो गरीब राज्यों का धनी राज्यों के बराबर आने की प्रक्रिया और तेज हो जाती है। चीन में ऐसा ही हुआ। एक तो बाजार फैक्ट्रियां वहां गईं जहां मजदूरी कम थी और दूसरा सरकार ने गरीब इलाकों में इंफ्रास्ट्ररक्चर पर भारी निवेश किया। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने लिखा था कि राज्यों में बढ़ता फर्क उनके लिए 'बड़ी पहेली' है। 1991 के छोटे से उदारीकरण के दौर ने तीव्र तरक्की के फायदों को असमान ढंग से वितरित करके शुरू में भूमिका निभाई होगी लेकिन, असमानता का वह दौर अब तक स्वत: ठीक हो जाना चाहिए। एक थ्योरी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, लालफीताशाही और सांस्कृतिक बैरियर को दोष देती है। एक राज्य से दूसरे में माल पहुंचाना निर्यात जितना थकाने वाला काम हो सकता है। समानता लाने वाली वृद्धि का जनक आंतरिक आप्रवास सांस्कृतिक भाषा संबंधी बाधाओं का शिकार होता है।
धनी दक्षिणी राज्यों के विपरीत उत्तर के गरीब राज्यों में हिंदी बोली जाती है। खान-पान की आदतें भी इतनी अलग हैं कि प्रवासी परेशान हो जाता है। अपने गृह प्रदेश के बाहर सब्सिडी अन्य फायदे लेना कठिन होता है। सुब्रह्मण्यम इन तर्कों को अतिशयोक्तिपूर्ण मानते हैं। वे कहते हैं, भारत में चीन जितना आप्रवास भी हो पर फिर भी काफी है और बढ़ रहा है। अंतर-राज्यीय व्यापार अच्छा है, जिससे सीमाओं पर ज्यादा अड़चनें होने का पता चलता है।
दूसरी थ्योरी विकास के भारतीय मॉडल को देखती है। सुब्रह्मण्यम दलील देते हैं कि आर्थिक तरक्की श्रमबल आधारित मैन्यूफैक्चरिंग की बजाय आईटी जैसे कौशल पर केंद्रित हो गई है, जो समानता में बाधक है। श्रम कितना ही सस्ता हो लेकिन, शायद निर्धन इलाकों में कौशल का आधार कमजोर होने से वे धनी प्रतिदंद्वियों के यहां जॉब नहीं ले पाते। मोटेतौर पर यही स्पष्टीकरण सही है, वजह है कमजोर शासन। जैसे बिहार में मजदूरी की निम्न दरें आकर्षित करती हैं लेकिन, कई कंपनियों का निष्कर्ष है कि फायदे की तुलना मेें वहां की कठिनाइयां अधिक हैं। यदि यह सही है तो जीएसटी के आने के बाद तोस्थिति और खराब हुई होगी। इससे राज्यों को कुछ वित्तीय स्वायत्तता छोड़नी पड़ी है जैसे निवेशकों को आकर्षित करने के लिए टैक्स में छूट देने का अधिकार। चक्रवर्ती कहते हैं कि इससे गरीब राज्यों का धनी वर्ग में आना और कठिन हो जाएगा।
सुब्रह्मण्यम ध्यान दिलाते हैं कि समानता लाने वाली ताकतें मजबूत हो रही हैं। आमदनी चाहे गिरी हो लेकिन, मानव विकास सूचकांक पर शिशु मृत्युदर और अपेक्षित आयु के मामले में वे तेजी से उस स्तर पर बढ़ रहे हैं, जहां तमिलनाडु जैसे धनी राज्य पहुंच चुके हैं। युवा आबादी बड़े पैमाने पर गरीब राज्यों के लिए अवसर हैं, बशर्ते वे पर्याप्त रोजगार पैदा कर सकें।
आर्थिक तरक्की में समान स्तर ऐसे देश में वांछित है, जहां पिछड़े राज्यों में दुनिया के निर्धनतम लोग रहते हैं। लेकिन, इससे राजनीतिक खतरा भी दूर हो सकता है। वह यह कि धनी राज्य सोच सकते हैं कि इतने गरीब राज्यों के साथ रहना क्या उनके हित में है? कई राज्यों में क्षेत्रीय राजनीतिक दल राष्ट्रीय दलों से स्पर्धा करते हैं और संघीय सरकार में उनका ज्यादातर प्रभुत्व रहा है। वे ऐसी किसी बात को खारिज करते हैं। भारतीय राज्यों की भिन्न दिशा में जाने वाली तरक्की पर प्रश्न चकराने वाले हैं। वे और भी गंभीर हो सकते हैं।

