Monday, September 18, 2017

Daily Current Affairs | 17 - 09 - 2017

September 18, 2017 0
Daily Current Affairs | 17 - 09 - 2017

*Daily Current Affairs | 17 - 09 - 2017*

1. Bollywood superstar Salman Khan has been honoured with the Global Diversity Award 2017 in the British Parliament House.

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस में 'ग्लोबल डायवर्सिटी अवॉर्ड 2017' से सम्मानित किया गया है।

2. The oldest person in the world, Violet Mosse-Brown, has passed away recently. She was 117.
विश्व की सबसे उम्रदराज व्यक्ति, वायलेट मोसे-ब्राउन, का हाल ही में निधन हो गया। वह 117 वर्ष की थीं।

3. Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar launched the 'HARPATH portal' for mapping roads in the state. 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य की सड़कों का नक्शा तैयार करने के लिए 'हरपथ' पोर्टल की शुरुआत की।

4. Afghanistan spinner Rashid Khan has become the youngest cricketer to take 100 wickets in T20s.
अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान टी 20 में 100 विकेट लेने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गये है।

5. Hollywood actor Harry Dean Stanton died. He was 91.

हॉलीवुड अभिनेता हैरी डीन स्टेनटेन का निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे।

6. Distinguished Hindi story writer and dramatist, Surendra Verma, will receive Vyas Samman on September 20.

हिन्दी के प्रतिष्ठित कथाकार और नाटककार सुरेंद्र वर्मा को 20 सितंबर को व्यास सम्मान प्रदान किया जायेगा।

7. The book titled Unstoppable: My Life So Far authored by tennis star Maria Sharapova has been unveiled.

मारिया शारापोवा द्वारा लिखित पुस्तक अनस्टॉपेबल: माय लाइफ सो फार का लोकार्पण किया गया।

8. India's first Centre for Animal Law has been established at the city-based NALSAR University of Law in Hyderabad, Telangana. 

भारत का पहला पशु चिकित्सा कानून केंद्र, हैदराबाद के तेलंगाना में स्थित नालसर विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया।

दैनिक समसामयिकी 18 Sept 2017(Monday)

September 18, 2017 0
दैनिक समसामयिकी 

18 Sept 2017(Monday)


1.शिलान्यास के 56 साल बाद मिला सरदार सरोवर बांध

• शिलान्यास के 56 साल बाद रविवार को भारत के सबसे बड़े सरदार सरोवर बांध को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित कर दिया। महज चार दिनों में पीएम ने गुजरात की धरा से देश को दो बड़ी सौगातें दी हैं।
• गुरुवार को उन्होंने देश की पहली बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया था। अपने 67वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री ने बांध का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘नर्मदा का पानी पारस है। यह बांध पश्चिम भारत में जलक्रांति लाएगा, लाखों किसानों की तकदीर बदलेगा।
• यह दुनिया का इकलौता प्रोजेक्ट है, जिसने सबसे ज्यादा विरोध झेला । विश्व बैंक ने निर्माण के लिए कर्ज देने से मना कर दिया तो गुजरात के मंदिर-मठ आगे आए। सरदार पटेल व बाबा साहब अंबेडकर ने सबसे पहले इसका सपना देखा था। ये नेता यदि कुछ समय और जिंदा रहते तो बांध 60-70 के दशक में ही बन गया होता। सरदार पटेल की आत्मा आज हमें आशीर्वाद दे रही होगी।’
• ज्ञात हो, 5 अप्रैल 1961 को पं. जवाहर लाल नेहरू ने इस बांध का शिलान्यास किया था और 1987 में इसका निर्माण शुरू हुआ।1केवडिया में पूजा, दभोई में रैली : नर्मदा जिले में बांध स्थल केवडिया में मोदी ने पूजा-अर्चना कर बांध का लोकार्पण किया।
• इस मौके पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी व अन्य मेहमान मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने केवडिया से 55 किमी दूर दभोई कस्बे में रैली को संबोधित किया। मोदी ने कहा, ‘मैंने गुजरात में पानी का दर्द सहा है। विकास की राह में सबसे ज्यादा अड़चनें पानी ने पैदा कीं। बांध न्यू इंडिया व उभरते भारत का प्रतीक बनेगा।
• इसका पानी 700 किमी दूर भारत-पाक सीमा (कच्छ) तक पहुंचा है। वहां तैनात बीएसएफ जवानों को पानी पहुंचाने के लिए सैकड़ों ऊंट लगाने पड़ते थे। बांध से गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र को फायदा मिलेगा।’

