Tuesday, August 29, 2017

25 Aug 2017

August 29, 2017 0
25 Aug 2017
1. वर्ल्ड बैंक की कार्यकारी निदेशक के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?

वर्ल्ड बैंक की कार्यकारी निदेशक के रूप में एस. अपर्णा को नियुक्त किया गया है| अपर्णा 1998 गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी है| अपर्णा वर्ल्ड बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी| वर्तमान में अपर्णा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत है|

2. हाल ही में नासाउ काउंटी में अल्पसंख्यक मामलों के उपनियंत्रक के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?

नासाउ काउंटी में अल्पसंख्यक मामलों के उपनियंत्रक के रूप में भारतीय अमेरिकी दिलीप चौहान को नियुक्त किया गया है| चौहान पूर्व एशिया में समुदाय मामलों में निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके है| वर्तमान में दिलीप चौहान नियंत्रक के वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है|

3. रूथ पाऊ कौन थी?

रूथ पाऊजर्मन की प्रसिद्ध डॉक्टर थी| इन्हें पाकिस्तान ने “मटर टेरेसा” के नाम जाना जाता था| इन्होनें कराची में 1962 में मेरी एडिलेड लेप्रोसी सेंटर की शुरुआत की और बाद में गिलगिट-बालटिस्तान सहित पाकिस्तान के सभी प्रांतों में इसकी शाखाएं खोलकर 50,000 से ज्यादा परिवारों का उपचार किया था। हाल ही में इनका निधन हो गया है|

4. विजय नामबिसन कौन थे?

विजय नामबिसन प्रसिद्ध कवि-लेखक थे| विजय अखिल भारतीय काव्य प्रतियोगिता के पहले विजेता थे| विजय जेमिनी काव्य संग्रह के सह-लेखक एवं कवि थे| इन्होनें अपनी पुस्तक में “लैंग्वेज एज एन एथिक” में इन्होनें पाठकों तथा लेखकों से नैतिक भाषा के इस्तेमाल करने की अपील की थी| हाल ही में इनका निधन हो गया है|

5. “कंफर्ट वुमन” क्या है?

“कंफर्ट वुमन” द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापान की इंपीरियल आर्मी द्वारा जिन महिलाओं को जबरदस्ती वेश्यावृति में धकेला जाता था, उन्हें कंफर्ट वुमन कहा जाता है।

6. रीयाल मैड्रिड का संबंध किस खेल से है?

रीयाल मैड्रिड का संबंध फुटबॉल से है| रीयाल मैड्रिड पुर्तगाल के स्टार फुटबॉल खिलाडी है| हाल ही में मैड्रिड पर स्पेनिश सुपर कप के दौरान मैच रेफरी को धक्का देने के कारण पांच मैचों का प्रतिबंध लगाया गया है|

7. हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम ने किस टीम को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया है?

भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका टीम को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया है| भारत ने विदेशी सरजमीं पर पहली बार तीन या इससे अधिक टेस्ट मैचों की सीरीज में क्लीनस्वीप से जीती है| इससे पहले भारत ने सिर्फ एक बार 1967-68 में न्यूजीलैंड की सरजमीं पर किसी सीरीज के तीन टेस्ट मैच जीते थे और तब मंसूर अली पटौदी की अगुवाई वाली भारतीय तीन में चार मैचों की सीरीज अपने नाम की थी|

8. हाल ही में रोजर्स कप का ख़िताब किसने जीता है?

रोजर्स कप का ख़िताब जर्मनी के अलेक्सांद्र ज्वेरेव ने जीता है| रोजर्स कप के फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने स्विट्ज़रलैंड के रोजर फेडरर को 6-4, 6-4 से हराकर यह ख़िताब जीता है| ज्वेरेव का इस वर्ष का यह पांचवा ख़िताब है|

9. इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर्स डे कब मनाया जाता है?

इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर्स डे प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है| यह दिवस पहली बार 13 अगस्त 1976 में मनाया गया था| यह दिवस विश्व में मुख्यत: दाएं हाथ वाले लोगों को बाएं हाथ वाले लोगों की तुलना में आने वाली असुविधाओं के बारें में जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है|

10. विश्व अंग दान दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व अंग दान दिवस प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है| यह दिवस व्यक्ति के जीवन में अंग दान के महत्व को समझने के साथ-साथ अंग दान करने के लिए आम इंसान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है|

संविधान पीठ के सभी नौ सदस्यों का सर्वसम्मत फैसला : निजता मौलिक अधिकार

August 29, 2017 0
संविधान पीठ के सभी नौ सदस्यों का सर्वसम्मत फैसला :  निजता मौलिक अधिकार
• सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने #एकमत से निजता को मौलिक अधिकार कहा है। #आधार की अनिवार्यता से उपजे विवाद के कारण सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है। हालांकि आधार को #कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकार अनिवार्य कर सकती है या नहीं, इस पर एक अलग #पांच_सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई करेगी।

• सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजता मानव गरिमा का संवैधानिक मूल तत्व और संरक्षित अधिकार है जो संविधान के #अनुच्छेद21 में प्रदत्त जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता की गारंटी के अधिकार से ही उत्पन्न होता है।

• संविधान पीठ ने कहा कि निजता व्यक्ति की #गरिमा को सुनिश्चित करती है और यह जीवन का मूल तत्व है जिसका उद्देश्य #जीवन और #स्वतंत्रता का संरक्षण करना है।
• निजता के तत्व #संविधान के #भाग_तीन में शामिल : चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस आरके अग्रवाल, एस अब्दुल नजीर, डी वाई चन्द्रचूड ने एक जजमेंट दिया जिसे जस्टिस चन्द्रचूड ने लिखा।

• नौ सदस्यीय संविधान ने कहा कि निजता के तत्वों का मुद्दा संविधान के भाग तीन में शामिल मौलिक अधिकारों द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता और गरिमा की गारंटी के विभिन्न परिप्रेक्ष्य में उठता है।
• जस्टिस चन्द्रचूड ने अपनी और तीन अन्य न्यायाधीशों की ओर से लिखे फैसले में कहा कि निजता एक व्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षा प्रदान करती है और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को नियंत्रित करने की व्यक्ति की क्षमता को स्वीकार करती है।
• #संपूर्ण #मौलिक #अधिकार : संविधान के अंतर्गत निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने के पांच अन्य न्यायाधीशों के फैसले से सहमति व्यक्त करते हुए इन चार न्यायाधीशों ने कहा कि अन्य मौलिक अधिकारों की तरह ही #निजता_का_अधिकार_सम्पूर्ण_अधिकार_नहीं_है।

• संविधान पीठ ने कहा कि यह निर्णय देते समय हम #डिजिटल_युग में निजता के परिणाम और खतरों के प्रति सजग हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि इन आंकड़ों की सुरक्षा के पहलू पर विचार करके इनकी सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

मेची नदी पर एक नये पुल के निर्माण के लिए भारत और नेपाल के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी

August 29, 2017 0
मेची नदी पर एक नये पुल के निर्माण के लिए भारत और नेपाल के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने 23 अगस्त 2017 को भारत-नेपाल सीमा पर मेची नदी पर एक नये पुल का निर्माण शुरू करने के लिए लागत में साझेदारी, कार्यक्रम और सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर कार्यान्‍वयन की व्‍यवस्‍था करने को लेकर भारत और नेपाल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है।
इस पुल के निर्माण की अनु‍मानित लागत 158.65 करोड़ रुपये है, जिसे एशियाई विकास बैंक से प्राप्‍त ऋण द्वारा भारत सरकार की ओर से उपलब्‍ध कराया जाएगा। यह नया पुल काकरविट्टा (नेपाल) से पानीटंकी बाईपास (भारत) तक राष्‍ट्रीय राजमार्ग संख्‍या 327बी की 1500 मीटर लम्‍बाई के उन्‍नयन कार्य का हिस्‍सा है, जिसमें 825 मीटर लंबा छह लेन वाला सम्‍पर्क मार्ग शामिल है।
मेची पुल भारत में एशियाई राजमार्ग 02 का अंतिम बिंदु है, जो नेपाल की ओर जाता है तथा नेपाल के साथ महत्‍वपूर्ण सम्‍पर्क कायम करता है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन राष्‍ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी विकास निगम (एनएचआईडीसीएल) को इस परियोजना के लिए एक कार्यान्‍वयन एजेंसी के रूप में निर्धारित किया गया है। इस परियोजना के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है और नेपाल सरकार के संपर्क से पुल के सामंजस्‍य को अंतिम रूप दिया गया है।

राजनाथ किर्गिस्तान गणतंत्र में एससीओ की बैठक में भाग लेंगें

August 29, 2017 0
राजनाथ किर्गिस्तान गणतंत्र में एससीओ की बैठक में भाग लेंगें
   शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य राज्यों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक 24 अगस्त को किर्गिस्तान गणराज्य में चॉपलॉन अटा में शुरू होगी।
     आपातकालीन स्थितियों को समाप्त करने में सहायता प्रदान करने के लिए एससीओ सदस्य राज्यों की सरकारों के बीच समझौते के कार्यान्वयन के लिए यह बैठक 2018-2019 के लिए ड्राफ्ट एक्शन प्लान पर विचार करेगी और उसे अनुमोदित करेगी।
एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन)

   यह एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है।
    वर्तमान में इसमें 9 सदस्यीय राज्य हैं।
इसका मुख्यालय चीन के बीजिंग शहर में है।
   भारत और पाकिस्तान जून 2017 में कजाकिस्तान की राजधानी एस्टाना में एससीओ में शामिल हुए थे।
     एससीओ सदस्य के रूप में भारत की भागीदारी से संगठन के ढांचे के भीतर आपातकालीन स्थितियों से आबादी और क्षेत्रों को बचाने के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के विकास के लिए नए प्रोत्साहन देने के लिए अतिरिक्त अवसर खुलेंगे।

