Thursday, October 5, 2017

दैनिक समसामयिकी 05 Oct 2017(Thursday)

October 05, 2017 0
दैनिक समसामयिकी
05 Oct 2017(Thursday)

1.केमिस्ट्री का नोबेल तीन वैज्ञानिकों को : अणुओं के अध्ययन की बेहतरीन पद्धति ‘‘क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कॉपी’ विकसित करने पर तीनों वैज्ञानिकों को मिला यह सम्मान

• जीका विषाणु और अल्जाइमर एंजाइम पर प्रकाश डालने वाली क्रांतिकारी तकनीक क्रायो-इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोस्कोपी विकसित करने को लेकर तीन वैज्ञानिकों जाक दुबोशे, जोएखिम फ्रैंक और र्रिचड हेंडरसन को रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।
• इस खोज को लेकर इन तीन वैज्ञानिकों को इस पुरस्कार के लिए चुने जाने की दुनियाभर के वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की है।नोबेल केमिस्ट्री कमेटी ने कहा, कोशिकाओं के सूक्ष्मतम ढांचे की जांच इस पद्धति के तहत इलेक्ट्रॉन बीम से की गई।
•  शोधकर्ता अब बीच में ही बायोमोलेक्युल को जमा (ठंडा कर) सकते हैं और प्रक्रि या को दृश्य रूप दे सकते हैं जैसा करना पहले कभी नहीं देखा गया। यह चीज जीवन को समझने और दवाइयों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह पद्धति बायो-मोलेक्युल को प्राकृतिक अवस्था में जमी हुई अवस्था (ठंड से) में रखने में मदद करेगा।
•  कोशिका के ढांचों, विषाणुओं और प्रोटीन के सूक्ष्मतम ब्योरे का अध्ययन करने में इसका इस्तेमाल किया गया। कमेटी ने कहा, जब कमेटी ने कहा कि शोधकर्ताओं को जब संदेह हुआ कि जीका विषाणु ब्राजील में नवजात शिशुओं के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा कर महामारी फैला रहा है तब उन्होंने विषाणु को चित्रात्मक रूप देने के लिए क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी का रुख किया।
• इन वैज्ञानिकों की टीम की नयी पद्धति से शोधकर्ता अब नियमित रूप से बायो-मोलेक्युल का त्रिआयामी (3डी) ढांचा बना सकते हैं। बायो-मोलेक्युल जीवों के संभरण और उपापचय प्रक्रि या में शामिल होता है।

2. भारत और जिबूती ने द्विपक्षीय वार्ता पर करार किया

• भारत और जिबूती ने नियमित विदेश कार्यालय स्तर की बातचीत के लिए बुधवार को यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यात्रा के दौरान एक समझौते पर दस्तखत किए। कोविंद और जिबूती के राष्ट्रपति उमर ग्वेलेह की बातचीत के बाद समझौते पर दस्तखत किए गए।
• कोविंद ने 2015 में संघर्ष प्रभावित यमन से भारतीयों को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन राहत के दौरान जिबूती की मदद के लिए ग्वेलेह का शुक्रि या किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की जिबूती की सदस्यता के जल्द अनुमोदन की भी अपील की।
• प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद ने 2015 में पेरिस में हुए सीओपी21 सम्मेलन में आईएसए की शुरुआत की थी।

3. रेलवे विस्तार को स्विटजरलैंड के साथ करार को मंजूरी

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के नेटवर्क विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए स्विट्जरलैंड के साथ किए गए तकनीकी सहयोग के समझौते का बुधवार को अनुमोदन कर दिया।स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लेथार्ड की भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ 31 अगस्त को हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक के बाद इस करार पर हस्ताक्षर किए गए थे।
• यह करार रेल मंत्रालय और स्विस परिसंघ के पर्यावरण, परिवहन और संचार के संघीय विभाग के मध्य रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए हुआ था जिस पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी और भारत में स्विटजरलैंड के राजदूत डॉ. एंड्रियास बॉम ने हस्ताक्षर किए।