2. अगले दस साल में भारत बन सकता है विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था

• भारत अगर अपने आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखता है तो अगले दस वर्षो में वह जापान और जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। एचएसबीसी के एक अध्ययन के मुताबिक इसके लिए यह आवश्यक है कि भारत सुधारों की दिशा सामाजिक क्षेत्र की तरफ बनाए रखे।
• ब्रिटिश ब्रोकरेज एजेंसी एचएसबीसी ने अपनी एक ताजा अध्ययन रिपोर्ट में माना है कि देश में सामाजिक पूंजी का सर्वथा अभाव है। भारत को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खर्च करने की आवश्यकता है। यह देश के आर्थिक विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए भी बेहद जरूरी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को कारोबार सुगम बनाने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के क्षेत्र में अभी काफी कुछ करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दस वर्षो में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार जापान और जर्मनी से बढ़ जाएगा। ऐसा होते ही देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।
• परचेजिंग पावर पैरिटी (खरीदने की क्षमता से जुड़ी तुलना) के मामले में तो यह और पहले हो सकता है। हालांकि रिपोर्ट में पहले दो स्थानों पर आने वाले देशों का जिक्र नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि भारत से पहले इस सूची में चीन और अमेरिका ही रह जाएंगे। एचएसबीसी ने माना है कि मुख्य रूप से देश की ताकत भौगोलिक और मैक्रो स्थिरता रहेगी।
• रिपोर्ट के मुताबिक 2028 तक भारत की अर्थव्यस्था का आकार सात लाख करोड़ डॉलर (सात टिलियन डॉलर) का हो जाएगा। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम 448 लाख करोड़ रुपये बैठती है। जबकि जर्मनी की अर्थव्यवस्था छह लाख करोड़ डॉलर से कुछ कम और जापान की पांच लाख करोड़ डॉलर रहने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2016-17 में भारतीय अर्थव्यवस्था 2.3 लाख करोड़ डॉलर की थी। इसलिए अभी इसका दुनिया में पांचवा स्थान है।
• ब्रोकरेज का मानना है कि जीएसटी के चलते बीते वित्त वर्ष की 7.1 फीसद आर्थिक विकास दर के मुकाबले चालू वर्ष में इसके धीमे रहने की संभावना है। लेकिन अगले वर्ष से इसमें सुधार दिखना शुरू हो जाएगा।
• कभी-कभार उठाए जाने वाले आर्थिक सुधार के कदम नुकसानदायक हो सकते हैं।
• इसलिए भारत को सतत सुधार की जरूरत है। इसके लिए माहौल और तंत्र विकसित करना आवश्यक है। रिपोर्ट कहती है कि अर्थव्यवस्था में रोजगार की कमी को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है। मगर ई-कॉमर्स सेक्टर अगले एक दशक में 1.2 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगा। साथ ही सामाजिक क्षेत्र रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा में काफी काम होना अभी बाकी है।
• रिपोर्ट कहती है कि यह सेवा आधारित अर्थव्यवस्था आगे भी बनी रहेगी। लेकिन सरकार को मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है। बड़े लक्ष्यों को पाने के लिए यह जरूरी है कि सरकार मैन्यूफैक्चरिंग, कृषि और सेवा क्षेत्र के योगदान के मौजूदा स्तर को बनाए रखे।

