समसामयिकी
1) इस अफ्रीकी देश में प्लास्टिक की थैलियों (plastic bags) पर दुनिया का अब तक का सबसे कड़ा प्रतिबन्ध अगस्त 2017 के दौरान लागू किया गया है जिसके तहत 4 वर्ष तक की जेल की सजा अथवा 4 लाख डॉलर तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है? – केन्या (Kenya)
विस्तार: पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या (Kenya) की सरकार ने प्लास्टिक की थैलियों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम 28 अगस्त 2017 को शुरू की जब उसने देश में इन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया। इस प्रकार केन्या चीन, फ्रांस, इटली और रवाण्डा जैसे 40 से अधिक देशों की जमात में खड़ा हो गया जिन्होंने प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबन्ध लगाया है।
– लेकिन केन्या में लगाए गए इस प्रतिबन्ध की सबसे खास बात यह है कि यह प्लास्टिक थैलियों पर किसी देश में लगाया गया अब तक का सबसे कड़ा प्रतिबन्ध है। सरकार द्वारा जारी नियमों के तहत केन्या में अब प्लास्टिक की थैलियों का उत्पादन करने वाले, इनको बेचने वालों तथा यहाँ तक की इनका प्रयोग करने वालों को चार वर्ष के कारावास की सजा दी जा सकती है अथवा उनपर 4 लाख डॉलर तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। नए नियमों के मुताबिक देश की पुलिस प्लास्टिक थैली का प्रयोग कर रहे व्यक्ति का पीछा कर उसे गिरफ्तार भी कर सकती है।
– उल्लेखनीय है कि प्लास्टिक की थैलियों से नालियाँ चोक हो जाती हैं, महासागरों के जीव-जन्तुओं का जीवन संकट में पड़ सकता है, यह सीबर्ड्स (seabirds), डॉल्फिन्स (dolphins) और व्हेल (whale) के पेट में जाकर उनकी मौत तक का करण बन जाती है।
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2) स्वदेशी नैवीगेशन सेवाओं (indigenous navigation services) को देश में मजबूत करने के उद्देश्य से इसरो (ISRO) द्वारा प्रक्षेपित किए जा रहे IRNSS-1H उपग्रह का प्रक्षेपण 31 अगस्त 2017 को तब सफल हो गया जब इसे ले जाने वाले पीएसएलवी (PSLV) रॉकेट का हीट शील्ड खुल नहीं पाया। इस असफल प्रक्षेपण से जुड़ा एक अहम तथ्य क्या था? – यह पहला मौका था जब उपग्रह के विकास में निजी एजेंसियों ने भूमिका निभाई थी
विस्तार: यदि 1425 किलो भार वाले IRNSS-1H उपग्रह का प्रक्षेपण सफल हो जाता तो यह इससे भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण इतिहास में एक नए दौर का सूत्रपात होता क्योंकि यह पहला मौका था जब किसी उपग्रह के विकास, एसेम्बली और टेस्टिंग में निजी एजेंसियों ने भूमिका निभाई है। अभी तक उपग्रह प्रक्षेपण में निजी क्षेत्र की भूमिका उपकरणों की आपूर्ति तक सीमित रही है।
– लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को मिली एक अप्रत्याशित असफलता में श्रीहरिकोटा स्थित उपग्रह प्रक्षेपण केन्द्र से 31 अगस्त 2017 को उपग्रह का प्रक्षेपण उस समय असफल हो गया जब चौथे चरण में हीट शील्ड अपने स्थान से अलग नहीं हो पाई। इसके चलते यह उपग्रह अपनी अपेक्षित कक्षा में स्थापित नहीं हो पाया।
– उल्लेखनीय है कि IRNSS-1H उपग्रह को IRNSS 1-A का स्थान लेना था जिसका प्रक्षेपण 1 जुलाई 2013 को किया गया था।
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3) अगस्त 2017 के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किस स्मॉल बैंक श्रेणी के बैंकिंग उपक्रम को अनुसूचित बैंक का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की? – उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड
विस्तार: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड (Ujjivan Small Finance Bank Ltd.), जोकि उज्जीवन फाइनेंस सर्विसेज़ लिमिटेड (Ujjivan Financial Services Ltd.) के पूर्ण स्वामित्व वाला स्मॉल बैंक श्रेणी का बैंकिंग उपक्रम है, को भारतीय रिज़र्व बैंक ने अगस्त 2017 के दौरान अनुसूचित बैंक (scheduled bank) का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस बैंक ने स्मॉल बैंक के तौर पर अपना परिचालन 1 फरवरी 2017 को शुरू किया है। वर्तमान में इस बैंक की देश के आठ राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में परंपरागत बैंक शाखाएं हैं।