स्रोत- आकाशवाणी

25 August 2017(Friday)

August 29, 2017 0
25 August 2017(Friday)
1.संविधान पीठ के सभी नौ सदस्यों का सर्वसम्मत फैसला : निजता मौलिक अधिकार

• सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने एकमत से निजता को मौलिक अधिकार कहा है। आधार की अनिवार्यता से उपजे विवाद के कारण सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है। हालांकि आधार को कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकार अनिवार्य कर सकती है या नहीं, इस पर एक अलग पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई करेगी।
• सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजता मानव गरिमा का संवैधानिक मूल तत्व और संरक्षित अधिकार है जो संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता की गारंटी के अधिकार से ही उत्पन्न होता है।
• संविधान पीठ ने कहा कि निजता व्यक्ति की गरिमा को सुनिश्चित करती है और यह जीवन का मूल तत्व है जिसका उद्देश्य जीवन और स्वतंत्रता का संरक्षण करना है।
• निजता के तत्व संविधान के भाग तीन में शामिल : चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस आरके अग्रवाल, एस अब्दुल नजीर, डी वाई चन्द्रचूड ने एक जजमेंट दिया जिसे जस्टिस चन्द्रचूड ने लिखा।
• संविधान पीठ के बाकी पांच न्यायाधीशों जस्टिस जे चेलामेश्वरम, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम सप्रे और जस्टिस संजय किशन कौल ने अलग-अलग निर्णय दिया लेकिन सभी ने एक स्वर से निजता को मौलिक अधिकार कहा।
• नौ सदस्यीय संविधान ने कहा कि निजता के तत्वों का मुद्दा संविधान के भाग तीन में शामिल मौलिक अधिकारों द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता और गरिमा की गारंटी के विभिन्न परिप्रेक्ष्य में उठता है।
• जस्टिस चन्द्रचूड ने अपनी और तीन अन्य न्यायाधीशों की ओर से लिखे फैसले में कहा कि निजता एक व्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षा प्रदान करती है और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को नियंत्रित करने की व्यक्ति की क्षमता को स्वीकार करती है।
• संपूर्ण मौलिक अधिकार : संविधान के अंतर्गत निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने के पांच अन्य न्यायाधीशों के फैसले से सहमति व्यक्त करते हुए इन चार न्यायाधीशों ने कहा कि अन्य मौलिक अधिकारों की तरह ही निजता का अधिकार सम्पूर्ण अधिकार नहीं है।
• संविधान पीठ ने कहा कि यह निर्णय देते समय हम डिजिटल युग में निजता के परिणाम और खतरों के प्रति सजग हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि इन आंकड़ों की सुरक्षा के पहलू पर विचार करके इनकी सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

2. भारत व नेपाल दोस्ती को मोदी-देउबा ने दी नई ऊंचाई

• भारत एवं नेपाल ने अपनी सदियों की दोस्ती को परवान चढ़ाने का आज संकल्प लिया और लंबित पनबिजली एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का फैसला किया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की पांच दिन की यात्रा पर आये नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच यहां हैदराबाद हाउस में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में ये निर्णय लिये गये।
• दोनों नेताओं ने इस मौके पर संयुक्त रूप से कटैया-कुसहा और रक्सौल-परवानीपुर विद्युत पारेषण लाइनों का उद्घाटन किया जिनसे नेपाल को एक सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूत्तर्ि की जा सकेगी। दोनों देशों की ओर से आज आठ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये।
• मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि अरुण-3 (री) के लिए नेपाल में भूमि का मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने बताया कि देउबा ने उसके शिलान्यास के लिए उन्हें नेपाल का निमंतण्रदिया है।उन्होंने कहा कि पंचेश्वर परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाएगी।
• उन्होंने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर भारत की तरफ से हर संभव सहायता का प्रस्ताव दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति बनी है जो न सिर्फ दोनों देशों के नागरिकों के हित में होगी बल्कि क्षेत्रीय समृद्धि के लिए भी यह बहुत ही आवश्यक है।

3. कतर ने ईरान से पूर्ण राजनयिक रिश्ते बनाए

• कतर ने गुरुवार को ईरान के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित कर लिये। विदेश मंत्रलय ने ईरान के लिए नियुक्त अपने राजदूत को वापस तेहरान जाने के लिए कहा है।
•  सन 2016 की शुरुआत में कतर व खाड़ी के अन्य सुन्नी बहुल देशों ने ईरान से अपने राजदूत बुला लिये थे। तब सऊदी अरब ने एक मामले में एक शिया विद्वान को फांसी पर चढ़ा दिया था। प्रतिक्रिया में तेहरान में सऊदी के दो राजनयिकों पर हमला हुआ था।
• गैस भंडार से संपन्न कतर का ताजा कदम सऊदी अरब को ठेंगा दिखाने जैसा है, जिसने कतर के साथ संबंध सामान्य करने के लिए ईरान के साथ रिश्ते खत्म करने की शर्त रखी थी।
• सऊदी अरब के साथ संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्न ने जून महीने से कतर के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ रखे हैं। इस दौरान ईरान और तुर्की ने उसे जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति की। कतर के ताजा कदम को विशेषज्ञ उसकी नई दिशा में चलने की नीति मान रहे हैं।
• वह अब पश्चिम एशिया की पुरानी नीति पर चलते हुए सऊदी अरब के आगे सिर झुकाना नहीं चाहता। इसी के चलते वह ईरान और तुर्की के साथ मिलकर अपने लिए नया रास्ता बनाने के लिए निकल पड़ा है। सऊदी अरब के नेतृत्व में लगाए गए प्रतिबंधों के दौर में कतर को अमेरिका का भी समर्थन मिला है और ब्रिटेन ने भी अपना समर्थन कम नहीं किया है।
• ऐसे में कतर को अब पश्चिम एशिया की नई ताकत बनने का सही मौका लग रहा है। उल्लेखनीय है कि कतर की चौथाई आबादी भारतीय मूल के लोगों की है।

4. नस्ली हिंसा  पर संयुक्त राष्ट्र ने की अमेरिकी सरकार की निंदा

• संयुक्त राष्ट्र के दल ने दुर्लभ घटनाक्रम के तौर पर नस्ली हिंसा  की न करने पर अमेरिकी सरकार की कड़ी निंदा की है। चालरेट्सविले शहर में श्वेत श्रेष्ठतावादियों की रैली के दौरान हुई हिंसा पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों को जिम्मेदार बताया था। इसकी अमेरिका में व्यापक निंदा हुई थी लेकिन ट्रंप अपने बयान पर कायम रहे।
• वर्जीनिया के चालरेट्सविले में 12 अगस्त को श्वेत श्रेष्ठतावादियों की रैली का विरोध करने वालों पर एक युवक ने कार चढ़ा दी थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और 19 घायल हुए थे। इसी दौरान हालात को काबू करने के प्रयास में पुलिस का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए थे और दर्जनों लोग घायल हुए थे।
• संयुक्त राष्ट्र की नस्ली भेदभाव निरोधी कमेटी ने ट्रंप का नाम लिये बगैर कहा कि अमेरिकी सरकार सर्वोच्च स्तर से नस्ली हिंसा के खिलाफ कड़ा संदेश देने में विफल रही। इस तरह की विफलता नस्लवादियों को और सक्रिय होने में मदद करती है, घटनाओं को बढ़ाती है।
• कमेटी ने अमेरिकी सरकार में शामिल राजनीतिक लोगों और अधिकारियों से मांग की कि वे नस्ली घटनाओं की निंदा करें। उनसे निपटने में सख्ती दिखाएं। तभी हालात नियंत्रित होंगे। निपटने में ढिलाई दिखाने पर घटनाएं बढ़ती चली जाएंगी और हालात अनियंत्रित हो जाएंगे।
• इससे हम बराबरी के सिद्धांत से दूर चले जाएंगे और दुनिया में ऐसा कोई स्थान नहीं रह जाएगा जहां पर हम भेदभाव से परे समाज का कल्पना कर पाएं।
• हाल के दिनों में नस्ली टिप्पणियां, फब्ती कसने, शारीरिक नुकसान पहुंचाए जाने, नस्ल के आधार पर खुद को श्रेष्ठ बताए जाने, खास अंदाज में सैल्यूट किए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं।
• कमेटी की अध्यक्ष अनातासिया क्रिकले ने इन घटनाओं पर रोक लगाए जाने की आवश्यकता जताई है।

5. सरकार ने ‘‘उड़ान’ में किया बदलाव : दूसरे दौर की बोली शुरू, पूर्वोत्तर को प्राथमिकता

• सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान में बदलाव करते हुए हेलिकाप्टर परिचालकों के लिए परियोजना को व्यावहारिक बनाने के लिए मदद (वायबिलिटी गैप फंडिंग) बढ़ाने की घोषणा की है। इसके अलावा छोटे विमानों को भी इस योजना के तहत अनुमति दी गई है।
• सरकार का इरादा क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना में सुधार लाना है।
• उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना का मकसद देश के कम उड़ान या बिना उड़ान वाले हवाई अड्डों को जोड़ना है। इस योजना के तहत एक घंटे की उड़ान के लिए किराया 2,500 रपए तय किया गया है।
• नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने आज इन बदलावों की घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्रीय हवाई संपर्क (आरसीएस) योजना को उदार बनाया गया है।
• विशेषरूप से हमारा उद्देश्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान देना है।राजू ने कहा कि इन बदलावों से पहले पिछले कुछ माह के दौरान सभी अंशधारकों से विचार-विमर्श किया गया। इस योजना के तहत दूसरे दौर की बोली बृहस्पतिवार को शुरू हुई। इसमें छोटे विमानों को पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तराखंड सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आरसीएस के तहत उड़ानों की अनुमति दी गई है।
• इस योजना के तहत परिचालन करने वाले हेलिकाप्टरों के लिए वीजीएफ बढ़ाने की घोषणा भी की गई है। उड़ान के दूसरे दौर के विजेताओं की घोषणा नवंबर अंत तक की जाएगी।नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने भरोसा दिलाया कि उड़ानों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। राजू ने कहा, उड़ान का पहला दौर काफी हद तक पटरी पर चल रहा है।