3. जलवायु समझौते पर अमेरिका के रुख में कोई बदलाव नहीं

• वाइट हाउस ने रविवार को साफ कर दिया कि पेरिस जलवायु समझौते को लेकर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। मीडिया में आ रही खबरों को खारिज करते हुए ह्वाइट हाउस ने यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने जलवायु समझौते पर कोई नरमी नहीं दिखाई है। वह अपनी बात पर कायम रहेगा। वह इससे बाहर आएगा और समझौते में वापसी तभी करेगा जब इसकी शर्ते अमेरिका के हितों के अनुकूल होंगी।
• ह्वाइट हाउस का यह बयान उन खबरों पर आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मांटियल में विचार-विमर्श के दौरान समझौते में बने रहने की घोषणा कर सकते हैं। ऐसी बातें बीते कुछ दिनों से मीडिया में आ रही थीं।
• इन्हीं को स्पष्ट करते हुए ह्वाइट हाउस की प्रवक्ता लिंडसे वाल्टर्स ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि अमेरिका पेरिस समझौते से बाहर आएगा। हम दोबारा उन्हीं शर्तो पर वापसी करेंगे जो अमेरिकी हितों के अनुकूल होंगी।’
• दुनिया के 34 देशों के मंत्री ट्रंप की घोषणा के मद्देनजर करेंगे विचार-विमर्श : दुनिया के 34 देशों के मंत्री कनाडा के मांटियल में पेरिस समझौते को कमजोर करने संबंधी ट्रंप की घोषणा के मद्देनजर विचार-विमर्श करेंगे। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जुलाई में पेरिस समझौते से बाहर आने की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे अमेरिका में कारोबार और नौकरियों का नुकसान होगा। जबकि भारत और चीन जैसे देशों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसलिए वह इसे लागू करने को तैयार नहीं है।
• पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रयासों से 12 दिसंबर, 2015 को पेरिस में 190 देशों ने ऐतिहासिक जलवायु समझौते पर दस्तखत किए थे।

4. पाक ने की सिंधु जल पर न्यायाधिकरण गठित करने की मांग

• पाकिस्तान ने भारत के साथ हुए सिंधु जल समझौते पर अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्व बैंक से पंचाट अदालत (न्यायाधिकरण) के गठन की मांग की है। पाकिस्तान ने यह मांग वाशिंगटन स्थित विश्व बैंक मुख्यालय में हुई भारत के साथ दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद उठाई है।
• पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार द्वारा बनाई जा रही रतले और किशनगंगा पनबिजली परियोजनाओं को लेकर आपत्ति है। इन्हीं आपत्तियों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ के तौर पर विश्व बैंक ने एक अगस्त और 14 सितंबर को दो दौर की वार्ता कराई थी।
• विश्व बैंक भी 1960 में हुई इस समझौते का तीसरा पक्ष है। पाकिस्तान के एक्सप्रेस टिब्यून अखबार के मुताबिक मामले में पंचाट गठित करने का अनुरोध एक साल पुराना है लेकिन उस पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। अब जबकि पाकिस्तान और भारत की वार्ता विफल हो चुकी है, तब पंचाट का गठन करके समझौते के अनुसार फैसला किया जाना चाहिए।
•  विश्व बैंक ने शनिवार को जारी बयान में कहा था कि दोनों देशों की वार्ता विफल रही है लेकिन दोनों समझौते का सम्मान करते हुए सर्वमान्य बनाने पर सहमत हैं। इसके लिए भविष्य में फिर से निष्पक्ष प्रयास किये जाएंगे।

5. वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिली हार के 21 दिन बाद ओकुहारा को हराकर सिंधु चैंपियन

• पीवीसिंधु ने नोजोमी ओकुहारा से वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता कर दिया है। पांचवीं सीड भारतीय स्टार ने कोरिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जापानी प्रतिद्वंद्वी को 22-20, 11-21, 21-18 से हराकर खिताब जीत लिया। यह मुकाबला 84 मिनट तक चला।
• सिंधु कोरिया ओपन के 26 साल के इतिहास में खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। सिंधु को अगस्त में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में ओकुहारा से तीन गेमों के संघर्ष में हार का सामना करना पड़ा था। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह आठवीं भिड़ंत थी, जिसमें सिंधु ने चौथी बार जीत दर्ज की है।
• यह सिंधु के करियर का तीसरा और इस साल का दूसरा सुपर सीरीज खिताब है। इससे पहले उन्होंने स्पेन की कैरोलिना मारिन को हराकर इंडिया ओपन का खिताब जीता था।
• पहले गेम में आकुहारा के पास 12-9 की बढ़त थी। लेकिन, सिंधु ने लगातार चार अंक बनाए और 13-12 से आगे हो गईं। इसके बाद आकुहारा 20-18 के स्कोर से गेम प्वाइंट पर पहुंच गई। सिंधु ने फिर लगातार चार अंक लेकर पहला गेम 22-20 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु धीमी पड़ गई जिसका फायदा उठाकर जापानी खिलाड़ी ने मैच को बराबरी पर ला दिया। तीसरे गेम में सिंधु ने बाजी मारी।

