Thursday, August 31, 2017

एल्गो ट्रेडिंग ?

एल्गो ट्रेडिंग?

ट्रेडिंग कम्प्यूटर प्रोग्राम या एक खास तरह के सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाने वाली शेयरों की खरीद-बिक्री एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग कहलाती है। इस तरह के सॉफ्टवेयर को उचित शेयरों की पहचान और उनकी खरीद-बिक्री के लिए इंसान की जरूरत नहीं होती।

एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग को ऑटोमेटेड ट्रेडिंग, ब्लैक बॉक्स ट्रेडिंग या एल्गो ट्रेडिंग भी कहा जाता है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की जाती है। इसमें ऑर्डर की टाइमिंग, कीमत और मात्रा सभी कुछ पहले से दिया गया होता है। जैसे ही पहले से निर्धारित समय, मात्रा और कीमत से मार्केट की स्थितियां मेल खाती हैं, उसी वक्त ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांजैक्शन हो जाता है। ये कम्प्यूटर प्रोग्राम खुद यह तय करते हैं कि कब, कहां और किस शेयर का कारोबार करना है।

कहाँ किया जाता इस तकनीक का प्रयोग?

इसका इस्तेमाल सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट बैंकों, पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड आदि में किया जाता है। यह इसलिए किया जाता है, ताकि बड़े ट्रेड को कुछ हिस्सों में बांटकर छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रेड किया जा सके, जिससे कि मार्केट इंपैक्ट और रिस्क को मैनेज किया जा सके।

साल 2008 से डायरेक्ट मार्केट एक्सेस की अनुमति मिलने के बाद एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग को बढ़ावा मिला है। मिली सेकंड के भीतर ही ऐसे सॉफ्टवेयर आर्बिट्रेज के मौकों की तलाश कर सौदों को अंजाम दे डालते हैं।

सेबी के द्वारा किये जा रहे उपाय:

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड सेबी ने बाजार में उचित व्यवहार के लिए एक समिति का गठन किया है जो बाजार की निगरानी और एल्गो ट्रेडिंग के नियमों को मजबूत करने के उपाय सुझाएगी। समिति का चेयरमैन पूर्व विधि सचिव टी के विश्वनाथन को बनाया गया है। समिति भेदिया कानून प्रतिबंध, धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध नियमनों में सुधार के उपाय भी सुझाएगी। इसके अलावा समिति को भेदिया कारोबार नियमनों और कंपनी कानून के प्रावधानों के बीच तालमेल के लिए भी सिफारिशें देनी होंगी।

सेबी ने बयान में कहा कि समिति बाजारों में निगरानी को बेहतर करने के लिए लघु और मध्यम अवधि के उपाय सुझाएगी। इसके अलावा वह ऊंची ट्रेडिंग के मुद्दों, निगरानी में प्रौद्योगिकी और विश्लेषण के इस्तेमाल के बारे में भी अपने सुझाव देगी। विश्वनाथन की अगुवाई वाली समिति चार महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।

वित्त मंत्रालय का रुख:

वित्त मंत्रालय ने शेयर बाजारों और कारोबारियों से कहा है कि एल्गोरिद्म कारोबार के मामले में नैतिकता जरूरी है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जोखिमपूर्ण और गैर-प्रतिस्पर्धी कारोबार को नियंत्रित करने के लिये नीतियां विकसित करने की जरूरत है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि नीति निर्माताओं और पूंजी बाजार नियामक सेबी को ऐसी नीतियां बनानी चाहिये जिसे सभी बाजार भागीदारों को भेदभाव-रहित, उचित और समान पहुंच सुनिश्चित हो।

अन्य प्रमुख तथ्य:

बोस्टन स्थित आइट ग्रुप एलएलसी (Aite Group LLC) के अनुसार, 2006 में यूरोपियन यूनियन और अमेरिका में हुए कुल ट्रेड का एक तिहाई ट्रेड ऑटोमेटिक एल्गोरिद्म से ही हुआ। 2006 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में 40 प्रतिशत से भी अधिक की ट्रेडिंग ऑटोमेटिक एल्गोरिद्म से हुई थी।

अमेरिकन मार्केट और इक्विटी मार्केट में किसी अन्य मार्केट से काफी अधिक एल्गो ट्रेड होता है।

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