6. भारत में 8% वृद्धि हासिल करने की संभावना 

• सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में आठ फीसद से अधिक की वृद्धि दर हासिल करने की अच्छी संभावना है। यह लक्ष्य दो-तीन साल में हासिल किया जा सकता है।इसके साथ ही आयोग ने लगभग 125 करोड़ जनता के लिए समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अनेक सुधार सुझाए हैं।
• आयोग ने अपने तीन वर्षीय कार्य एजेंडे वर्ष 2017-18 से 2019-20 में अर्थव्यवस्था, न्यायपालिका, नियामकीय ढांचे तथा सामाजिक क्षेत्रों में सुधारों की व्यापक योजना पेश की है।
• इसने कहा है, इस बात की अच्छी संभावना है कि हम अगले दो तीन साल में आठ फीसद से अधिक वृद्धि दर की राह पर लौट आएंगे। ऐसे में आने वाले दशक में गरीबी दर में बड़ी कटौती के बहुत अच्छे मौके हैं।
• उल्लेखनीय है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2016-17 में घटकर 7.1 फीसद रही।केंद्रीय सांख्यिकी संगठन मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के लिए वृद्धि के आंकड़े 31 अगस्त को जारी करेगा।
• कार्य एजेंडे में केंद्र सरकार के व्यय को भावी प्राथमिकताओं, अतिरिक्त आवंटनों को उच्च प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों को देने का प्रस्ताव किया गया है।
• इसमें देश में शहरीकरण को बढ़ावा देने तथा किफायती आवास, बुनियादी ढांचा विकास, सार्वजनिक परिवहन व स्वच्छ भारत को प्रोत्साहित करने के उपाय सुझाए हैं। इन उपायों से अर्थव्यवस्था को काफी ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।

अफगानिस्तान में भारत से सक्रिय भूमिका की दरकार : अमेरिका

• अमेरिका में एक वरिष्ठ अधिकारी ने अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत के वित्तीय सहयोग का स्वागत करते हुए कहा है कि अमेरिका चाहता है कि भारत अफगानिस्तान में राजनीतिक समाधान निकालने के लिए और सक्रिय भूमिका निभाए।
• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अफगानिस्तान एवं दक्षिण एशिया संबंधी अपनी नीति की घोषणा करते हुए युद्धग्रस्त देश से बलों की जल्दबाजी में वापसी से इंकार किया था और अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए भारत से और योगदान की अपील की थी।
• ट्रंप ने कहा था कि दक्षिण एशिया संबंधी उनकी नीति का अहम भाग भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझीदारी को और बढ़ाना है।विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा, उसने (भारत ने) अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था के प्रोत्साहन और विकास के संदर्भ में काफी कुछ किया है।
• उन्होंने कहा, हम इसकी सराहना करते हैं, हम इसके लिए आभारी हैं और हम चाहते हैं कि भारत अफगानिस्तान में शांति प्रक्यिा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखे।
• हीथर ने बुधवार को कहा, उन्होंने अफगानिस्तान के विकास के लिए कोष मुहैया कराने के संदर्भ में काफी कुछ किया है। हम इसके लिए उनकी प्रशंसा करते हैं। उन्होंने वर्ष 2001 से तीन अरब डॉलर का ऋण दिया है। हम इसके लिए उनका शुक्यिा अदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे समाधान खोजने में और योगदान देंगे। उन्होंने कहा, भारत ने विकास में मदद की है और आर्थकि सहयोग दिया है।
• हीथर ने कहा, भारत एक अहम रणनीतिक साझीदार के रूप में उभर रहा है। उसने अफगानिस्तान सरकार और खासकर उसकी अर्थव्यवस्था को सहयोग देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप ने कमांडर इन चीफ के रूप में पहली बार प्राइम टाइम में टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में पाकिस्तान को आतंकियों को पनाहगाह मुहैया कराने के लिए कड़ी चेतावनी दी थी।
• हीथर ने कहा, हम चाहते हैं कि पाकिस्तान और भी योगदान देने में सक्षम हो। हम अफगानिस्तान के नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया के लिए इन देशों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

7. नंदन नीलेकणि को फिर मिली इंफोसिस की कमान

• नेतृत्व के संकट से जूझ रही देश की दूसरी बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इंफोसिस टेक्नोलॉजी ने अपने निदेशक मंडल में भारी बदलाव किया है।
• इसके तहत कंपनी ने बृहस्पतिवार को अपने संस्थापकों में से एक नंदन नीलेकणि को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त करने की घोषणा की।कंपनी के मौजूदा चेयरमैन आर. शेषसायी और को-चेयरमैन रवि वेंकटेशन ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
• इसके अलावा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद से इस्तीफा देने वाले विशाल सिक्का, निदेशक मंडल के सदस्य जेफरी एस. लेहमन और जॉन एचमेंडी ने भी तत्काल प्रभाव से निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
• आधार परियोजना को लेकर र्चचा में रहे नीलेकणि मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक कंपनी के सीईओ थे। उसके बाद वह केंद्र सरकार के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के प्रमुख बनाए गए।
• उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह इंफोसिस के पहले गैर-संस्थापक सीईओ विशाल सिक्का ने कंपनी के संस्थापक-प्रवर्तकों के साथ संबंध बिगड़ने के चलते अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया।
• कंपनी के 12 कोष प्रबंधकों ने एक संयुक्त पत्र में कहा था कि हालिया घटनाक्रम काफी चिंता का विषय है।

8. नासा के रॉकेट चमकते कृत्रिम बादल तैयार करेंगे

• नासा का एक रॉकेट अभियान सफेद कृत्रिम बादल बनाएगा जो रात में आकाश में चमकेंगे। इसके जरिए उपरी वायुमंडल में विक्षोभ का अध्ययन किया जाएगा जो संचार एवं तकनीकी पण्रालियों को बाधित करते हैं।
• अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने कहा कि ये कृत्रिम बादल ‘‘रिपब्लिक ऑफ मार्शल आइलैंड’ के निवासियों को दो रॉकेट फ्लाइट के दौरान 29 अगस्त और नौ सितम्बर को दिखेंगे।
• आइनोस्फीयर में होने वाली घटनाओं का अध्ययन ‘‘न्यूट्रल डायनामो मिशन’ करेगा। ये विक्षोभ सूरज डूबने के बाद आईनोस्फीयर में एफ क्षेत्र के नाम से पहचाने जाने वाले एक हिस्से में घटित होते हैं।
• ये रेडियो संचार, नौवहन और इमेजिंग पण्रालियों को बाधित करते हैं और इस तरह तकनीक के लिए तथा उस पर निर्भर समाज के लिए खतरा पैदा करते हैं।
• एक रॉकेट में ट्राई मिथाईल एल्युमिनियम नाम का पदार्थ होगा जो कृत्रिम सफेद बादल बनाएगा।

अपडेटस

1.नंदन नीलकणी इंफोसिस के नए अध्यक्ष

(i)नंदन नीलकणी को सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया. निलकणी ने आर सेशासयी के स्थान पर पद ग्रहण करेंगें, जिन्होंने बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें दिया. विशाल सिक्का को हाल ही में कंपनी के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया.
(ii)मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से इस्तीफा देने के बाद सिक्का को कार्यकारी उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, इस पद से भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

निलकणी ने 2002 से 2007 तक इंफोसिस के सीईओ के रूप में कार्य किया.
इंफोसिस देश की दूसरे नंबर की सॉफ्टवेयर सेवाएं निर्यातक कंपनी है.

2.भारतीय नौसेना बैंड रूस में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य संगीत समारोह में भाग लेगा

(i)अंतर्राष्ट्रीय सैन्य संगीत समारोह "स्पास्काया टॉवर", जोकि रूस और अन्य देशों के सर्वश्रेष्ठ सैन्य संगीत बैंड की परेड है जो हर वर्ष मॉस्को में रेड स्क्वायर में आयोजित की जाती है. इस बार भारतीय नौसेना बैंड इस समारोह में भाग ले रहा है.
(ii)हर साल करीब 40 देशों के 1500 संगीतकार, पुरुष सैनिक  और अन्य कलाकार "स्पास्काया टॉवर" में भाग लेते है. यह समारोह रूस में सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में से एक माना जाता है और सामान्य जनता को आकर्षित करता है.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

मास्को रूस की राजधानी है.
व्लादिमीर पुतिन रूस के वर्तमान राष्ट्रपति हैं.

3.कर्नाटक ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ समझौता ज्ञापन किया

(i)कर्नाटक कृषि विभाग ने किसानों, प्रशासकों और अन्य हितधारकों को बाजार व्यवहार को अग्रिम रूप में समझने में मदद करने के लिए तथा नवीनतम आईटी उपकरणों का उपयोग करके एक अद्वितीय "कृषि मूल्य पूर्वानुमान मॉडल" विकसित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं
(ii)प्रस्तावित पहल देश में अपनी तरह की पहली पहल है क्योंकि यह "मल्टी-वेरियेट" है, जो परंपरागत आपूर्ति-मांग समीकरण से भिन्न है और विभिन्न कारकों को ध्यान में रखता है. यह मौसम, वर्षा और बाहरी कारकों सहित कई संबंधित कारकों की जांच करेगा, जो बाजार के प्रभाव को प्रभावित करते हैं.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं.
वजूभाई वाला कर्नाटक के वर्तमान राज्यपाल है.

