Sunday, September 3, 2017

यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार 2017 की घोषणा हुयी:

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार 2017 के विजेताओं की घोषणा की है, जिसे वैश्विक साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवीनता के लिये प्रदान किया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (08 सितम्बर) के अवसर पर कनाडा, कोलम्बिया, जॉर्डन, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के पांच पुरस्कार विजेताओं को यह पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार दो श्रेणियों में विभाजित हैं।चीन द्वारा प्रायोजित साक्षरता के लिए यूनेस्को कन्फ्यूशियस पुरस्कार, और दक्षिण कोरिया द्वारा प्रायोजित राजा सीजोंग साक्षरता पुरस्कार।

इस साल कन्फ्यूशियस पुरस्कार, जिसे ग्रामीण आबादी और स्कूल ना जाने वालों युवाओं विशेष रूप से लड़कियों और महिलाओं को लाभ देने वाली परियोजनाओं के लिये दिया जाता है, को कोलंबिया से अदूलटीको प्रोग्राम को, द पाकिस्तान से सिटिज़न फाउंडेशन को,एवं दक्षिण अफ्रीका से फंद्ज़ा प्रोजेक्ट को दिया गया।मातृभाषा साक्षरता शिक्षा को समर्पित राजा सीजोंग साक्षरता पुरस्कार, कनाडा से शिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र तथा जॉर्डन से वी लव रीडिंग प्रोग्राम को साझा रूप से दिया गया। 1967 के बाद से, यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार द्वारा सरकार, गैर सरकारी संगठनों और दुनिया भर के व्यक्तियों के नेतृत्व में 475 से अधिक प्रोजेक्ट्स को सम्मानित किया गया है।इस साल के साक्षरता पुरस्कार का विषय डिजिटल दुनिया में साक्षरता है। यूनेस्को के महानिदेशक इरीना बोकोवा ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में मौजूद है। जो हमारे जीवन, काम, शिक्षा और समाजीकरण की मदद कर रही है। ये नई प्रौद्योगिकियां नए अवसर प्रदान कर रही हैं।

यूनेस्‍को के बारे में:

यूनेस्‍को या संयुक्‍त राष्‍ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्‍कृतिक संगठन, विभिन्‍न सभ्‍यताओं, संस्‍कृतियों और लोगों के बीच सामुदायिक सांझे मूल्‍यों के लिए सम्‍मान पर आधारित बातचीत के लिए वातावरण तैयार करता है। इस बातचीत के माध्‍यम से विश्‍व धारणीय विकास के ग्‍लोबीय सार्वभौमिक स्‍वपन को प्राप्‍त करने की आशा रखता है जिसमें मानवीय अधिकारों को मानना, परस्‍पर सम्‍मान और गरीबी उन्‍मूलन शामिल हैं सभी यूनेस्‍को मिशन और अन्‍य कार्यकलापों में समाये हुए हैं।यूनेस्‍को का मिशन शांति निर्माण, गरीबी उन्‍मूलन, धारणीय विकास और शिक्षा के माध्‍यम से अंत:सांस्‍कृतिक बातचीत, विज्ञान, संस्‍कृति, संचार और सूचना में योगदान करना है।

भारत में यूनेस्‍को:

यूनेस्‍को का नई दिल्‍ली कार्यालय एशिया में इस संगठन का प्रथम विकेन्‍द्रीकृत कार्यालय है जिसकी स्‍थापना सन् 1948 में हुई थी। अपने प्रारंभ से यह 11 दक्षिणी और केन्‍द्रीय एशियाई देशों अर्थात् अफगानिस्‍तान, बंगलादेश, भूटान, भारत, ईरान, मालदीप, मंगोलिया, म्‍यांमार, नेपाल, पाकिस्‍तान और श्रीलंका में विज्ञान और प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों पर कार्रवाई करता है। समय पर इसने सूचना कार्यक्रमों को शामिल किया है और उसके थोड़ा बाद शिक्षा और संस्‍कृति को शामिल करने के लिए इसका विस्‍तार किया गया।

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