08 September 2017(Friday)

September 08, 2017 0
08 September 2017(Friday)

दैनिक समसामयिकी

1.विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करेगा रिजर्व बैंक

• वित्तीय सेवा एवं सलाह देने वाली संस्था बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि प्रतिकूल वैश्विक  परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा की खरीद करेगा। यह खरीद हर उपलब्ध मौके पर की जाएगी।
• बोफाएमएल के अनुसार, रिजर्व बैंक ने अप्रैल से अब तक हाजिर बाजार में करीब 16 अरब अमेरिकी डालर की खरीद की है। उसने कहा, हमें आगे भी यह उम्मीद रहेगी कि प्रतिकूल नियंतण्र परिस्थिति से मुकाबले के लिए रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करेगा।
• रिजर्व बैंक के पास अभी करीब 11 अगले महीनों तक आयात का खर्च उठाने लायक विदेशी मुद्रा भंडार है जो कि रपए की स्थिरता के लिए हमारे आठ महीने के आकलन से ऊपर है।
•  रिपोर्ट में कहा गया कि रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी करने का एक मुख्य कारण शेयर बाजार की तेजी के कारण पूंजी प्रवाह में सुधार होना है। हालांकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के लिए सरकारी गारंटी की सीमा लगभग समाप्त हो चुकी है।
• रिपोर्ट में बताए गए अन्य कारणों में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी द्वारा सिक्योरिटीज की खरीद (क्वांटिटेटिव ईजींग) में कमी लाने की संभावना से वैश्विक तरलता में सुधार होना और शेयर बाजारों की तेजी की स्थिति में विदेशी निवेशकों द्वारा भारत के उपर चीन को तरजीह देना शामिल है।

2. चुनाव आयोग ने किया संपत्ति के स्रोत  बताने का समर्थन

• चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के अलावा उनके जीवनसाथी और आश्रितों की संपत्ति के साथ ही स्रोत  की भी जानकारी दिए जाने की मांग का समर्थन किया है। गुरुवार को चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में लंबित जनहित याचिका का समर्थन करते हुए कहा कि आयोग स्वयं से इस संबंध में कुछ नहीं कर सकता। मामले में 12 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। तब तक सरकार को यह बताना होगा कि जिन नेताओं की संपत्ति में अचानक इजाफा हुआ है, उनके बारे में क्या जांच हुई और क्या रिपोर्ट आई है।
• गुरुवार को गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की ओर से दायर जनहित याचिका पर बहस चल रही थी। इस दौरान चुनाव आयोग की वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि आयोग इसका समर्थन करता है। उसने इस बारे में सरकार को संस्तुति भी भेजी थी। विधि आयोग की रिपोर्ट में भी ों की संस्तुति की गई है। आयोग स्वयं से कुछ नहीं कर सकता।
• मोहिंदर  सिंह गिल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि अगर किसी मुद्दे पर कोर्ट का आदेश या कानून है, तो वहां आयोग खुद कुछ नहीं कर सकता। इस बारे में या तो सुप्रीम कोर्ट आदेश दे या फिर सरकार कानून बनाए।
• 2002 के एडीआर मामले के संदर्भ में चुनाव में 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की बात चली, तो कोर्ट ने पूछा कि अब कितना खर्च होता है। इस पर अरोड़ा ने कहा कि कुछ निजी संगठनों के मुताबिक 2014 के चुनाव में करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
• बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि सीबीडीटी ने जो हलफनामा दिया है, उसमें पूरी जानकारी नहीं है। उसमें कहा गया है कि जिन नेताओं की संपत्ति में अचानक ज्यादा इजाफा हुआ है, उनके मामलों की जांच की गई। लेकिन, हलफनामे के साथ जांच रिपोर्ट का ब्योरा नहीं है।
• कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई का ब्योरा 12 सितंबर तक दाखिल करने को कहा था।