4. आरबीआई ने विकास  दर का अनुमान घटाया

• रिजर्व बैंक ने जीएसटी से जुड़े मुद्दों और खरीफ उत्पादन अनुमान कम रहने के कारण वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.7 फीसद कर दिया है। पहले इसके 7.3 फीसद रहने का अनुमान जताया गया था।
• रिजर्व बैंक ने अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ना और खरीफ फसल उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान कम आना आर्थिक परिदृश्य में गिरावट के शुरुआती संकेत देते हैं।
• उसने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन का प्रतिकूल प्रभाव भी अब तक बना हुआ है ऐसा जान पड़ता है। इससे अल्पकाल में विनिर्माण क्षेत्र के लिए संभावना अनिश्चित जान पड़ती है। रिजर्व बैंक के अनुसार, इससे निवेश गतिविधियों में और देरी हो सकती है जो बैंकों और कंपनियों के बही-खातों पर दबाव के कारण पहले से प्रभावित है।
• केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि उसने दूसरी तिमाही में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का सर्वे किया जिससे ग्राहकों का भरोसा और कुल मिलाकर व्यापार आकलन कमजोर होने का पता चला। मौद्रिक नीति समिति द्वारा की गई समीक्षा के ब्योरे के अनुसार सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनियां तीसरी तिमाही में व्यापार माहौल सुधरने की उम्मीद कर रही हैं।

5. अक्षय ऊर्जा क्षमता 2022 तक दोगुनी होगी

• भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 2022 तक बढ़कर दोगुनी हो जाएगी। पहली बार ऐसा होगा जब अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार के मामले में भारत यूरोपीय संघ से आगे निकल जाएगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने एक रिपोर्ट में यह बात कही।
• सरकार के ताजा आंकड़े के अनुसार देश की अक्षय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 58,300 मेगावाट है। सरकार ने 2022 तक इसे बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट रखने का लक्ष्य रखा है। इसमें 1,00,000 मेगावाट क्षमता सौर ऊर्जा की होगी।
• आईईए ने अपनी हालिया रिपोर्ट  में कहा, 2022 तक भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता दोगुने से अधिक हो जाएगी। यह अक्षय ऊर्जा विस्तार में यूरोपीय संघ को पहली बार पछाड़ने के लिए पर्याप्त होगा।
• एजेंसी ने कहा कि सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा देश की क्षमता वृद्धि में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। नीलामी में इन दोनों प्रौद्योगिकियों के लिए सबसे कम कीमतें उभरकर सामने आई हैं।
•  भारतीय सौर ऊर्जा निगम द्वारा कराई गई नीलामी में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की कीमतें क्र मश: 2.44 रपए प्रति इकाई तथा 3.46 रपए प्रति इकाई के रिकार्ड निचले स्तर पर आ गई।
• उसने कहा कि 2022 तक चीन, भारत और अमेरिका की वैश्विक  अक्षय ऊर्जा में दो तिहाई हिस्सेदारी रहेगी। महज सौर ऊर्जा का उत्पादन तब भारत और जापान के अभी के कुल ऊर्जा उत्पादन से अधिक होगा। एजेंसी ने कहा कि चीन अभी भी अक्षय ऊर्जा विस्तार के मामले में अग्रणी बना हुआ है।

6. बांग्लादेश को 4.5 अरब डालर का ऋण देगा भारत

• बांग्लादेश ने बुधवार को भारत के साथ 4.5 अरब डालर के तीसरे ऋण सुविधा (एलओसी) करार पर दस्तखत किए। बांग्लादेश इस कर्ज का इस्तेमाल अपने बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र के विकास पर करेगा।
•  इस करार पर वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनके बांग्लादेशी समकक्ष एएमए मुहित की मौजूदगी में दस्तखत किए गए। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
•  बांग्लादेश की ओर से इस करार पर आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव काजी शोफिकुल आजम तथा भारत की ओर से एक्जिम बैंक के प्रबंध निदेशक डेविड रासक्विहा ने दस्तखत किए।
• भारत की ओर से इस भारी भरकम 4.5 अरब डालर की ऋण सुविधा का इस्तेमाल बांग्लादेश में 17 बड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।
• इनमें बिजली, रेल सड़क, जहाजरानी, बंदरगाह क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। गत एलओसी करारों की तरह बांग्लादेश को इस पर एक फीसद सालाना का ब्याज देना होगा।

