Thursday, August 31, 2017

नीति आयोग ने पेट्रोल पर उच्च कर लगाने की अनुशंसा की:

यह देखते हुए कि वायु प्रदूषण उत्तरी भारत में संकट के स्तर पर पहुंच गया है, सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने कई महत्वपूर्ण उपायों की सिफारिश की है जैसे कि पेट्रोल पर और अधिक कर लगाया जाय जिससे कि अधिक प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोग कारों को साझा करें और वाहनों का कम प्रयोग करें इसके साथ ही इस प्रयोग से सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन भी मिलेगा।
नीति आयोग ने कोयला बिजली संयंत्रों, ईंट भट्टों, वाहनों, बायोमास से उठने वाली आग, कचरा जलाने और फसल के अवशेष जलाने एवं निर्माणकार्य से उठने वाली धूल को वायु प्रदूषण का "प्रमुख" स्रोत माना है।
नीति आयोग के प्रमुख सुझाव:

नीति आयोग की तीन वर्षीय कार्ययोजना में निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाने का सुझाव दिया गया।
यह सिफारिश की गई है कि फसल के अवशेषों को जलाने के अन्य विकल्प खोजे जाएँ। आयोग ने तीन साल के भीतर काफी ईंट भट्टों से प्रदूषण को कम करने के लिए क्लीनर प्रौद्योगिकियों पर स्विच करने का सुझाव दिया।

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