पीवी सिंधु ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता:
ओलंपिक रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधु को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे मैच में सिंधु ने कड़ा संघर्ष किया लेकिन जीत उनकी पहुंच से दूर रह गई। उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वह इस खेल में देश की पहली विश्व चैंपियन बनने से भी चूक गई।
दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय खिलाड़ी सिंधू को एक घंटा और 50 मिनट चले मुकाबले में दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ओकुहारा के खिलाफ 19-21, 22-20, 20-22 से हार झेलनी पड़ी। ओकुहारा ने इससे पहले सेमीफाइनल में भारत की ही एक अन्य दिग्गज खिलाड़ी साइना नेहवाल को हराया था।
साइना ने कांस्य पदक जीता और इस तरह भारत के लिए यह विश्व चैंपियनशिप यादगार रही और देश इतिहास रखते हुए पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दो पदक जीतने में सफल रहा।
प्रमुख तथ्य:
भारत ने इससे पहले इस टूर्नामेंट में एक रजत और चार कांस्य पदक जीते थे। प्रकाश पादुकोण विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1983 में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी भी 2011 में कांस्य पदक जीतने में सफल रही।

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