7. कैटेलोनिया संकट :पुलिस प्रमुख पर राजद्रोह के आरोप

• स्पेन की राष्ट्रीय अदालत के एक न्यायाधीश ने पिछले महीने कैटेलोनिया के विवादित स्वतंत्रता अभियान के कारण फैली अशांति को रोकने में असमर्थता के सिलसिले में क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख को कथित राजद्रोह के मामले में न्यायिक जांच के दायरे में रखा है।
• नाम गुप्त रखने की शर्त पर अदालत के प्रवक्ता ने बताया कि मैडिड की राष्ट्रीय अदालत ने जोसेप लुई त्रापेरो और तीन अन्य संदिग्धों को राजद्रोह के एक मामले में शुक्र वार की सुनवाई के लिए सम्मन भेजा है। यह आरोप बार्सिलोना में 20 और 21 सितम्बर को स्वतंत्रता अभियान के खिलाफ कार्वाई करने के दौरान राष्ट्रीय सरक्षाबलों द्वारा क्षेत्रीय सरकारी कार्यालयों पर छापा मारने के संदर्भ में लगाए गए हैं कि पुलिस कार्रवाई उग्र प्रदर्शन के कारण की गई थी और कैटेलोनिया की पुलिस पर इसमें हस्तक्षेप न करने के आरोप लगे हैं।
• प्रवक्ता ने बताया, चारों संदिग्धों को राजद्रोह के एक अपराध में आरोपी बनाया गया है, जो अधिकारियों को उनकी ड्यूटी से जबरन रोकने के लिए जनसमूह और उनके द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन से संबंधित है। स्पेन की दंड संहिता के अंतर्गत अगर किसी प्राधिकरण के सदस्य द्वारा किया गया है तो राजद्रोह के अपराध में 15 साल तक की सजा हो सकती है।
• कैटेलोनिया की प्रांतीय पुलिस पर स्वतंत्रता की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में असफल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। न्यायिक जांच का आदेश देने वाले न्यायाधीश कार्मेल लामेला ने कैटेलोनिया की स्वतंत्रता के पक्ष में अभियान चला रहे दो समूहों के नेताओं को भी सम्मन भेजा है।

8. इलाहाबाद में कछुआ अभयारण्य व नदी जैव विविधता पार्क बनेगा

• केंद्र सरकार ने इलाहाबाद में एक कछुआ अभयारण्य और त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन स्थान) पर रिवर बायोडायवर्सिटी (नदी जैव विविधता) पार्क की स्थापना को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा स्वीकृत इस परियोजना की सौ फीसद फंडिंग केंद्र सरकार करेगी।
• एक सरकारी बयान में कहा गया है कि परियोजना में एक कछुआ पालन केंद्र का निर्माण भी किया जाना है। इसमें त्रिवेणी पुष्प पर स्थायी नर्सरी और अस्थायी वार्षिक पालन केंद्र बनाया जाएगा। 1बयान के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.34 करोड़ रुपये है।
• परियोजना के जरिये आगंतुकों को गंगा नदी के महत्व तथा इसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरुकता लाने पर भी जोर दिया जाएगा। जैव विविधता पार्क से लोगों को पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद मिलेगी। लोगों को उनकी जिम्मेदारियों और भूमिकाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। 1गंगा नदी में घड़ियाल, डालफिन तथा कछुए सहित 2,000 से अधिक जलीय प्रजातियां हैं।
• गंगा नदी की यह समृद्ध जैव विविधता देश की 40 फीसद आबादी की जीवन रेखा है। 1बयान में कहा गया है कि इलाहाबाद में गंगा और यमुना में विलुप्त हो रही कछुओं की प्रजातियां रखी जाएंगी। ताकि उन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सके।
• अभी जिन दुर्लभ कछुओं की प्रजातियों को शामिल किया गया है उनमें बतागुर कछुआ, बतागुर धोनगोका, निल्सोनिया गैंगेटिका, चित्र इंडिका, हरदेला टूरजी व अन्य हैं। साथ ही गंगा और यमुना में गांगेय डालफिन, घड़ियाल भी होंगे।