4.यूआईडीएआई ने दिल्ली में डोर स्टेप आधार नामांकन सुविधा की शुरूआत की

(i)यूआईडीएआई ने राष्ट्रीय राजधानी में बुजुर्गों, रोगियों और अन्य लोगों के लिए जो आधार केन्द्रों तक नहीं जा सकते, को नामांकन सुविधा प्रदान करने के लिए सीएससी इंडिया के साथ हाथ मिलाया.
(ii)वैन को कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हरी झंडी दिखाई. वैन, दिल्ली क्षेत्र में घर पर ही आधार नामांकन की सेवा प्रदान करेगी.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

श्री जे सत्यनारायण (अंशकालिक) यूआईडीएआई के अध्यक्ष हैं.
UIDAI से तात्पर्य Unique Identification Authority of India है.

5.भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित 

(i)वाणिज्य और उद्योग मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण और श्री अब्दुलअजीज कामिलोव, विदेश मामलों के मंत्री और श्री एलेयर गणिएव, विदेश व्यापार मंत्री ने दिल्ली में एक द्विपक्षीय बैठक में भारत और (ii)उजबेकिस्तान के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की.
वाणिज्य मंत्री ने संयुक्त उद्यम कंपनी के रूप में दिल्ली में उज़्बेक भारत ट्रेडिंग हाउस के गठन पर खुशी जाहिर की.

उपरोत्क समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

उजबेकिस्तान की राजधानी ताशकंद है.
श्वकत मिर्जियोयव उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति हैं.

6.धनलक्ष्मी बैंक ने डीएचएफएल प्रामेरिका बैंकशोरेंस के साथ करार किया

(i)डीएचएफएल प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने केरल स्थित धनलक्ष्मी बैंक के साथ अपने बैंकअशोरेंस पार्टनर के रूप में समझौते पर हस्ताक्षर किये. समझौते के तहत, बैंक भारत में 260 शाखाओं में खुदरा और समूह जीवन बीमा उत्पादों को अपने ग्राहकों को वितरित करेगा.
(ii)इस समझौते के साथ, कंपनी केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में अपनी उपस्थिति को मजबूत करेगी. इस संबंध में क्षेत्र में बीमा प्रवेश बढ़ेगा.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

जी श्रीराम धनलक्ष्मी बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं.

7.रघुराम राजन ने 'I Do What I Do' नामक पुस्तक लिखी

(i)आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 'आई डू व्हाट आई डू: ऑन रिफॉर्म, रेटोरिक एंड रिस्लोव' नामक एक पुस्तक लिखी. रघुराम राजन ने अपनी पुस्तक में आर्थिक अवधारणाओं और सहिष्णुता और राजनीतिक स्वतंत्रता और समृद्धि के बीच संबंध जैसे मुद्दों पर चर्चा की हैं.
(ii)यह पुस्तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान निबंधों और भाषणों का एक संग्रह है. यह पुस्तक आरबीआई गवर्नर के रूप में पद त्याग के ठीक एक साल बाद 4 सितंबर को स्टोर्स उपलब्ध होगी.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

वह सेविंग कैपिटलिज्म फ्रॉम कैपिटलिस्ट के सह लेखक थे उनके साथी शिकागो बूथ के प्रोफेसर लुईगी जिन्गैल्स थे. उनकी दूसरी पुस्तक फाल्ट लाइन्स: हाऊ हिडेन फैक्टर्स स्टिल थ्रेटेन्स द वर्ल्ड इकोनॉमी. 2010 में प्रकाशित हुई, जिसे फाईनैंशियल टाईम्स-गोल्डमैन सैक ने 2010 की अर्थ-व्यापार श्रेणी की सर्वोत्तम पुस्तक के रूप में सम्मानित किया गया.

8.रोनाल्डो तीन बार 'प्लेयर ऑफ द ईयर' प्राप्त करने वाले पहले खिलाडी बने

(i)रियल मैड्रिड के फोरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो को 2016/17 सीजन के लिए यूईएफए मैन'स प्लेयर ऑफ द इयर का पुरस्कार प्रदान किया गया. उन्हें मोनाको में 2017/18 यूईएफए चैंपियंस लीग ग्रुप स्टेज ड्रा में पुरस्कार प्रदान किया गया.
(ii)रोनाल्डो ने लगातार दूसरी सीज़न और कुल मिलाकर तीसरी बार ट्रॉफी प्राप्त की. रोनाल्डो को 482 अंक मिले, जिसमें मेसी (141 वोट) और बफॉन (109 वोट) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.

दिए गए अन्य पुरस्कार इस प्रकार हैं:-

यूईएफए महिला प्लेयर ऑफ द इयर: लीक मार्टेंज.
2016/17 यूईएफए चैंपियंस लीग सीज़न के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर: ग्यानुलीइगी बफ़ोन.
2016/17 यूईएफए चैंपियंस लीग सीज़न के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर: सर्जियो रामोस.
2016/17 यूईएफए चैंपियंस लीग सीज़न के सर्वश्रेष्ठ मिडफिल्डर: लुका मॉड्रीक.
2016/17 यूईएफए चैंपियंस लीग सीज़न के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड: क्रिस्टियानो रोनाल्डो.
यूईएफए अध्यक्ष का पुरस्कार: फ्रांसेस्को टोटी.

9. भारत का सबसे वृद्ध चलचित्रकार रामानंद सेनगुप्ता का निधन हो गया

(i)देश की सबसे पुराने चलचित्रकार रामनंदा सेनगुप्ता, जिन्होंने जीन रेनोइर, रिध्विक घातक और मृणाल सेन जैसे लेगेंड्स के साथ काम किया, का कोलकाता, पश्चिम बंगाल में निधन हो गया.
(ii)सेनगुप्ता 101 वर्ष के थे. 1938 में उन्हें अपना पहला ब्रेक मिला जब उन्होंने कोलकाता में फिल्म कॉर्पोरेशन (तब कलकत्ता) में एक सहायक कैमरामैन के रूप में कार्य किया. एक पूर्णकालिक छायाकार के रूप में उनकी पहली फिल्म पुर्वाराग थी, जिसका निर्देशन 1 9 46 में अरेंदु मुखर्जी ने किया था.

10. टोनी डी ब्रूम का निधन

(i)टोनी डी ब्रूम, जोकि पूर्व मार्शल आइलैंड के विदेश मंत्री थे तथा जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में मील के पत्थर पेरिस जलवायु समझौते को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कराने के एक अग्रणी अधिवक्ता की भूमिका निभायी, का निधन 72 वर्ष की आयु में हो गया.
(ii)डी ब्रूम पेसिफिक नेशन'स क्लाइमेट एम्बेसडर भी थे.

उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-

माजुरो, मार्शल आइलैंड की राजधानी है.

11. 50 और 200 रुपये के नोटों की नई विशेषताएं

(i)भारतीय रिजर्व बैंक ने आधिकारिक रूप से प्रेस सूचना ब्यूरो के माध्यम से घोषणा की है कि  50 रुपये और 200 रुपये के नोटों के नए नोटों का परिचालन जल्दी ही किया जायेगा. जिसमे 50 रुपये के मौजूदा नोटों के साथ 50 रुपए के नए नोटों का परिचालन किया जायेग, इसका मतलब है कि नागरिकों को किसी भी प्रकार के विनिमय के लिए लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं है; और 200 रुपये के नए नोटों को मुद्रा में जोड़ा जायेगा. ये सभी नए अपडेट आपके लिए विस्तार से जानना बहुत महत्वपूर्ण हैं. इन दो नए नोट्स के फीचर के बारे में जानकारी आगे प्रदान की जा रहे है.

50 रुपये के नोटों के फीचर-

(ii)भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही महात्मा गांधी की नई श्रृंखला में 50 रूपये के बैंक नोट जारी करेगा, जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ. उर्जित आर पटेल के हस्ताक्षर होंगे. नए मूल्यवर्ग के नोटों पर हम्पी की आकृति रथ के साथ चित्रित है, जोकि देश की सांस्कृतिक विरासत का चित्रण करता है. नया नोट का रंग फ्लोरिसेंट ब्लू है. नया नोट का डाइमेंशन 66 मिमी x135 मिमी होगा.

अग्र-भाग के फीचर

इसमें मध्य में महात्मा गांधी की फोटो होगी.
गारंटी क्लॉज़, प्रोमिस क्लॉज़ के साथ गवर्नर के हस्ताक्षर और महात्मा गांधी के दायें ओर आरबीआई प्रतीक,
अशोक स्तंभ का प्रतीक दायें ओर स्थित है,
महात्मा गांधी चित्र और इलेक्ट्रोटाइप (50) वॉटरमार्क,
सबसे ऊपर बांई तरफ नंबर पैनल पर छोटे से बड़े होते हुए नंबर होंगे और दाहिनी तरफ भी छोटे से बड़े होते हुए नंबर छपे होंगे.

नोट के पीछे का भाग के फीचर

नोट के प्रिंट का वर्ष नोट की बाएं ओर स्थित है,
स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन,
 हम्पी की आकृति रथ के साथ,
15 भाषाओं के पैनल.

200 रुपये के नोट के फीचर-

भारतीय रिजर्व बैंक ने महात्मा गांधी की नई सीरीज़ में 200 रुपये के नोट जल्द ही जारी करेगा, जिसपर डॉ उर्जित आर पटेल, गवर्नर के हस्ताक्षर होंगे. नए मूल्यवर्ग के नोटों पर साँची के स्तूप की आकृति चित्रित है, जोकि देश की सांस्कृतिक विरासत का चित्रण करता है. नोट का आधार रंग ब्राइट पीला है. बैंक नोट का आयाम 66 mm × 146 mm होगा.

