अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) ने कजाखिस्तान में निम्न संवर्धित यूरेनियम बैंक खोला है। इसका मकसद राजनीतिक या बाजार के चलते बाधा खड़ी होने पर परमाणु ईधन की आपूर्ति को सुनिश्चित करना है।परमाणु ईधन रिजर्व 29 अगस्त 2017 को खोला गया। इसमें 90 टन निम्न संवर्धित यूरेनियम (एलईयू) का भंडारण किया जाएगा। यह लाइट वाटर न्यूक्लियर रिएक्टरों के लिए ईधन बनाने की जरूरी सामग्री है। ये रिएक्टर बिजली पैदा करते हैं। एलईयू आमतौर पर खुले बाजार या देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते के तहत खरीदा जाता है। यूरेनियम बैंक एलईयू की आपूर्ति को सुचारु रखने के उद्देश्य से खोला गया है।
आइएईए का कहना है कि यह भंडारण उन स्थितियों के लिए है जिसमें संयुक्त राष्ट्र का कोई सदस्य देश किसी वजह से परमाणु ईधन हासिल नहीं कर सकता। हालांकि वैश्विक उपयोग के लिहाज से 90 टन का रिजर्व कम हो सकता है लेकिन इससे किसी बड़े शहर के लिए तीन साल तक बिजली पैदा की जा सकती है।
*भारतीय मूल के 13 वर्षीय ध्रुव को मेंसा आइक्यू में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ:
भारतीय मूल के 13 वर्षीय लड़के ने लंदन में मेंसा आइक्यू टेस्ट में सर्वाधिक संभव अंक प्राप्त किए हैं और दुनिया के एक फीसद लोगों में शीर्ष स्थान को प्राप्त कर बाजी मार ली। आईक्यू के अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेस्ट 'मेंसा ' में सर्वोच्च अंक हासिल कर सबको चकित कर दिया।
ध्रुव ने मेंसा आइक्यू टेस्ट में 162 अंक प्राप्त किए जो सर्वाधिक संभव अंक हैं। इसके साथ ही उसने दुनिया के एक फीसद में शीर्ष स्थान को प्राप्त किया। उसने कल्चर फेयर स्केल नामक एक और टेस्ट में 152 अंक प्राप्त किए।बर्कशायर में रीडिंग स्कूल जाने वाला गर्ग एक एप बना रहा है जो सामाजिक अकेलेपन को दूर करने के लिए है। इस एप के जरिए एक ही क्षेत्र में रहने वाले लोग जो नये लोगों से मिलना पसंद करते हैं, आपस में जुड़ सकेंगे।
दुनिया में सबसे पुराना, सबसे बड़ा और सर्वोत्तम आइक्यू सोसायटी मेंसा को माना जाता है। इससे पहले भी भारतीय मूल के कई किशोर मेंसा में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मेंसा की सदस्यता उन्हीं को मिलती है, जो इसके तय इंटेलिजेंस टेस्ट में उच्च दो फीसदी का स्कोर हासिल करते हैं। इस टेस्ट में कुल 150 प्रश्न होते हैं।
*पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ करेगा:
केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय जल्द ही ‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ करेगा। यह मिशन समुद्र अनुसंधान क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति को बेहतर करेगा। 28 अगस्त 2017 को एमओईएस सचिव एम राजीवन ने कहा कि मिशन कार्यक्रम समुद्र विज्ञान में रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा करने की भी कोशिश करेगा। ओशन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (ओएसआई) के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में उद्घाटन व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि भारत महासागर विज्ञान पर शोध पत्रों की संख्या में विश्व में 15वें स्थान पर है।भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसे गहरे समुद्र में खनन अन्वेषण के लिए पर्याप्त क्षेत्र दिया गया था। वर्ष 1987 में भारत को केन्द्रीय हिन्द महासागर बेसिन में पॉलिमेटालिक नोड्यूल्स में अन्वेषण का मौका मिला था।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय पॉलिमेटालिक मोड्यूल कार्यक्रम के अंतर्गत नोड्यूल खनन के लिए सीएसआईआर-एनआईओ द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययन, सीएसआईआर-नेशनल मेटालर्जिकल लैबोरेट्री और सीएसआईआर- खनिज एवं धातु प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा धातु निष्कर्षण प्रक्रिया विकास और राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा खनन प्रौद्योगिकी विकास अध्ययन किया गया।

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