9. रजनीश कुमार नियुक्त हुए एसबीआइ के नए चेयरमैन

• रजनीश कुमार को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य की जगह लेंगे।
• 2013 में एसबीआइ की पहली महिला चेयरमैन बनीं भट्टाचार्य का कार्यकाल पिछले साल अक्टूबर में एक साल के लिए बढ़ाया गया था। विस्तारित कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा।1कुमार इस समय एसबीआइ के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बतौर चेरयमैन उन्हें फंसे कर्ज (एनपीए) की चुनौती विरासत में मिलेगी।
• केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति ने सात अक्टूबर से या कार्यभार संभालने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए रजनीश कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
• 59 वर्षीय कुमार 26 मई 2015 को एसबीआइ बोर्ड से जुड़े थे। इस नियुक्ति से पहले वह कंप्लायंस एंड रिस्क विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर और एसबीआइ कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के सीईओ व मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर थे। कुमार ने प्रोजेक्ट फाइनेंस और लीजिंग स्ट्रैटजिक बिजनेस यूनिट के चीफ जनरल मैनेजर के रूप में भी काम किया है।
• इसके अलावा उन्होंने कनाडा और ब्रिटेन में दो अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट समेत विभिन्न व्यापारिक असाइनमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
• उल्लेखनीय है कि बड़ी संख्या में बैंकों को एनपीए से जुड़े मामलों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रलय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 के अंत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए बढ़कर 6.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो एक साल पहले 5.02 लाख करोड रूपए था।

दैनिक 04 Oct 2017(Wednesday)

October 05, 2017 0
दैनिक
04 Oct 2017(Wednesday)

1.भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन अमेरिकी वैज्ञानिकों को मिला

• गुरुत्वाकर्षणीय तरंगों का पता लगाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले अमेरिकी वैज्ञानिकों रेनर वेइस, बैरी बेरिश और किप थोर्न को संयुक्त रूप से भौतिकी का 2017 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मंगलवार को भौतिकी के नोबेल की घोषणा की।
• करीब एक सदी पहले अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहली बार स्पेस-टाइम में तरंगों का पता लगाया था। इसके बाद पिछले साल के आरंभ में जब गुरुत्वाकर्षणीय तरंगों का पहली बार पता लगाने की घोषणा की गई, तो खगोल भौतिकी क्षेत्र में इसे क्रांतिकारी खोज बताया गया। विजेता वैज्ञानिकों को 7.25 करोड़ रुपए (90 लाख स्वीडिश क्रोन) दिए जाएंगे।
• रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कहा कि यह पूरी तरह नई और अलग, अनदेखी दुनिया के सामने आने जैसा है। चुंबकीय तरंगों को पकड़ने और उनके संदेशों की व्याख्या करने में सफल रहने वालों के लिए खोजों का खजाना इंतजार कर रहा है।
• ये तरंगें बेहद घने ब्लैक होल के विलय से पैदा हुईं और लेजर इनफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (एलआईजीओ)में लेजर बीम्स के इस्तेमाल से इनका पता चला।
एकेडमी ने कहा कि जब इनका संकेत पृथ्वी तक पहुंचा था तो वह बेहद कमजोर था, लेकिन खगोल भौतिकी के क्षेत्र में यह बहुत क्रांतिकारी है। पुरस्कार की आधी राशि रेनर को दी जाएगी, जबकि शेष राशि बैरी बेरिश और किप थोर्न के बीच बांटी जाएगी।
• सोमवार को अमेरिका के ही जेफरी सी हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल यंग को चिकित्सा के लिए नोबेल दिए जाने का ऐलान हुआ है।