अग्र-भाग के फीचर

इसमें मध्य में महात्मा गांधी की फोटो होगी.
विंडोड सिक्यूरिटी थ्रेड पर ‘भारत’ छपा हुआ है और RBI कलर शिफ्ट के साथ चित्रित है. जब नोट झुका हुआ होगा तो धागे का रंग हरे से नीले रंग में परिवर्तित हो जायेगा,
रुपया प्रतीक के साथ मूल्य सूचक स्थित है, 200 रुपये बॉटम राईट पर रंग बदलता(हरे से नीला) है
अशोक स्तंभ का प्रतीक दायें ओर स्थित है.
नेत्रहीनों के लिए
महात्मा गांधी चित्र उभरा हुआ है, अशोक स्तंभ का प्रतीक, जिसमे H चिन्ह माइक्रो टेक्स्ट के साथ 200 रुपये मुद्रित है, चार कोणीय ब्लीड लाइनें, दो सर्कल के बीच दाएं और बायीं तरफ लाइनों के बीच स्थित है

नोट के पीछे का भाग के फीचर

नोट के प्रिंट का वर्ष नोट की बाएं ओर स्थित है,
स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन,
15 भाषाओं के पैनल.
साँची के स्तूप की आकृति चित्रित है..



कानून से निजता सीमित करने की गुंजाइश बाकी - (रवींद्र गरिया) (साभार दैनिक भास्कर)

August 29, 2017 0
कानून से निजता सीमित करने की गुंजाइश बाकी - (रवींद्र गरिया) (साभार दैनिक भास्कर)
सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में प्राइवैसी यानी निजता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त जीवन के अधिकार का हिस्सा मानते हुए उसे मूलभूत अधिकार घोषित किया है। यह फैसला कई मायने में महत्वपूर्ण है। अब तक निजता के अधिकार को लेकर उच्चतम न्यायालय के कई फैसलों में अलग-अलग राय व्यक्त हुई थी। कई फैसलों में निजता के अधिकार को महत्वपूर्ण अधिकार तो माना गया है लेकिन, इसे स्पष्ट रूप से संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार नहीं कहा गया। अब इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार माने जाने से निजता के अधिकार का दर्जा मूलभूत अधिकार का हो गया है।
इसके साथ यह तय हो गया है कि जब तक कोई ऐसा न्यायसंगत कानून और प्रक्रिया हो, जो किसी की निजता में ताक-झांक की इजाजत देती हो तब तक इस अधिकार का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। मसलन, बिना यह बताए कि भारत की संसद या विधानसभा ने कौन-सा ऐसा कानून पारित किया है, जिसके तहत कोई सरकारी संस्था या पुलिस आदि किसी की निजता में हस्तक्षेप कर सकती है, ऐसा कोई दखल संभव नहीं है। किसी निजी संस्थान जैसे बैंक, मोबाइल कंपनी, अस्पताल आदि को यह इजाजत बिल्कुल नहीं होगी कि वह किसी दूसरी संस्था या व्यक्ति के साथ ऐसी जानकारी साझा कर सके। हालांकि अभी ऐसे कानून नहीं है कि निजता के उल्लंघन के मामलों के लिए किसी को जेल जाना पड़े या सजा हो। किंतु निजता को मौलिक अधिकार माने जाने के बाद कानूनी तौर पर इसके उल्लंघन पर रोक लगाने की मांग की जा सकती है और मुआवजे का दावा भी किया जा सकता है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसने सरकार के इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि निजता के अधिकार का जिक्र संविधान में मूलभूत अधिकार के बतौर होने की वजह से इसे मूलभूत अधिकार नहीं माना जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने तो यहां तक कह दिया कि यह अधिकार सभी मनुष्यों को इसलिए है, क्योंकि वे मनुष्य है और मनुष्य के तौर पर यह उनका नैसर्गिक अधिकार है। किसी भी मनुष्य को उसके नैसर्गिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। यह नैसर्गिक अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है।
इस तरह निजता के अधिकार को कानूनी सुरक्षा है या नहीं, यह बहस खत्म हो गई है लेकिन, राज्य को नए कानून बनाकर इस अधिकार को सीमित करने की गुंजाइश अभी बाकी है। देखना यह है कि जब सरकारें किसी कानून की आड़ में निजता के उल्लंघन की कोशिश करेंगी और कहेंगी की संविधान उन्हें कानून बनाने की इजाजत देता है तो अदालतें और समाज इस तरह के कानूनों को कितना न्यायसंगत मानेगा या बर्दाश्त करेगा। मसलन, मौजूदा फैसले की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि आधार कार्ड की अनिवार्यता को निजता का उल्लंघन बताने वाले कई मसले अदालत के सामने आए। सुप्रीम कोर्ड के पहले के फैसलों में भिन्न राय होने के कारण मसले को सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की पीठ के पास भेजना पड़ा। अब नौ जजों की पीठ के फैसले के बाद यह मसला वापस सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ के पास जाएगा, जिसे यह तय करना है कि आधार कार्ड के जरिये लोगों की निजी सूचना सरकार के द्वारा इकट्‌ठा करना जायज़ है अथवा नहीं। और यदि जायज़ भी है तो किस हद तक पुलिस, सेना, बैंक, कर विभाग आदि जैसी सरकारी एजेंसियां इस बायोमेट्रिक निजी जानकारी को हासिल करने अथवा इस्तेमाल करने का हक होगा।
आमतौर पर ये सरकारी एजेंसियां अपराध की रोकथाम या राष्ट्रीय सुरक्षा का अस्पष्ट-सा कारण देकर नागरिकों की निजता के उल्लंघन को जायज़ बताती रही हैं। राज्यों की पुलिस और केंद्र में सीबीआई तथा आयकर विभाग को लेकर लगातार यह धारणा और शंका बनी हुई है कि ये संस्थाएं सत्तारूढ़ दल के इशारे पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने या मटियामेट करने के लिए भी काफी तत्परता से काम करती हैं। किसी ऐसे कानून के बनाए जाने की आशंका खारिज नहीं की जा सकती कि किसी भी तरह की अनैतिक (भले ही वह गैर-कानूनी हो) या किसी कानून के उल्लंघन की शंका मात्र होने पर आधार, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल आदि पर लगातार निगरानी की इजाजत दे दी जाए। तब सरकार से अलग थोड़ी भी राय रखना या सत्तारूढ़ दल की नीति की आलोचना करना भी मुसीबत का सबब बन जाएगा। यह देश को निरंकुश तानाशाही की ओर भी ले जा सकता है। यूं तो मनुष्य की निजता का अधिकार किसी व्यक्ति ा निजी अधिकार या निजी हानी-लाभ का मामला नहीं है। निजता का अधिकार समाज में विभिन्न मतों, नए विचारों, अभिव्यक्ति की आज़ादी, स्वस्थ आलोचना, लोकतांत्रिक विमर्श और सामाजिक, राजनीतिक नैतिक प्रगति की केवल आवश्यक शर्त है बल्कि जरूरी बुनियाद है।
लेकिन एक बात ध्यान में रखना है कि यह फैसला आधार के मसले पर सरकार को कोई तमाचा नहीं है। पीठ ने फैसले में कहा है कि, 'सूचनागत निजता, निजता के अधिकार का एक पहलू है।' यह स्वीकारते हुए सरकार से आग्रह किया गया है कि वह डेटा प्रोटेक्शन की मजबूत व्यवस्था स्थापित करें। उसे व्यक्तियों के हितों और राज्य की जायज़ चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करना होगा। ये जायज़ चिंताएं भी फैसले में स्पष्ट हैं- राष्ट्रीय सुरक्षा को संरक्षण, अपराध रोकना उसकी जांच करना, इनोवेशन ज्ञान के प्रसार को प्रोत्साहन देना और सबसे बड़ी बात सामाजिक कल्याण के फायदों को बर्बाद होने से बचाना यानी लाभान्वितों तक पहुंचाना। जजों ने कहा है, 'ये नीतिगत मामले हैं, जिस पर केंद्र सरकार को विचार करना है।'
एक बात और। निजता के अधिकार की तरह जानने का अधिकार भी जीवन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का अविभाज्य तत्व है। आकड़ों पर गौर करें तो हर साल निजता और निजी जानकारी के संरक्षण के बहाने दर्जनों आरटीआई याचिकाएं खारिज कर दी जाती हैं। इस पर भी गौर करना होगा। (येलेखक के अपने विचार हैं)

निजता हुआ मौलिक अधिकार - (गोपाल कृष्ण)

August 29, 2017 0
निजता हुआ मौलिक अधिकार - (गोपाल कृष्ण)
सर्वोच्च  अदालत की नौ सदस्यीय पीठ ने बारह अंकीय बायोमीट्रिक पण्राली यूनिक आइडेंटिफिकेशन (यूआईडी)/आधार संख्या परियोजना संबंधी मामले में फैसला देते हुए कहा है, ‘‘निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्निहित अंग के रूप में संरक्षित है, और भारत के संविधान के भाग तीन द्वारा प्रत्याभूत स्वतंत्रताओं का हिस्सा है।’ अदालत ने भारत के अटॉर्नी जनरल के इस तर्क का संज्ञान लिया कि भारत का संविधान निजता के अधिकार का संरक्षण नहीं करता जिस करके भारतीयों को यूआईडी/आधार संख्या के लिए पंजीकृत कराने को विवश किया गया। यूआईडी/आधार संख्या जर्मनी, चीन, फ्रांस, यूके और अमेरिका जैसे देशों में नामंजूर की जा चुकी है। यह फैसला आधार एक्ट, 2016 पर गंभीर प्रभाव डालेगा जिसके तहत सरकार को भारतीयों की यूआईडी/आधार संख्याओं को उनकी सहमति लिए बिना डिएक्टिवेट करने का अधिकार है। संभवत: यूआईडी/आधार संख्या की सेंट्रल आइडेंटिटीज डाटा रिपोजिटरी (सीआईडीआर) और आधार एक्ट को नागरिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन करने वाले करार दे दिया जाए।

