1.आर्थिक मनोविज्ञान की गुत्थी सुलझाने वाले थेलर को अर्थशास्त्र का नोबेल
• आर्थिक मनोविज्ञान की गुत्थी सुलझाने वाले अमेरिका के रिचर्ड थेलर को अर्थशास्त्र का नोबेल देने की घोषणा की गई है। आर्थिक व्यवहार में मनोविज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डालने के लिए उनका चयन किया गया है। थेलर यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। आर्थिक क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की स्थापना 1968 में की गई थी।
• रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को भी नोबेल पुरस्कार का संभावित दावेदार बताया गया था।
• रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को थेलर के नाम का एलान किया। एकेडमी ने कहा, थेलर के योगदान ने निर्णय की प्रक्रिया में आर्थिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के बीच सेतु का काम किया है। इससे सीमित चेतना, सामाजिक प्राथमिकताएं और स्व-नियंत्रण के अभाव आदि के प्रभावों के बारे में पता लगाया जा सकता है।
• उनका अनुभव आधारित शोध परिणाम और सैद्धांतिक परख नए और तेजी से फैलते व्यवहारिक अर्थशास्त्र के क्षेत्र के लिए मददगार साबित हुआ है। थेलर को 11 लाख डॉलर (करीब 7.15 करोड़ रुपये) नकद और प्रतीक चिह्न् प्रदान किए जाएंगे।
• वर्ष 1969 से अब तक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में 49 पुरस्कार दिए गए हैं।
• 25 बार पुरस्कार सिर्फ एक व्यक्ति को दिया गया।
• अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वालीं एलिनर ऑस्ट्रॉम एकमात्र महिला हैं।
• 51 वर्ष की उम्र में सम्मान हासिल करने वाले केनेथ ऐरो सबसे युवा अर्थशास्त्री।
• 90 साल के लियोनिड सबसे उम्रदराज विजेता।
2. स्वत: धर्मातरण का सवाल संविधान पीठ के हवाले
• सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पांच सदस्यीय संविधान पीठ को संदर्भित कर दी, जिसमें सवाल उठाया गया था कि पारसी महिला के एक हिन्दू पुरुष से शादी करने से क्या स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत स्वत: उसका धर्मातरण हिन्दू धर्म में हो जाता है और पारसी के तौर पर उसके अधिकार खत्म हो जाते हैं।
• प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्र, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि इस बात पर विचार करना होगा कि क्या तीन तलाक मामले में पांच सदस्यीय पीठ का इस मामले पर कुछ रोशनी डाल सकता है। सर्वोच्च अदालत पारसी महिला गुलरुख एम. गुप्ता की 2012 में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें उन्होंने बांबे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
• हाई कोर्ट ने 2010 में पारसी कानून को बरकरार रखते हुए कहा था कि पारसी महिला के एक हिन्दू से शादी करने से पारसी समुदाय में उसके धार्मिक अधिकार खत्म हो जाते हैं। हाई कोर्ट का यह भी कहना था कि अगर अदालत अनुमति दे तो वह अपना पारसी दर्जा बरकरार रख सकती हैं।
• सुप्रीम कोर्ट में गुलरुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा, परंपरा का यह सिद्धांत कि शादी के बाद महिला अपने पति का धर्म अपना लेती है, अब सही नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने एक हिन्दू से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की है और उन्हें पारसी समुदाय में अपना स्थान बनाए रखने की इजाजत दी जाए।
• उन्होंने कहा कि एक गैरपारसी पुरुष से शादी करने की वजह से उन्हें पारसियों के अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। उनकी दलील है कि जब एक पारसी पुरुष किसी गैर पारसी महिला से शादी करता है तो पारसी के तौर पर उसके सभी अधिकार बरकरार रहते हैं।