2. इकोनामी में सुधार के संकेत : बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.9% बढ़ा

• आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में बढ़कर 4.9 फीसद हो गई। यह इसका पांच माह का ऊंचा स्तर है। कोयला, प्राकृतिक गैस और बिजली क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से उत्पादन बढ़ा है।
• सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ बुनियादी उद्योगों (कोर सेक्टर) में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली आते हैं। पिछले साल अगस्त में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 3.1 फीसद रही थी।
• पिछले महीने यानी जुलाई में यह 2.6 फीसद रही थी। मार्च के बाद से यह बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर का सबसे ऊंचा स्तर है। उस समय यह 5.2 फीसद रही थी।
• आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कोयला उत्पादन 15.3 फीसद बढ़ा, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.2 फीसद तथा बिजली उत्पादन में 10.3 फीसद की बढ़ोतरी हुई।
• इन आंकड़ों से यह आभास मिलता है कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने से जो व्यवधान पैदा हुआ था उससे कारोबारी गतिविधियां उबरने लगी हैं और यह क्रम जारी है-
• देश में सितम्बर में लगातार दूसरे माह विनिर्माण गतिविधियों में तेजी का रुख रहा। नए आर्डर आने और उत्पादन बढ़ने से सितम्बर में विनिर्माण गतिविधियां बेहतर रहीं। हालांकि उनकी वृद्धि की रफ्तार ऐतिहासिक रुझानों को देखते हुए कुछ धीमी रही।
• एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष सामने आया है।निक्केई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग  मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितम्बर माह में 51.2 अंक रहा। अगस्त के आंकड़े के मुकाबले इसमें मामूली बदलाव दिखा। इससे जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद व्यावसायिक गतिविधियों में सुधार जारी रहने का संकेत मिलता है। हालांकि यह आंकड़ा 54.1 के दीर्घकालिक रुझान से नीचे रहा।
• पीएमआई में 50 से कम अंक गिरावट को दर्शाता है जबकि इससे ऊपर का आंकड़ा व्यावसाय में वृद्धि का रुझान दिखाता है। पीएमआई रिपोर्ट की लेखक व आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आश्ना डोधिया ने कहा, विनिर्माताओं के बीच कारोबारी विास भी बढ़ा है। उन्हें लगता है कि सरकार की हाल की नीतियों से उन्हें दीर्घकाल में फायदा होगा।
• इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में बेहतर रोजगार का रुख रहा है जिससे कारोबारी विास की पुष्टि होती है। नए कारोबारी आर्डर मिलने से भारतीय विनिर्माताओं ने अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है और इसकी गति अक्टूबर 2012 के बाद सबसे ज्यादा तेज देखी गई है। मूल्य के मोर्चे पर सर्वेक्षण में कहा गया है कि हालांकि सितम्बर में लागत का दबाव बढ़ा है।

3. आटोमेशन से इकोनामी को खतरा नहीं : अरविंद पनगढ़िया

• भारत के शीर्ष अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि विश्व निर्यात बाजार करीब 22,000 अरब डालर का है। यह इतना बड़ा है कि शायद ही आटोमेशन व संरक्षणवाद का इस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
• संयुक्त राष्ट्र महासभा की दूसरी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए 65 साल के पनगढ़िया ने इस बात को भी महत्व नहीं दिया कि आटोमेशन से लोगों की नौकरी जाएगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद से हाल में ही इस्तीफा देने वाले पनगढ़िया कोलंबिया विविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और जगदीश भगवती प्रोफेसर आफ इंडियन पालिटिकल इकोनामी के रूप में अमेरिका वापस लौट गए हैं।
• उन्होंने कहा, आटोमेशन को लेकर मेरी अपनी व्यक्तिगत राय यह है कि हम प्राय: बढ़ा-चढ़ाकर चीजों को रखते हैं। हम यह तो देखते हैं कि आटोमेशन से कौन से नौकरियां खत्म हुई लेकिन हम यह नहीं देख सकते हैं कि वास्तव में आटोमेशन से किस प्रकार की नौकरियां सृजित होंगी।
• पनगढ़िया ने जोर देकर कहा कि इतिहास में कभी यह नहीं देखा गया कि प्रौद्योगिकी की प्रगति से रोजगार में कटौती हुई हो। उन्होंने कहा, यह हम सभी को अधिक व्यस्त बनाता है और औद्योगिक देशों में जहां आटोमेशन हैं लोग ज्यादा व्यस्त हैं।