अनुचित कानून मान्य नहीं हो सकता। अदालत के रुख से लगा कि जैसे अनुचित कानून काले कानून हैं। अदालत के फैसले से अभी जारी विश्व व्यापार संगठन की वार्ता बैठक के लिए सकारात्मक प्रभाव होंगे जो ई-कॉमर्स को लेकर हो रही है, जिसमें विकसित देशों ने तमाम नागरिकों के डाटा तक आसान पहुंच का मंतव्य जतलाया है। यह दौर ऐसा है, जब सेवाओं का उबेर-आइजेशन और ओला-आइजेशन हो रहा है। और ऐसे प्रयास हो रहे हैं जिनसे वस्तुओं और सेवाओं को नये सिरे से परिभाषित किया जा सके। नागरिकों के डाटा तक पहुंच की यह मांग विश्व व्यापार संगठन की कार्यवाही के दौरान उठी है। यूआईडी/आधार संख्या परियोजना सफरान ग्रुप, एक्सेंटर, अनस्र्ट एंड यंग (फ्रांस), अमेरिका तथा युनाइटेड किंग्डम देशों की बायोमीट्रिक टेक्नोल्ॉजी कंपनियों के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। ये कंपनियां प्रति पंजीकरण 2.75 रुपये वसूल रही हैं, और 130 करोड़ वर्तमान और भावी भारतीयों का पंजीकरण होना है। स्पष्ट प्रतीत होता है कि विदेशी प्रभाव के चलते केंद्र सरकार का रुख शुरू से ही कपटपूर्ण रहा है।

आज तक इस परियोजना के कुल अनुमानित बजट को जाहिर नहीं किया गया है। जब तक इस परियोजना का कुल अनुमानित बजट नहीं बताया जाता है, तब तक इससे होने वाले तमाम दावों को संदेह की दृष्टि से ही देखा जाएगा। ज्ञातव्य है कि जस्टिस जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के यूआईडी/आधार संख्या मामले में 11 अगस्त, 2015 को पारित आदेश पर सात सौ से ज्यादा दिनों पश्चात 18 जुलाई, 2017 को सुनवाई हुई।

वादी और प्रतिवादी का पक्ष सुनने के उपरांत संविधान पीठ ने आदेश पारित किया : अदालत ने सितम्बर, 2013 से 27 जून, 2017 के बीच जारी अपने तमाम आदेशों में स्पष्ट किया है कि यूआईडी/आधार संख्या स्वैच्छिक है। इसलिए किसी को किसी कार्य के लिए यूआईडी/आधार संख्या प्रस्तुत करने को नहीं कहा जा सकता। आधार एक्ट, 2016 के तहत भी ऐसा किया जाना अनिवार्यत: नहीं है। निजता स्वतंत्रता के अधिकार में अंतर्निहित है। संविधान सभा के निजता को लेकर रुख में संभवत: व्याख्या संबंधी सीमाएं आड़े आई हों। अदालत का फैसला डिजिटल दुनिया-ई-कॉमर्स और डाटा संरक्षण-पर भी लागू होता है। नौ सदस्यीय पीठ में भारत के प्रधान न्यायाधीश, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस एसए बोब्डे, जस्टिस आरके अग्रवाल, जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, जस्टिस अभय मनोहर सप्रे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे। निजता और आधारभूत ढांचे संबंधी बुनियादी अधिकार पीठ की न्यायशास्त्रीय कल्पना से जाहिर होते हैं। स्पष्ट होता है कि अदालत ने ‘‘असंवैधानिक स्थिति’ के निषेध के सिद्धांत को लागू किया है, जिसका अर्थ हुआ कि सरकार की कोई इमदाद पाने के लिए लाभान्वित को प्राप्त कुछ संवैधानिक अधिकारों का परित्याग का निषेध।

स्पष्ट है कि यूआईडी/आधार का क्रियान्वयन ऐसी कवायद है, जिसे हमारा संविधान वर्जित करार देता है। अदालत के पूर्व में पारित आदेशों को अनदेखा करते हुए और 9 जून, 2017 को जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के फैसले जिसे 27 जून, 2017 को भी दोहराया गया, से अनभिज्ञ यूआईडी/आधार प्रवर्तक वैधानिक रूप दोषपूर्ण सकरुलरों, विज्ञापनों और एसएमएस के जरिए इस परियोजना के कार्यान्वयन में जुटे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही संबद्ध मामले एसएलपी (सीआरआई) 2524/2014- यूआईडीएआई बनाम सीबीआई-में 24 मार्च, 2014 को एक आदेशपारित किया था : ‘‘किसी पात्र/योग्य व्यक्ति को आधार संख्या न होने की सूरत में किसी सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता।

सभी प्राधिकरणों को निर्देश देते हैं कि अपने फॉर्म/सकरुलर/लाइक्स को संशोधित कर लें ताकि अदालत के अंतरित आदेश की पालना के मद्देनजर भविष्य में आधार संख्या की अनिवार्यत: न रहने पाए।’ असंवैधानिक स्थितियां सरकार को अपने नागरिकों को लाभों से वंचित रखने को उस स्थिति में निषिद्ध करती हैं, किसी लाभ तक पहुंच के लिए नागरिक को अपने किसी मूल अधिकार से वंचित होना पड़ जाता हो। लोक सभा की वित्त विभाग संबंधी संसदीय स्थायी समिति और उसके बाद राज्य सभा द्वारा यूआईडी/आधार संख्या को मिले झटके उपरांत अब सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की व्यवस्था से भी अब सरकार को झटका लगा है। नौ सदस्यीय पीठ के फैसले के पश्चात एक अन्य पीठ यूआईडी/आधार की संवैधानिकता की बाबत फैसला करेगी। यह पीठ आधार एक्ट को मनी बिल के तौर पर पारित किए जाने को भी संवैधानिकता की कसौटी पर कसेगी।
 (लेखक सिटीजंस फोरम फॉर सिविल लिबर्टीज के सदस्य हैं)

24 August 2017(Thursday)

August 29, 2017 0
24 August 2017(Thursday)
1.आइएएस, आइपीएस अफसरों के लिए नई कैडर पॉलिसी

• आइएएस, आइपीएस व आइएफएस अफसरों के लिए सरकार ने नई कैडर पॉलिसी को अंतिम रूप दे दिया है। नई नीति का उद्देश्य देश की शीर्ष नौकरशाही में राष्ट्रीय एकीकरण सुनिश्चित करना है। नई नीति अगले साल से अमल में आ जाएगी।
• इसमें सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि कैडर का आवंटन अब राज्य नहीं, बल्कि जोन के आधार पर किया जाएगा।
• अभी तक जो व्यवस्था अमल में है उसके मुताबिक अफसर राज्य के आधार पर कैडर का चयन करते रहे हैं, लेकिन देखा जा रहा है कि वे गृह क्षेत्र को वरीयता देते हैं।
• सरकार का मानना है कि किसी भी अफसर के काम करने का तरीका तभी प्रभावी हो सकता है जब वह दूसरे व जटिल राज्य में अपना सेवा दे। सरकार ने अब 26 कैडर पांच जोन में विभाजित किए हैं।
• कार्मिक मंत्रालय  के एक अधिकारी ने बताया कि नई पॉलिसी में अफसर पहली वरीयता में किसी भी जोन के तहत आने वाले राज्य का चयन कर सकते हैं, लेकिन दूसरी, तीसरी, चौथी व पांचवीं वरीयता उसे दूसरे जोनों से देनी होगी।
• इसमें ख्याल रखा गया है कि अफसर को दूर के राज्यों में काम करने का मौका मिले, क्योंकि अभी तक वे पहली वरीयता में गृह राज्य को रखते थे तो दूसरी में पड़ोस के सूबे को।
• नई नीति यह सुनिश्चित करेगी कि अगर कोई अधिकारी बिहार का है तो उसे दक्षिणी और पूर्वोत्तर  के राज्यों में भी काम करना होगा, जो कि स्वाभाविक रूप से उनके पसंदीदा कैडर नहीं होंगे।
• अधिकारी के मुताबिक यह नीति यह सुनिश्चित करेगी कि देश के शीर्ष प्रशासनिक तंत्र के बीच राष्ट्रीय एकीकरण का भाव हो, क्योंकि उन्हें उनके मूल निवास वाले राज्य से इतर राज्यों में काम करना होगा।
• उन्होंने कहा कि नई नीति अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के पीछे जो मूल आधार है उसे मजबूती देने का काम करेगी। प्रशासनिक सेवा के अफसरों के बारे में यह सोचा जाता है कि उनके पास तरह-तरह की परिस्थितियों का अनुभव होगा। यह अनुभव तभी हासिल किया जा सकता है जब वे ऐसे राज्यों में भी काम करें जो उनके लिए नए हैं।1नई नीति के मुताबिक सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को कैडर के संबंध में अपनी प्राथमिकता घटते हुए क्रम में देखनी होगी।
• चयन के बाद पसंद का यह क्रम बना रहेगा और उसमें बदलाव की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर कोई अभ्यर्थी अपनी वरीयता सूची नहीं देता है तो माना जाएगा कि उसकी पसंदीदा जगह कोई नहीं है।