3. पीएमजीकेवाई में काले धन के तौर पर आए 4,900 करोड़

• पिछले साल नोटबंदी के बाद सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत 4900 करोड़ रुपये काले धन की घोषणा की गई है। इस योजना में 21,000 लोगों ने अपनी अघोषित जमाराशि की घोषणा की।
• सरकार ने लोगों को अघोषित आय की स्वैच्छिक घोषणा के अंतिम अवसर के तौर पर यह स्कीम पेश की थी। इसके तहत लोगों को 50 फीसद टैक्स और जुर्माने के साथ अघोषित आय को मुख्यधारा में लाने का विकल्प दिया गया था। यह स्कीम 31 मार्च चालू रही थी।
• आयकर विभाग के अधिकारी ने बताया, ‘योजना के तहत 21,000 लोगों ने 4,900 करोड़ रुपये के काले धन की घोषणा की। विभाग को इन घोषणाओं से 2,451 करोड़ रुपये टैक्स मिला।’ अधिकारी ने बताया कि विभाग इनमें से कुछ मामलों में कानूनी कार्यवाही पूरी कर रहा है। योजना बंद होने के बाद राजस्व सचिव हंसमुख अढिया ने कहा था कि इस योजना के प्रति लोगों का रुझान बहुत अच्छा या बहुत खराब नहीं रहा। वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि पहले भी इस तरह की योजनाएं सरकार की ओर से चलाई गईं थीं।
• ऐसे में पीएमजीकेवाई को अलग नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि हमें ध्यान रखना होगा कि योजना समीक्षाधीन वित्त वर्ष में अपनी तरह की अकेली योजना नहीं थी।
• इस योजना में अघोषित आय को मुख्यधारा में लाने का विकल्प दिया गया था। इसमें उन्हें 49.9 फीसद टैक्स, सरचार्ज और जुर्माने का भुगतान करना था। साथ ही इसमें यह शर्त भी रखी गई थी कि कुल राशि का 25 फीसद बिना किसी ब्याज के चार साल के लिए बैंक खाते में रखना होगा।
• इससे पहले एक जून 2016 से 30 सितंबर 2016 के बीच सरकार ने आय घोषणा योजना चलाई थी। इसके अंतर्गत 71,726 लोगों ने 67,382 करोड़ रुपये के काले धन की घोषणा की थी।

4. 14 सितम्बर को होगी ’बुलेट‘‘ अध्याय की शुरुआत

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे 14 सितम्बर को देश की पहली एवं बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला संयुक्त रूप से अहमदाबाद में रखेंगे। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि की।
• जापान के प्रधानमंत्री ¨शजो आबे का 12 सितम्बर को भारत में आने का कार्यक्रम है। दोनों नेता साबरमती में बुलेट ट्रेन के यार्ड एवं स्टेशन तथा वडोदरा में बनने वाले प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास करेंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कार्यभार संभालने के दो दिन बाद ही इस परियोजना की समीक्षा की है।
• परियोजना को अमल में लाने के लिए वडोदरा में एक प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां जापानी रेलवे पेशेवर भारतीय हाईस्पीड रेल निगम के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
• इस परियोजना के निर्माण की प्रारंभिक लागत 70 हजार 915 करोड़ रपए होगी, जिसमें भूमि की कीमत भी शामिल है। परियोजना पूरी होने पर यह लागत 97 हजार 636 करोड़ रपए होगी।
• मुंबई से अहमदाबाद तक 12 स्टेशन होंगे : मुंबई, ठाणो, विरार, भोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन होंगे। इस स्टैंर्डड गेज लाइन पर द्रुतगामी सेवा की कुल यात्रा अवधि दो घंटे सात मिनट होगी।
• हर स्टेशन पर रुकने वाली गाड़ी दो घंटा 58 मिनट में यात्रा पूरी करेगी। गाड़ी की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रतिघंटा और वास्तविक गति 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