4. पहली विदेश यात्रा पर जिबूती पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद

• राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जिबूती और इथियोपिया की अपनी चार दिन की यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को यहां पहुंचे। यह राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। जिबूती की यात्रा करने वाले पहले भारतीय नेता कोविंद की अगवानी यहां हवाई अड्डे पर जिबूती के प्रधानमंत्री कामिल मोहम्मद ने की।
• विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका) नीना मल्होत्रा ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति दोनों अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा के दौरान विदेश कार्यालय परामर्श तथा इथियोपिया के साथ वृहद आर्थिक सहयोग को संस्थागत बनाने से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
• राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा, जिबूती हिंद महासागर क्षेत्र का महत्वपूर्ण साझेदार देश है जिसके साथ 2016-17 में भारत का द्विपक्षीय कारोबार 28.4 करोड़ डॉलर का रहा।मलिक ने कहा, राष्ट्रपति इस यात्रा को लेकर आशान्वित हैं।
• वह मानते हैं कि अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र भारतीय विदेश नीति के केंद्रबिंदु में हैं। इसलिए उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए इस क्षेत्र को चुना गया। भारत ने जिबूती को 4.9 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता दी है जो मुख्य रूप से एक सीमेंट संयंत्र बनाने के लिए दी गई है।
• कोविंद की इथियोपिया यात्रा 45 साल में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। इससे पहले 1972 में तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि वहां गए थे।

5. मुनाफाखोरी रोकने वाली अथॉरिटी को आज कैबिनेट की मंजूरी संभव

• जीएसटी में मुनाफाखोरी रोकने वाली बॉडी के गठन को कल कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों ने बताया कि बुधवार की बैठक में एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी के चेयरमैन और चार टेक्निकल मेंबरों के पद को स्वीकृति दी जाएगी।
• अथॉरिटी इस बात की जांच करेगी कि जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों ने टैक्स में कमी का लाभ ग्राहकों को दिया या नहीं। जीएसटी एक्ट में अथॉरिटी के गठन का प्रावधान किया गया है।
अथॉरिटी का कार्यकाल दो साल का होगा। यह चेयरमैन के पद संभालने की तारीख से गिना जाएगा।
• चेयरमैन और सभी मेंबरों की उम्र 62 साल से कम होगी। चेयरमैन पद सचिव स्तर का होगा। उनका मासिक वेतन 2.25 लाख रुपए तय किया गया है। भत्ते और अन्य सुविधाएं अलग होंगी। अगर किसी रिटायर्ड अधिकारी को चेयरमैन बनाया जाता है तो वेतन में से पेंशन के बराबर राशि कम हो जाएगी।
• टेक्निकल मेंबर एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अफसर होंगे। उनका मासिक वेतन 2.05 लाख रुपए होगा। भत्ते अलग जुड़ेंगे। राज्य या केंद्र के कर विभाग में कमिश्नर रैंक के अधिकारी ही इन पदों के योग्य माने जाएंगे। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेफगार्ड्स (डीजीएस) इस अथॉरिटी के लिए सेक्रेटरी का काम करेगा।
• चेयरमैन और मेंबर्स के चयन के लिए पांच सदस्यों की समिति बनाई गई है। कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा इसके प्रमुख हैं। राजस्व सचिव हसमुख अढिया, सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा सरना और दो राज्यों के चीफ सेक्रेटरी भी इसमें शामिल हैं।

6. मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश में भारत और यूरोपीय संघ