• याचिका में उन्होंने पारसी मंदिरों में प्रार्थना करने और अपने पिता की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार करने के लिए ‘टॉवर ऑफ साइलेंस’ जाने का अधिकार भी मांगा है। पारसियों में इस टॉवर का इस्तेमाल अंतिम संस्कार के लिए किया जाता है।
3. ऊर्जा क्षेत्र में काफी असंतुलन : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इस उद्योग में सुधार की अब भी है गुंजाइश
• प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि भारत स्वच्छ और अधिक दक्ष ईधन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में वह चाहते हैं कि इसका लाभ समाज के सभी तबके खासकर गरीबों को मिले।समर्थन के लिए सराहनामोदी ने देश में ऊर्जा क्षेत्र में समर्थन के लिए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और रोसनेफ्ट को धन्यवाद दिया। उन्होंने सऊदी अरब के 2030 दृष्टिकोण पत्र की सराहना की।
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति काफी असंतुलित है। इसके कई क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश अब भी बनी हुई है।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वार जारी एक बयान के अनुसार घरेलू एवं नियंतण्र तेल एवं गैस कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों तथा विशेषज्ञों के साथ बातचीत में उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक नीति के सुझाव का स्वागत किया।
• मोदी ने तेल एवं गैस क्षेत्र में नवप्रवर्तन और अनुसंधान के लिए सभी संभावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने बायोमास ऊर्जा की संभावना का जिक्र किया और कोयला गैसीफिकेशन के क्षेत्र में भाग लेने और संयुक्त उद्यम का न्योता दिया।
• बैठक में बीपी, रोसनेफ्ट, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सऊदी आर्मको, एक्सोन मोबिल, रायल डच शेल, वेदांता, वूड मैकिंजे, आईएचएस मार्किट, श्लुमबर्गर, हैलीबुर्टोन, एक्सकोल, ओएनजीसी, इंडियन आयल, गेल, पेट्रोनेट एलएनजी, आयल इंडिया, एचपीसीएल, डेलोनेक्स एनर्जी, एनआईपीएफपी, इंटरनेशनल गैस यूनियन के प्रमुख शामिल हुए।
• इसके अलावा विश्वबैंक और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।बयान के अनुसार बैठक में एकीकृत ऊर्जा नीति, अनुबंध मसौदा और व्यवस्था, भूगर्भिय गतिविधि आंकड़े, गैस आपूर्ति में सुधार, वृहद गैस केंद्र की स्थापना तथा नियामकीय मुद्दों पर र्चचा हुई। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने पिछले तीन साल में प्रगति और सुधारों की सराहना की।
4. इंडिया पोस्ट ने शुरू कीं नई सेवाएं
• राष्ट्रीय डाक सप्ताह के मौके पर देश की सरकारी डाक सेवा इंडिया पोस्ट ने दो नई सेवाएं शुरू करने का ऐलान किया है। इन सेवाओं में इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस (आईटीपीएस) और ई-पोस्टल आर्डर सुविधा शामिल है।
• इन सेवाओं का शुभारंभ करते हुए संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार भारत डाक भुगतान बैंक की 650 शाखाएं स्थापित करने पर काम कर रही है, जिससे वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन दिया जा सके। सिन्हा ने कहा, भुगतान बैंक के लिए हम देशभर में 650 शाखाएं स्थापित कर रहे हैं। रायपुर और रांची की शाखाएं शुरू भी हो चुकी हैं। हमारा लक्ष्य है कि 650 डाक भुगतान बैंकों के जरिये 1.55 लाख गांवों में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाया जाए।