– अब अनुसूचित बैंक का दर्जा मिल जाने से उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की बाजार में स्वीकार्यता बढ़ेगी तथा इसे संस्थागत जमा प्रतिस्पर्धी दरों पर हासिल करने में आसानी होगी।
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4) वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही (यानि अप्रैल-जून 2017) के दौरान भारत की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर (GDP growth rate) कितनी रही, जोकि पिछले 3 वर्षों की न्यूनतम वृद्धि दर है? – 5.7%
विस्तार: केन्द्र सरकार द्वारा 31 अगस्त 2017 को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून 2017, जोकि चालू वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही है, के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर मात्र 5.7% रही। यह पिछले तीन वर्ष की सबसे कम तिमाही वृद्धि दर है।
– पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7.9% थी। उल्लेखनीय है कि मार्च 2016 के बाद से तिमाही वृद्धि दर लगातार कम हो रही है। मार्च 2016 में समाप्त हुई तिमाही में वृद्धि दर बेहद शानदार 9.1% थी।
– आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार वृद्धि दर में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अर्थव्यवस्था को नवम्बर 2016 में घोषित विमुद्रीकरण (Demonetization) के कारण लगी चोट तथा 1 जुलाई 2017 से शुरू हुई जीएसटी प्रणाली की शुरूआती दिक्कतें हैं।
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5) 31 अगस्त 2017 को किसे भारत का नया परीक्षक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) नियुक्त किया गया? –
राजीव मेहर्षि (Rajiv Mehrishi)
विस्तार: अभी तक गृह सचिव (Home Secretary) का कार्य देख रहे राजीव मेहर्षि (Rajiv Mehrishi) को 31 अगस्त 2017 को भारत का नया परीक्षक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India – CAG) नियुक्त किया गया। केन्द्रीय गृह सचिव के तौर पर उनका कार्यकाल 31 अगस्त को ही पूरा हुआ। उन्होंने शशिकांत शर्मा (Shashi Kant Sharma) का स्थान लिया जो 23 मई 2013 से इस पद पर तैनात थे।
– परीक्षक एवं महालेखा परीक्षक भारतीय संविधान द्वारा सृजित एक संवैधानिक पद है जो भारत सरकार तथा सभी राज्य सरकारों के खर्चों और प्राप्तियों पर पैनी नज़र रखता है। इसे सरकार द्वारा प्रबन्धित तथा वित्त पोषित संस्थानों के वित्तीय काम-काज को देखने का अधिकार भी हासिल है।
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6) तीन-सदस्यीय भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) में 31 अगस्त 2017 को किसे चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) नियुक्त किया गया? – सुनील अरोड़ा (Sunil Arora)
विस्तार: वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) को 31 अगस्त 2017 को भारत के चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) नियुक्त किया गया। तीन-सदस्यीय चुनाव आयोग में आचल कुमार जोती (Achal Kumar Joti) जहाँ मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) हैं वहीं ओम प्रकाश रावत (Om Prakash Rawat) चुनाव आयुक्त हैं। जोती के मुख्य चुनाव आयुक्त बन जाने के बाद चुनाव आयुक्त का पद रिक्त था।
– जोती ने जुलाई 2017 में मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से नसीम ज़ैदी (Nasim Zaidi) के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद यह पद संभाला था।

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