5. ‘ड्रीमर’ पर ट्रंप के फैसले को 15 राज्यों की कोर्ट में चुनौती

• राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक और फैसले को अमेरिकी राज्यों ने कोर्ट में चुनौती दी गई है। कोलंबिया और न्यूयॉर्क समेत कुल 15 राज्यों ने डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) या ड्रीमर योजना को निरस्त करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।
• अदालत से इस निर्णय को पलटने की मांग की गई है। इससे पहले ट्रंप के यात्र प्रतिबंध संबंधी फैसले को भी अदालत में चुनौती दी गई थी।
• पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा यह योजना मां-बाप के साथ अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए बच्चों को प्रत्यर्पण से सुरक्षा देने के लिए लाए थे। इसके तहत सात हजार भारतवंशियों समेत तकरीबन आठ लाख प्रवासियों को सुरक्षा प्राप्त है। ट्रंप के फैसले के खिलाफ ब्रुकलिन स्थित फेडरल अदालत में याचिका दायर की गई है।
• अर्जी में कहा गया है कि सरकार का निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत मैक्सिको मूल के लोगों को दंडित और अपमानित करने की बात अक्सर कही जाती रही है। राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंचे ज्यादातर राज्यों में ऐसे प्रवासियों की आबादी हजारों की संख्या में है।
• ओबामा के बाद न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल एरिक शिंडरमैन ने भी ट्रंप के कदम को क्रूर, अदूरदर्शी और अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मैक्सिको और लैटिन अमेरिकी लोगों के प्रति व्यक्तिगत पूर्वाग्रह के कारण लिया गया है।
• एरिक ने न्यूयॉर्क में रहने वाले ऐसे 42 हजार प्रवासियों को आदर्श नागरिक बताया है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर लोगों के लिए अमेरिका उनका एकमात्र घर है जिसे वे जानते हैं। 1वहीं, ओरेगन के अटॉर्नी जनरल एलेन रॉसेनब्लन ने सरकार के कदम को बचाव योग्य नहीं माना है।
•  आश्चर्यजनक रूप से कैलिफोर्निया इसमें शामिल नहीं है। ड्रीमर योजना के तहत सुरक्षा हासिल करने वाले प्रवासियों में से एक चौथाई इसी राज्य से हैं। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल जेवियर बेसेरा अलग से याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं।

6. भारत को एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमान देगा अमेरिका

• अमेरिका ने भारत को अत्याधुनिक एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमान निर्यात करने को जोरदार समर्थन किया है। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने संसदीय समिति के समक्ष भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे मजबूत साझीदार देश बताया।
• वेल्स ने कहा कि भारत खतरनाक पड़ोसी देशों के बीच स्थित है, जहां आतंकी हमलों में भारत और अमेरिका के कई नागरिक मारे जा चुके हैं।
• एलिस वेल्स ने कांग्रेस की एक उपसमिति को भारत को एफ-16 और एफ-18 विमान देने के पक्ष में लिखित रूप में दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि लड़ाकू विमान निर्यात करने से दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे। वेल्स ने समिति को बताया कि हिंदू-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका को मजबूत भारत की जरूरत है जो सुरक्षा मुहैया करा सके। इसी आधार पर ट्रंप सरकार ने कांग्रेस को भारत को लड़ाकू विमान निर्यात करने के बोइंग और लॉकहीड मार्टिन के प्रस्ताव का समर्थन करने की जानकारी दी है।
• वेल्स विदेश मामलों की उपसमिति के समक्ष भी पेश होंगी। अमेरिकी मंत्री ने कहा, ‘भारत में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बरकरार रखने की रणनीतिक और आर्थिक क्षमता है। आज किए गए निवेश का लाभ हम आने वाले दशकों में ले सकेंगे।
• भारत खतरनाक पड़ोसियों के बीच स्थित है, ऐसे में आतंक रोधी सहयोग को विस्तार देने के लिए संयुक्त क्षमता निर्माण किया जाना जरूरी है।’उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से अब तक 1,100 से ज्यादा भारतीय जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।