2. क्रीमीलेयर की सीमा बढ़ी, ज्यादा लोगों को होगा लाभ

• केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अन्य पिछड़ा वगरे (ओबीसी) की श्रेणी में क्रीमीलेयर की सीमा छह लाख रपए से बढ़ाकर आठ लाख प्रतिवर्ष कर दिया है। ओबीसी के उप वर्गीकरण के लिए भी एक आयोग बनाने का फैसला लिया गया है।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कईमहत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि ओबीसी श्रेणी में 8 लाख रूपये  तक प्रति वर्ष आमदनी वालों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे दो लाख की अतिरिक्त आय वालों को भी ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
• एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को इस फैसले के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है।
• आयोग के गठन को मंजूरी : मंत्रिमंडल ने ओबीसी के उप वर्गीकरण के मुद्दे पर विचार के लिए एक आयोग गठित करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत अन्य पिछड़ा वर्गो के उप वर्गीकरण के मुद्दे पर विचार के लिए एक आयोग गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
• आयोग अपने अध्यक्ष की नियुक्ति की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। इस आयोग को अन्य पिछड़ा वगरे के उप वर्गीकरण पर विचार करने वाले आयोग के नाम से जाना जाएगा।
• सुप्रीम कोर्ट ने डब्ल्यूपी (सी) न. 930/1990 (इंद्रा साहनी और अन्य बनाम भारत सरकार) के मामले में 16 नवम्बर 1992 के फैसले में यह कहा था कि किसी राज्य में पिछड़ी जातियों को पिछड़ा और अति पिछड़ा के रूप में कैटेगराइज्ड करने पर कोई संवैधानिक या कानूनी रोक नहीं है। अगर सरकार ऐसा चाहे तो कानूनी दिक्कत नहीं है।
• क्या करेगा आयोग: आयोग केंद्रीय लिस्ट में शामिल ओबीसी के बारे में ओबीसी की डिटेल कैटेगरी में शामिल जातियों/समुदायों के बीच आरक्षण के लाभ के असमान डिस्ट्रीब्यूशन की जांच करेगा।
• आयोग ओबीसी के भीतर सब कैटेगराइजेशन के लिए मैकेनिज्म, मानक और पैरा-मीटर्स का साइंटिफिक तरीके से आकलन करेगा।
•  आयोग ओबीसी की केंद्रीय लिस्ट में संबंधित जातियों/समुदायों/उप जातियों आदि की पहचान करेगा और उन्हें उनकी संबंधित सब कैटेगरी में कैटेगराइजेशन की पहल शुरू करेगा।
•  राज्यों में ओबीसी में है सब कैटेगरी
• अभी देश के 9 राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगराइजेशन व्यवस्था है।
• क्या है क्रीमीलेयर : क्रीमीलेयर में आने वाले ओबीसी के लोग आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाते हैं। सरकारी नौकरियों और एजुकेशन इंस्टीट्यूट ओबीसी के लिए 27 फीसद आरक्षण है।
• इस आरक्षण का लाभ लेने में शर्त यह है कि परिवार की सालाना इनकम क्रीमीलेयर के दायरे में ना आती हो। अभी तक सालाना
• इनकम लिमिट छह लाख रूपये  थी। अब यह 8 लाख कर दी गई है।जिनकी सालाना आय इस दायरे से अधिक होगी, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा

3. सरकारी बैंक कम होंगे लेकिन ताकत बढ़ेगी

• विरासत में मिली लचर बैंकिंग व्यवस्था को सुधारने की कोशिश केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार चल रही है। इस दिशा में बुधवार को कैबिनेट ने सरकारी बैंकों में विलय व एकीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
• सरकार की मंशा यह है कि तीन वर्षो में मौजूदा 21 बैंकों की संख्या घटाकर 10-12 कर दी जाए। बाद में यह संख्या और घटेगी।
• कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया, ‘नई वैकल्पिक व्यवस्था का उद्देश्य देश में मजबूत व प्रतिस्पर्धी बैंकों को स्थापित करन है। लेकिन विलय व एकीकरण का प्रस्ताव बैंकों की तरफ से ही आएगा। सरकार पूरी तरह से इन बैंकों के वाणिज्यिक हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला करेगी।’
• माना जा रहा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभिन्न मंत्रलयों को मिलाकर एक समिति गठित की जाएगी। वित्त मंत्री जेटली इस समिति के अध्यक्ष होंगे।
• यह समिति रिजर्व बैंक के सहयोग से बैंक विलय के प्रस्तावों का रोडमैप बनाएगी और बैंकों की तरफ से आने वाले प्रस्तावों को लागू करने में मदद करेगी। कुछ बैंकों में विलय की बात पहले से ही शुरू हो चुकी है। इस बारे में पहला प्रस्ताव अगले कुछ हफ्तों के भीतर ही सरकार को मिलने के आसार हैं।
• वित्त मंत्रालय  के सूत्रों का कहना है कि पिछले वर्ष भारतीय स्टेट बैंक में उसके पांच सहायक बैंक व भारतीय महिला बैंक के विलय की सफलता के बाद सरकार का भरोसा बढ़ा है कि अब अन्य बैंकों में भी विलय व एकीकरण का काम बगैर किसी खास रुकावट के हो सकता है।
• सरकार की तरफ से इस बात का भरोसा दिलाया गया है इस प्रक्रिया में इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा कि किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाए। अगर कोई समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेना चाहता है तो वह जरूर दिया जाएगा।
• वित्त मंत्रालय  के बैंकिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विलय या एकीकरण का प्रस्ताव बैंकों की तरफ से ही आएगा। पहले बैंक के निदेशक बोर्ड फैसला लेंगे और उसके बारे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गठित समिति को सूचित करेंगे।
• सरकार की तरफ से भी कुछ बैंकों को विलय के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इस बारे में फैसला कई बातों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
• सरकारी बैंकों के विलय की बात को आगे बढ़ाना इसलिए भी जरूरी हो गया है कि विलय के बाद एसबीआइ का आकार अब बहुत बड़ा हो गया है। जबकि देश के अन्य सरकारी बैंकों का आकार बहुत छोटा है। ऐसे में उनके प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाने का डर है।
• सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में जिन बैंकों के विलय के आसार हैं उनमें पीएनबी, देना बैंक और विजया बैंक शामिल हैं। इसके साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक के विलय की संभावना भी जताई जा रही है।
• इस तरह से इन बैंकों की संख्या कम जरूर होगी लेकिन वित्तीय तौर पर ये ज्यादा मजबूत होंगे। ज्यादा कर्ज दे सकेंगे और बाजार की अनिश्चितता या वैश्विक मंदी को ज्यादा बेहतर तरीके से ङोल सकेंगे। आकार बड़ा होने की वजह से इन बैंकों के लिए बाहर से फंड जुटाना आसान होगा।

4. भारत वैगन को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी

• सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को बंद करने का फैसला किया है। रेल मंत्रलय के अधीन आने वाले इस उपक्रम को सरकार 151.18 करोड़ रुपये का पैकेज देगी ताकि कंपनी की देनदारियों को चुकाया जा सके।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी समिति ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग के 626 कर्मचारियों को 2007 के वेतनमान पर स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति दी जाएगी।
• सरकार का कहना है कि बीडब्ल्यूईएल को बंद करने से सरकारी खजाने से होने वाला व्यय रुकेगा। घाटे में चल रही इस कंपनी को चलाने के लिए सरकार को भारी भरकम राशि खर्च करनी पड़ रही थी। यह कंपनी वैगन निर्माण के अलावा इनकी मरम्मत करती है।
• इसकी दो विनिर्माण इकाइयां बिहार में मोकामा और मुजफ्फरपुर में हैं। सरकार का कहना है कि बीते दस साल से कंपनी के खराब वित्तीय और भौतिक प्रदर्शन के मद्देनजर इसे बंद करने का फैसला किया गया है। रेल मंत्रलय इसे वित्तीय मदद मुहैया करा रहा था। हालांकि इसके घाटे से उबरने की संभावनाएं बेहद कम होने की वजह से इसे बंद किया जा रहा है।
• इस कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएगी। इस संबंध में भारी उद्योग विभाग के दिशानिर्देशों को पालन किया जाएगा। 1उल्लेखनीय है कि दो निजी कंपनियों मुजफ्फरपुर स्थित आर्थर बटलर और मोकामा स्थित ब्रिटानिया इंजीनियरिंग कंपनी के अधिग्रहण के बाद चार दिसंबर 1978 को सरकार ने बीडब्ल्यूईएल की स्थापना केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम के रूप में की थी।
• इस कंपनी को 2000 में बीआइएफआर यानी बोर्ड ऑफ इंडस्टियल एंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन के पास भेजा गया और इसे 2002 में बीमार घोषित किया गया। तब से यह कंपनी बीमार यानी घाटे में ही चल रही है।

5. अब Rs200 का नोट

• वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकार 2000 रपए के नोट पर प्रतिबंध लगाने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 200 रपए के नए नोट जारी करने को मंजूरी दे दी गई है और इसे जारी करने के समय के बारे में निर्णय रिजर्व बैंक करेगा।
• जेटली ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने केंद्रीय बैंक को 200 रपए के नोट जारी करने को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मकसद कम राशि की मुद्रा पर दबाव को कम करना है। नोट की छपाई कब होगी, इस संदर्भ में पूरी प्रक्रिया के बारे में निर्णय रिजर्व बैंक करेगा। अत: यह आरबीआई के लिए उपयुक्त होगा कि वह तारीख तथा नोट छपाई तथा उससे संबद्ध अन्य मामलों के बारे में जानकारी दे।
• यह पूछे जाने पर कि सरकार 2,000 रपए के नोट को धीरे-धीरे चलन से हटाने पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, नहीं, ऐसी कोई र्चचा नहीं है।
• पिछले साल नौ नवंबर को पुराने 500 और 1,000 रपए के नोटों को चलन से हटाए जाने के बाद रिजर्व बैंक ने अतिरिक्त सुरक्षा विशेषताओं के साथ 2000 रपए और 500 रपए के नए नोट पेश किए थे।