• इस शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के प्रेसीडेंट जीन क्लाउड जंकर व यूरोपीय परिषद के प्रेसीडेंट डी. एफ. टस्क की अगुवाई में जब दोनो पक्ष द्विपक्षीय वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे तब उनके बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की राह निकालना की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
•  भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह 14वां सम्मेलन होगा। लेकिन इस बार आर्थिक मुद्दे ही ज्यादा हावी रहेंगे। जानकारों के मुताबिक भारत और यूरोपीय संघ दोनो एक दूसरे के बाजार में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी चाहते हैं और इस बार की वार्ता के केंद्र में यही रहेगा।
• विदेश मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक एफटीए निश्चित तौर पर एक ऐसा मुद्दा है जिस पर यूरोपीय संघ सबसे ज्यादा जोर दे रहा है लेकिन भारत अभी भी सोच विचार के दौर से गुजर रहा है। खास तौर पर यूरोपीय संघ के कई देश जिस तरह सूचना प्रौद्योगिकी बाजार में नई तरह की बंदिशें लगा रहे हैं, उससे भारत काफी सतर्क हो गया है।
• भारत अपने शराब बाजार को यूरोपीय संघ की कंपनियों के लिए खोलने को लेकर भी बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं है। यूरोपीय संघ डाटा सिक्योरिटी और कृषि व डेयरी उत्पादों की भारतीय बाजार में पहुंच आसान बनाने की मांग को लेकर जो शर्ते डालता रहा है उससे भी भारत को कई आपत्तियां हैं।
• तमाम आपत्तियों के बावजूद भारत यूरोपीय संघ के साथ एफटीए के मुद्दे पर अपने दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं करना चाहता है। पिछले दिनों यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ इस बारे में जब पूर्व वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण की बात हुई थी तो यह प्रस्ताव आया था कि आगे की राह निकालने के लिए समिति गठित की जाए।
• शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता में हो सकता है कि दोनों पक्षों के बीच इस पर सहमति बन जाए। सनद रहे कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए के मुद्दे पर वर्ष 2007 में बातचीत शुरू हुई थी लेकिन वर्ष 2013 में इसे रोक दिया गया था।

7. बाघों की मौत के मामले में देश में नंबर वन मध्य प्रदेश, एक साल में गई 27 की जान

• बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश का स्थान देश में पहले नंबर पर है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के आंकड़ों के मुताबिक यहां पिछले एक साल में 27 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें भी सबसे ज्यादा मौतें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई हैं।
• पार्क में 12 माह में नौ बाघों की जान जा चुकी है। वन्यप्राणी विशेषज्ञ इसके लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि फील्ड और मुख्यालय में पदस्थ अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 1हाल ही में बांधवगढ़ में दो और पेंच टाइगर रिजर्व में एक बाघ व तेंदुआ शावक की मौत हुई है।
• इन्हें मिलाकर 29 सितंबर 2016 से 30 सितंबर 2017 तक मरने वाले बाघों का आंकड़ा 27 तक पहुंच गया है। इनमें टेरेटोरियल फाइट, बीमारी, ट्रेन एक्सीडेंट, शिकार के मामले शामिल हैं।
• वाइल्ड लाइफ मुख्यालय के अफसर इसे सामान्य स्थिति मानते हैं। उनका कहना है कि बाघों में 10 फीसदी मौत सामान्य है। इसलिए 308 से ज्यादा बाघों की उपस्थिति के मामले में ये गंभीर बात नहीं है।
• उल्लेखनीय है कि बाघ स्टेट का दर्जा प्राप्त कर्नाटक में इस अवधि में 18 बाघों की मौत हुई है और यह देश में बाघों की मौत का आंकड़ा दूसरे नंबर पर है। यहां वर्ष 2014 की गिनती के मुताबिक 406 बाघ हैं।

