अमेरिका ने भारत को 22 समुद्री गार्डियन ड्रोन बेचने का निर्णय किया है. भारत को अनुमानित दो अरब डॉलर में 22 समुद्री गार्डियन ड्रोन बेचने के निर्णय से अमेरिका में रोजगार के करीब 2000 नए अवसर पैदा होंगे. इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे.
भारत की ज़रूरत
भारत की समुद्री सीमा 7500 किलोमीटर लंबी है. हिंद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने की चीन की कोशिशों को देखते हुए भारत को अमेरिकी ड्रोन मिलना बेहद अहम है.
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह सौदा विशिष्ट है क्योंकि पहली बार यह किसी ऐसे देश को बेचा जा रहा है जो नाटो का सदस्य नहीं है.
समुद्री गार्डियन ड्रोन अमेरिका समेत उसकी सहयोगी सेनाओं का अहम रक्षा उपकरण है.
ये ड्रोन लगातार 40 घंटे तक उड़ान भरते हुए दुश्मन की किसी भी हरकत पर नजर रखने में सक्षम है.

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