• मंत्री ने यहां राष्ट्रीय डाक सप्ताह (9 से 15 अक्टूबर) के मौके पर आयोजित कार्यक्र म को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरीके से प्रौद्योगिकी में बदलाव आ रहा है कर्मचारियों को उनके मुताबिक खुद को तैयार करना चाहिए। हालांकि इसके साथ ही विभाग के मूल्यों को भी कायम रखा जाना चाहिए।
• उन्होंने कहा कि ई-आईपीओ (इंडियन पोस्टल आर्डर) 20, 50 और 100 रपए के मूल्य में उपलब्ध होगा। इनका इस्तेमाल शिक्षा संस्थानों की फीस के भुगतान और अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा। अभी तक 10 रपए के ई-आईपीओ का इस्तेमाल सिर्फ सूचना के अधिकार (आरटीआई) के लिए किया जाता था।
• ई-आईपीओ को बिहार, दिल्ली और कर्नाटक में पायलट परियोजना के रूप में लागू किया गया है। अगले दो माह मे इसे पूरे देश में पेश किया जाएगा।दूसरी ओर इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सेवा का मकसद एशिया प्रशांत क्षेत्र में ई-कॉमर्स क्षेत्र की सीमापार जरूरतों को पूरा करना है।
5. ट्रंप ने एच-1 बी वीजा में कड़ाई का फैसला टाला
• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौकरियों को लेकर भारतीय और चीनी पेशेवरों पर हमले के अपने रुख में बदलाव किया है। उन्होंने गुणवत्ता पर आधारित आव्रजन नीति बनाने का प्रस्ताव संसद को भेजा है, जिसमें एच-1 बी वीजा को लेकर कोई कड़ी शर्त लगाने की बात नहीं है। ट्रंप का यह रुख भारत के पक्ष में जाता है, क्योंकि इस वीजा पर ही सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े भारतीय पेशेवर अमेरिका जाते हैं और नौकरी करते हैं। हां, ग्रीन कार्ड पर ट्रंप ने कड़ा रुख बरकरार रखा है।
• ज्ञात हो, राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिकी लोगों की नौकरी पर कब्जा करने वाले विदेशियों की आमद सीमित करने के लिए ट्रंप ने एच-1 बी वीजा की संख्या सीमित करने की घोषणा की थी। जाहिर है इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ना था जो अमेरिका में आइटी, मेडिकल और आर्थिक सेवाओं से जुड़ी नौकरियों के दावेदार होते हैं।
• रविवार को संसद भेजे गए प्रस्ताव में एच-1 बी वीजा में कटौती या उसको लेकर कोई कड़ी शर्त लगाने का बिंदु नहीं है। गुणवत्ता आधारित आव्रजन नीति से भी भारतीय आइटी पेशेवरों को फायदा होगा। उन्हें वीजा मिलने में आसानी होगी। प्रस्ताव में ग्रीन कार्ड सिस्टम में सुधार का प्रस्ताव है। संसद में प्रस्ताव पारित होने पर अमेरिका में रहने वाले विदेशियों को ग्रीन कार्ड मिलना मुश्किल होगा।
• ग्रीन कार्ड वह व्यवस्था है जिसमें कुछ वर्ष रहने के बाद व्यक्ति को स्थायी रूप से रहने की सशर्त सुविधा मिल जाती है। प्रस्ताव में रिश्तेदारों को स्वत: ग्रीन कार्ड मिलने की शर्त कड़ी की गई है। इससे पेशेवरों को परिजनों को स्थायी रूप से साथ रखने में मुश्किल पेश आएगी।
• प्रस्ताव में छोटी नौकरियों के लिए विदेशियों को मौका देने से अमेरिकी हितों पर असर पड़ने की बात कही गई है। कहा गया है कि इन नौकरियों पर विदेशी कम वेतन पर काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं जिससे अमेरिकियों के हित प्रभावित होते हैं। ऐसे में उन्हें नौकरी मिलती नहीं है और अगर मिलती है तो कम वेतन मिलता है।
6. आज अलग देश घोषित हो सकता है कैटलोनिया
• स्पेन की सड़कों पर उतरे लाखों लोगों ने सोमवार को इतना दबाव बना दिया कि पृथक कैटलोनिया राष्ट्र के गठन की घोषणा नहीं हो सकी। सड़क पर उतरे लोग स्पेन की एकजुटता के पक्षधर थे। वहीं, पृथकतावादी पीछे न हटने पर अड़े हुए हैं। उनके समर्थन में बार्सिलोना की सड़कों पर लोग जमे हुए हैं। मंगलवार को पृथक राष्ट्र की घोषणा हो सकती है।