6. भारत और नेपाल के बीच बातचीत में चीन रहेगा सबसे बड़ा मुद्दा

• नेपाल के पीएम शेर बहादुर देऊबा पांच दिवसीय यात्रा  पर बुधवार को नई दिल्ली पहुंच गए। भारत उनकी यात्रा को कितना महत्व देता है उसे दिन भर चली गतिविधियों से समझा जा सकता है।
• पहला, उनकी आगवानी के लिए स्वयं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हवाई अड्डे पर पहुंची।
• दूसरा, कैबिनेट ने नेपाल के साथ सहयोग के दो अहम मुद्दों को मंजूरी दी।
• तीसरा, गुरुवार को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता से पहले बुधवार देर शाम देऊबा ने अचानक पीएम नरेंद्र मोदी के निवास स्थान पर पहुंच कर मुलाकात की।
• दरअसल, डोकलाम मुद्दे पर चीन के साथ भारत जिस तरह से विवाद में फंसा हुआ है और चीन की तरफ से नेपाल को आकर्षित करने के लिए लगातार कोशिशें हो रही हैं उसे देखते हुए देऊबा की यह यात्र बहुत अहम हो गई है।
• जानकार यह भी मान रहे हैं कि गुरुवार को जब मोदी और देऊबा द्विपक्षीय वार्ता के लिए नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आमने-सामने बैठेंगे तो उनके एजेंडे में चीन के साथ जुड़ा मसला काफी उपर होगा। नेपाल में पैठ जमाने में चीन धीरे धीरे सफल हो रहा है और देऊबा सरकार को उससे कोई ऐतराज भी नहीं है।
• भारत की आपत्तियों के बावजूद चीन ने जब बेल्ट एंड रोड इनिसिएटिव (बीआरआइ) की बैठक बुलाई तो उसमें नेपाल ने हिस्सा लिया और समझौता भी किया। काठमांडू-तिब्बत के बीच रासुवागाढ़ी हाइवे को नए सिरे से बनाने और इस पर रेलवे लाइन बिछाने की बातचीत भी हुई है।
• चीन ने धीरे-धीरे नेपाल को ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। अभी तक नेपाल इसके लिए पूरी तरह से भारत पर आश्रित रहा है। नेपाल में चीन की गतिविधियों पर भारत की पैनी नजर है।
• इनके अलावा भी कई अहम मुद्दे हैं जिन पर दोनों देशों के बीच बातचीत होना बहुत आवश्यक हो गया है। इसमें एक बाढ़ नियंत्रण से जुड़ा मुद्दा भी है।
•  वर्तमान में बिहार के बड़े हिस्से में आई बाढ़ के लिए नेपाल से आने वाली नदियों का पानी जिम्मेदार है। नेपाल में इन नदियों पर बांध बनाने के मुद्दे पर पहले दोनो देशों में बातचीत हुई थी, लेकिन मामला अभी तक बहुत आगे नहीं बढ़ा है।
• इसके अलावा नेपाल में संविधान संशोधन और वहां रह रहे मधेशियों को उनका वाजिब हक दिलाने का मुद्दा भी भारत उठाएगा। वैसे मोदी सरकार ने बुधवार को नेपाल में मादक पदार्थो के कारोबार के खात्मे में सहयोग करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
• नेपाल में ड्रग की समस्या खतरे का निशान पार कर चुकी है। ऐसे में वह लगातार भारत से सहयोग मांग रहा है। राह इस समझौते से खुलेगी।
• दूसरा फैसला नेपाल-भारत सीमा पर मेछी नदी पर पुल बनाने को लेकर है। यह भारतीय मदद से बनेगा।

7. पाकिस्तान का दर्जा घटाने की तैयारी में अमेरिका

• अमेरिका आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने पाकिस्तान पर दबाब बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद में कटौती या फिर महत्वपूर्ण गैर नाटो सहयोगी देश का उसका दर्जा घटाया जा सकता है। इसके तहत पाकिस्तान को विशेष मदद मिलती है। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने यह संकेत दिया है।
• टिलरसन ने मंगलवार को कहा, ‘पाकिस्तान को दिए जाने वाले समर्थन पर विचार किया जा रहा है। अमेरिका का पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंध इस्लामाबाद द्वारा आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई और उसके परिणामों पर निर्भर करेगा।’
• अमेरिका का शीर्ष नेतृत्व अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई न किए जाने से बेहद निराश है। सांसद टेड पो ने तो पाकिस्तान को ‘आतंक प्रायोजक देश’ की सूची में डालने की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ट्रंप के सख्त रुख की भी तारीफ की है।
• रक्षा मंत्री बोले, पाक पर होगी कार्रवाई : अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भी कहा है कि इस बार ट्रंप सरकार पाकिस्तान के खिलाफ जरूर कार्रवाई करेगी।
• अतीत में भी पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की बात कहे जाने के सवाल पर मैटिस ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, ‘आप भविष्य में इस पर अमल (पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई) होता देखेंगे।
• मैं नाटो के महासचिव के अलावा सहयोगी देशों के साथ विचार-विमर्श कर रहा हूं। उनमें से कई ने जवानों की तादाद बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। हम लोग मिलकर आतंकवादियों को तबाह करने में अफगान सुरक्षा बलों का सहयोग करेंगे।’

8. भारत-रूस की लड़ाकू विमान परियोजना अटकी!

• काफी समय से लंबित भारत और रूस की मिलकर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की परियोजना लगता है अटक गई है। रक्षा मंत्रलय का मानना है कि यह काफी खर्चीली हो सकती है। मंत्रलय ने इस परियोजना के आकलन के लिए समिति बनाई थी जिसने हाल में अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
• रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे चार प्रोटोटाइप लड़ाकू विमान विकसित करने में छह अरब डॉलर (करीब 3842 करोड़ रुपये) का खर्च आएगा।
• रक्षा मंत्रालय  के अधिकारियों के मुताबिक, यह काफी अधिक है। भारत और रूस ने 2007 में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह रूसी लड़ाकू विमान सुखोई-57 या पीएके एफए टी-50 पर आधारित होनी थी।
• साथ ही एसयू-57 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भी रूस से बातचीत की थी। दिसंबर 2010 में भारत ने लड़ाकू विमान के आरंभिक डिजाइन के लिए 29.5 करोड़ डॉलर (करीब 188 करोड़ रुपये) देने की सहमति जताई थी। हालांकि बाद के वर्षों में बातचीत में काफी बाधाएं उत्पन्न हुईं।

9. सही साबित हुआ सूर्य कोरोना पर भारतीय वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान

• भारतीय खगोल वैज्ञानिकों द्वारा 21 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण के मौके पर सूर्य कोरोना की संरचना के बारे में लगाया गया पूर्वानुमान सही साबित हुआ है। वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर सिमुलेशन तकनीक और अपने विकसित किए गए सौर मॉडल की मदद से पहली बार सूर्य ग्रहण से पहले ही सूर्य की अदृश्य चुंबकीय संरचना और सूर्य कोरोना के स्वरूप का अनुमान लगा लिया था।
• यह लगाया था अनुमान : वैज्ञानिकों ने सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध के पूर्वी एवं पश्चिमी हिस्से में हेलमेट स्ट्रीमर्स नामक कमल की पत्तियों के आकार की दो संरचनाओं के साथ-साथ सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध के पश्चिमी हिस्से में विकसित हो रहे संभावित नैरो स्ट्रीमर और उत्तरी गोलार्ध में भी इसी तरह की दो संरचनाएं होने का अनुमान लगाया था।
• दक्षिण-पूर्वी किनारे पर सूर्य के कम सक्रिय होने की भविष्यवाणी भी सही पाई गई है।
• ज्यादातर परिणाम सही मिले : अध्ययनकर्ताओं की टीम के प्रमुख डॉ. दिब्येंदु नंदी के मुताबिक, कुछेक बातों को छोड़कर हमारा पूर्वानुमान काफी हद तक सही पाया गया है।
• एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की पब्लिक आउटरीच कमेटी के अध्यक्ष नीरूज मोहन के मुताबिक, सभी पूर्वानुमानों की पुष्टी कर ली गई है।
• इसरो को मिलेगा फायदा : सुपर कंप्यूटर्स का उपयोग किए बिना सामान्य कंप्यूटिंग क्षमता के दम पर किए गए इस पहले प्रयास में पूर्वानुमानों और वास्तविक अवलोकन के बीच के बारीक अंतर का पाया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
• इस मॉडल की सफलता का फायदा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा लांच की जाने वाली सौर वेधशाला, आदित्य-एल1 द्वारा किए जाने वाले परीक्षणों को भी मिलेगा।

10. सार्क देशों की सूची में सुरक्षित पेयजल उपलब्धता में भारत का आखिरी स्थान

• दुनिया की बहुत बड़ी आबादी आज भी स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा से वंचित है। भारत के लिहाज से देखें तो 85.5 फीसद घरों में सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, फिर भी दक्षिण एशियाई देशों की सूची में हम आखिरी स्थान पर हैं। भूजल गुणवत्ता की बात करें तो देश में सबसे बुरी स्थिति पश्चिम बंगाल की है।
• हरियाणा की ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों श्रीरूप चौधरी और मिमी रॉय के सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने वर्ष 11 की भारतीय जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सुरक्षित पेयजल और बुनियादी स्वच्छता के आधार पर पेयजल क्षेत्र का मूल्यांकन किया है।
• राज्यों में पेयजल उपलब्धता की अलग-अलग स्थिति : राजस्थान में 78 फीसद घरों में सुरक्षित पेयजल स्नोत होने के बावजूद 48 प्रतिशत से अधिक लोग पेयजल के लिए भूजल पर निर्भर हैं। राजस्थान के 32 फीसद घरों में ही उपचारित नल का पानी आता है। गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में 39 से 48 फीसद तथा बिहार, नागालैंड, लक्षद्वीप, असम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में 15 फीसद से कम परिवारों को नल का उपचारित पानी मिल पाता है।
• शहरीकरण और औद्योगीकरण से जल चक्र प्रभावित : पूरे भारत में लोग नल, हैंडपंप, ट्यूबवेल, बोरवेल, नहर, नदी-नालों, तालाब व अन्य स्त्रोत से पेयजल प्राप्त करते हैं। शहरीकरण और औद्योगीकरण से जल चक्र प्रभावित हो रहा है, वहीं भूजल के रिचार्ज में भी कमी आई है।
• अपशिष्ट निपटान से जल निकायों में भौतिक-रासायनिक गुणों में बदलाव होने से जल की गुणवत्ता भी खराब हो रही है। वैज्ञानिकों ने ऐसे परिवर्तनों को चिह्न्ति करके पेयजल स्नोतों की पहचान करने के सुझाव दिए हैं।