आज का इतिहास 18 सितंबर

September 18, 2017 0
आज का इतिहास 18 सितंबर
* आज का इतिहास 18 सितंबर * 
*(18 सितम्बर से पुनर्निर्देशित)*
• ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 18 सितंबर वर्ष का 261 वाँ (लीप वर्ष में यह 262 वाँ) दिन है। साल में अभी और 104 दिन शेष हैं।
*18 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ*
• 1180 - फिलिप अगुस्टस फ्रांस का राजा बना।
• 1615 - इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम के एंबेसडर थामस रॉ जहाँगीर से मिलने सूरत पहुँचा।
• 1803 - अंग्रेजों ने ओडिशा के पुरी पर कब्ज़ा किया।
• 1809 - लंदन में रॉयल ऑपेरा हाउस खुला।
• 1851- न्यूयार्क टाइम्स अख़बार ने प्रकाशन शुरू किया।
• 1922 -हंगरी लीग ऑफ नेशंस में शामिल हुआ।
• 1926 - अमेरिका के मियामी में चक्रवाती तूफान से 250 लोगों की मौत।
• 1967 - नागालैंड ने अंग्रेज़ी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया।
• 1987 - अमेरिका और सोवियत संघ ने मध्यम दूरी के मिसाइल को हटाने के लिये हस्ताक्षर किये।
• 1988 - बर्मा ने अपना संविधान रद्द किया।
• 1986 - मुम्बई से पहली बार महिला चालकों ने जेट विमान उड़ाया।
• 1997 - सं.रा. अमेरिका ने 'होलोग' नाम से भूमिगत परमाणु परीक्षण किया, ओज़ोन परत की रक्षा के लिए 100 देशों ने सन् 2015 तक मिथाइल ब्रोमाइड का उत्पादन बन्द करने का निश्चय किया।
• 1998 - सं.रा. अमेरिका के ऊपर संयुक्त राष्ट्र का 1 अरब डॉलर बकाये की घोषणा।
• 2003 - ढाका-अगरतला बस सेवा शुरू।
• 2006 - रूसी राकेट सोयूज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना। संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़ में अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व वित्तमंत्री अशरफ़ गनी शामिल।
• 2007 - कनाडा में 1960 के दशक में जीवाश्‍म की खोज से तहलका मचाने वाले भारतीय जियोलॉजिस्‍ट जी.बी. मिश्रा को विशेष सम्‍मान से नवाजा गया।
• 2008- शोभना भरतिया एच.टी. मीडिया की अध्यक्ष नियुक्त हुई।
• 2009 - सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कम्पनी एच. सी. एल. के संस्थापक अध्यक्ष शिव नायर को ब्रिटेन के ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट बिजनेस पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। भारत ने लद्दाख क्षेत्र में अपनी एक और हवाई पट्टी खोली।
*18 सितंबर को जन्मे व्यक्ति*
• 1906 - काका हाथरसी, भारतीय हास्य कवि
• 1931 - श्रीकांत वर्मा - हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार, गीतकार, समीक्षक और राजनीतिज्ञ।
• 1950 - शबाना आज़मी - हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री।
• 1979 - विनय राय, भारतीय अभिनेता
• 1983 - सनाया ईरानी, भारतीय अभिनेत्री
• 1900 - शिवसागर रामगुलाम - मॉरीशस के प्रथम मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं छठे गवर्नर-जनरल थे।
*18 सितंबर को हुए निधन*
• 2002 - शिवाजी सावंत - मराठी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार।
• 1992 - मुहम्मद हिदायतुल्लाह - भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश, वे भारत के प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति थे।
• 1961 - डैग हैमरस्क्जोंल्ड - संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव थे।
• 1953 - असित सेन - हिंदी फ़िल्मों के हास्य अभिनेता थे।
• 1957 - सारंगधर दास - स्वतंत्रता सेनानी थे।
• 1958 - भगवान दास - 'भारत रत्न' सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी और शिक्षा शास्त्री।
• 1930 - जोसेफ़ बैपटिस्टा - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा अधिवक्ता।
*18 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव*
• राष्ट्रीय हिन्दी दिवस (सप्ताह)