• ब्रिटेन के बाद फ्रांस ने भी कैटलोनिया राष्ट्र के प्रति नकारात्मक भाव व्यक्त किए हैं। 1एक अक्टूबर के जनमत संग्रह में 90 फीसद लोगों का समर्थन पा चुके पृथकतावादियों ने मंगलवार को कैटलोनिया स्वायत्त क्षेत्र की संसद की बैठक बुलाई है। स्पेन सरकार को संसद सत्र में स्वतंत्र कैटलोनिया के पक्ष में प्रस्ताव पारित होने की आशंका है। इसी के चलते स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो राजोय ने कैटलोनिया की स्वायत्तता को रद करने की चेतावनी दी है।
• इस राजनीतिक अनिश्चितता का असर स्पेन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। संपन्न कैटलोनिया इलाके से बैंक और व्यापारिक प्रतिष्ठान अपने मुख्यालय स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।
• अगर संकट लंबा खिंचा तो अगले चंद रोज में कई बड़ी कंपनियां अपने मुख्यालय कैटलोनिया इलाके से हटा सकती हैं। पृथक राष्ट्र बनने की स्थिति में उसे मान्यता मिलने और संस्थागत ढांचा खड़ा होने में काफी समय लग सकता है।
7. श्रीलंका : विपक्ष ने भारत से प्रस्तावित एयरपोर्ट सौदा का विरोध किया
• पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे की अगुवाई में श्रीलंका के मुख्य विपक्षी गठबंधन ने एक भारतीय कंपनी को एक हवाईअड्डे का लीज दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए चेताया है कि सरकार को देश को अंतरराष्ट्रीय वर्चस्व की राजनीति में एक प्यादा नहीं बनने देना चाहिए।
• एक भारतीय कंपनी ने मताला राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को विकसित करने के लिए निविदा भरा था। इस हवाईअड्डे को राजपक्षे सरकार के तहत चीन से बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर किया गया था। एमआरआईए को 20.9 करोड़ डॉलर की लगात से बनाया गया था।
• इसे सबसे खाली एयरपोर्ट भी कहा जाता है क्योंकि यहां से बहुत सीमित संख्या में उड़ानों का परिचालन किया जाता है। सरकारी संपत्तियों की बिक्री के खिलाफ संयुक्त विपक्ष के शून्य काल में लाए गए प्रस्ताव के दौरान नमल राजपक्षे ने कहा, हम सरकार से कहना चाहते हैं कि वह श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय वर्चस्व की राजनीति में कठपुतली नहीं बनने दे।
8. जम्मू-कश्मीर के संबर में 12.75 किमी लंबी सुरंग बनाएगी उत्तर रेलवे
• उत्तर रेलवे कश्मीर में रामबन के संबर इलाके में 12.75 किमी लंबी सुरंग का निर्माण करने जा रही है। कटरा-बनिहाल रेल खंड की 111 किमी की लंबाई में छोटी-बड़ी 87 सुरंगें हैं।
• कटरा-बनिहाल खंड में 27 सुरंगें हैं और ज्यादातर बहुत लंबी है। इनमें 4 ऐसी हैं जिनकी लंबाई 9 किमी से भी अधिक है।
• इसके पहले उत्तर रेलवे हिमालय के पीर पंजाल के आरपार देश की सबसे बड़ी 11.2 किमी लंबी टनल बनाई थी। यूएसबी आरएल 3 किमी से अधिक लंबाई वाले टालों पर अंतरराष्ट्रीय मानदंडों आधार पर मुख्य टनलों के साथ एस्केप टनल का निर्माण कर रहा है।
• कटरा-बनिहाल खंड में एस्केप सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 67 किमी है। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता नीरज शर्मा ने बताया कि कटरा-बनिहाल खंड पर लगभग 50 मुख्य टनलिंग कार्य का पूरा हो चुका है।
• शर्मा ने बताया कि कटरा-बनिहाल मार्ग काफी दुर्गम क्षेत्र था। यूएसबी आरएल ने उस क्षेत्र में 200 किमी से अधिक सड़क मार्ग का निर्माण किया है।

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