8. सरकार ने वन्य जीव प्रबंधन में जलवायु परिवर्तन को दी जगह

• देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 4.9 फीसद हिस्से में पसरे संरक्षित क्षेत्र के लिए नेशनल वाइल्ड लाइफ एक्शन प्लान (एनडब्ल्यूएपी) जारी कर दिया गया है। वन्यजीव संरक्षण के मद्देनजर अगले साल तक इसी प्लान के अनुरूप कार्य होंगे।
• दिल्ली में ग्लोबल वाइल्ड लाइफ प्रोग्राम के तहत हुई कांफ्रेंस में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने एक्शन प्लान जारी किया। इसमें पहली बार क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) से वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को भी वन्यजीव प्रबंधन का हिस्सा बनाया गया है।
• देशभर में 700 के लगभग राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, कंजर्वेशन रिजर्व हैं। इनमें वन्यजीव संरक्षण के लिए 1983 से वर्षीय एक्शन प्लान बनाने की कसरत प्रारंभ हुई। इस कड़ी में देश का यह तीसरा वाइल्ड लाइफ एक्शन प्लान है।
• दिल्ली कांफ्रेंस में शिरकत कर रहेउत्तराखंडके अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव डॉ. धनंजय मोहन के मुताबिक, एक्शन प्लान वन्यजीव संरक्षण के लिए पॉलिसी और एक्शन का कार्य करेगा।
• डॉ.धनंजय बताते हैं कि नए प्लान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में आने वाली चुनौतियों से निबटने पर मुख्य फोकस होगा। यही नहीं, पहली बार जलवायु परिवर्तन से वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को भी वन्यजीव प्रबंधन एवं नियोजन का हिस्सा बनाया गया है।
• उत्तराखंड में फीसद क्षेत्र संरक्षित : 71 फीसद वन भूभाग वाले उत्तराखंड में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 14.8 फीसद हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत है। इसमें छह नेशनल पार्क, सात अभयारण्य, तीन कंजर्वेशन रिजर्व शामिल हैं
•  डॉ.धनंजय ने बताया कि अब नए वाइल्डलाइफ एक्शन प्लान के तहत ही उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
• एनडब्ल्यूएपी (20-2031)कंपोनेंट्सथीम्सप्रोजेक्ट
• साल तक देश के संरक्षित क्षेत्र में इसी के अनुरूप उठाए जाएंगे कदम
• कंजर्वेशन एक्शन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, क्लाइमेट चेंज का असर भी वन्यजीव प्रबंधन का हिस्सा

9. डा. सौम्या स्वामीनाथन

• डा. सौम्या स्वामीनाथन को डब्ल्यूएचओ में उप महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया है .इस पद पर पहुँचने वाली वह पहली भारतीय चिकित्सक हैं.
• डॉ. सौम्या से पहले डॉ. पूनम खेत्रपाल को डब्ल्यूएचओ में अतिरिक्त महासचिव का पद मिला था, जो वर्तमान में डब्ल्यूएचओ में दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक हैं।
• उप महानिदेशक के तौर पर डॉ. सौम्या का कार्यकाल दो साल होगा, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। डॉ. सौम्या ने बताया कि मंगलवार को ही डब्ल्यूएचओ की नई टीम की घोषणा हुई है।
• इस बार विकसित देशों के प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी ज्यादा है। नई टीम में करीब 60 फीसदी सदस्य महिला हैं।

10. अजित वरदराज

• अमेरिका के प्रभावशाली संघीय संचार आयोग (एफसीसी) की कमान भारतीय मूल के अजित वरदराज पई संभालेंगे। इस पद पर उनके दूसरे कार्यकाल को संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा।
• कोंकण से ताल्लुक रखने वाले 44 वर्षीय पई के नामांकन को सीनेट से 52-41 मतों से स्वीकृति मिली। वह इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले भारतवंशी हैं।
• इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया था।
• एफसीसी एक स्वतंत्र एजेंसी है जो अमेरिका के 50 प्रांतों में रेडियो, टेलीविजन, वायर, सैटेलाइट और केबल के जरिये होने वाले अंतरराज्यीय संचार को नियंत्रित करती है।