1.रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेगा म्यांमार
• म्यांमार ने सोमवार को उन करीब पांच लाख रोहिंग्या को वापस लेने का प्रस्ताव दिया है जो हाल ही में हिंसा भड़कने के बाद भागकर बांग्लादेश में दाखिल हुए हैं।
• म्यांमार और बांग्लादेश ने शरणार्थियों की वापसी में समन्वय के लिए एक कार्य समूह के गठन पर सहमति जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच महमूद अली ने म्यांमार के वरिष्ठ प्रतिनिधि क्याव तिन्ट स्वे के साथ बातचीत के बाद यह जानकारी दी।
• उन्होंने संवाददाताओं से कहा, वार्ता दोस्ताना माहौल में हुई और म्यांमार ने रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने का प्रस्ताव दिया है। अली ने कहा कि दोनों देशों ने शरणार्थियों की वापसी की प्रक्रि या की निगरानी के लिए एक संयुक्त कार्य समूह के गठन करने पर सहमति जताई है।
• उन्होंने कहा कि यह बैठक शांतिपूर्ण ढंग से हुई और बांग्लादेश ने म्यांमार के प्रतिनिधि को प्रस्तावित समझौते का मसौदा भी सौंपा और सुझाव दिया कि संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अन्नान आयोग की रिपोर्ट का क्रि यान्वयन किया जाए।
• म्यांमार की सीमा से लगे बांग्लादेश की सीमावर्ती क्षेत्र में 800,000 से अधिक शरणार्थी हैं।
2. अफगानिस्तान को जोड़ने की मुहिम तेज
• पिछले एक महीने से भारत और अफगानिस्तान के बीच जिस स्तर पर कूटनीतिक सक्रियता देखने को मिल रही है वह बेवजह नहीं है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी की अगुआई में भारत अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी परिषद की दूसरी बैठक इस महीने की 11 तारीख को हुई। उसके बाद अफगानिस्तान के चीफ एक्जीक्यूटिव अबदुल्लाह अबदुल्लाह भारत के दौरे पर आए और द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के उपायों पर बात हुई।
• इन सभी द्विपक्षीय वार्ताओं में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच कनेक्टिविटी के मुद्दे पर अब सुस्ती से काम नहीं चलेगा और दोनो देशों को इस बारे में तेजी से कदम उठाने होंगे।
• इसी का नतीजा है कि अफगानिस्तान के दो और शहरों मजार-ए-शरीफ और हेरात से नई दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें शुरू हुई हैं। इन दोनों शहरों के साथ कॉमर्शियल उड़ान शुरू करने की भी तैयारी है। दिल्ली और काबुल के बीच कॉमर्शियल उड़ानों की शुरुआत पहले ही हो चुकी है।
• कोशिश है कि दिसंबर, 2017 तक अफगानिस्तान के तीन शहरों के साथ भारत के यात्री व कॉमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो जाए। माना जा रहा है कि तीन शहरों से उड़ानों के बाद न सिर्फ अफगान कारोबारियों को भारतीय बाजार में सामान बेचने का बड़ा मौका मिलेगा बल्कि यह वहां की आम जनता के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगा क्योंकि अब वे इलाज के लिए काफी आसानी से भारत आ सकेंगे।
• विदेश मंत्रलय के अधिकारी बताते हैं कि हाल के दिनों में भारत और अफगानिस्तान के बीच उच्चस्तरीय बातचीत में कनेक्टिविटी का मुद्दा प्राथमिकता में ऊपर था। इसके अलावा हाल के दिनों में अमेरिका और जापान के साथ भारत की जो उच्चस्तरीय रणनीतिक बातचीत हुई है उसमें भी अफगानिस्तान को भारत से जोड़ने के अन्य साधनों पर बातचीत हुई है।
• अमेरिका और जापान ने इस बारे में भारत की कोशिशों की तारीफ की और मदद देने का भी आश्वासन दिया। ताकि अफगानिस्तान को सड़क, वायुमार्ग या समुद्री मार्ग के जरिये भारत से जोड़ा जा सके।1भारत सरकार ने अगस्त, 2017 में ईरान में बनाये जा रहे चाबहार एयरपोर्ट की समीक्षा की है जिसमें यह फैसला किया गया कि इस पोर्ट के कम से कम दो बर्थ दिसंबर, 2018 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
• यह अफगानिस्तान को समुद्री मार्ग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। सूत्रों के मुताबिक, चाबहार से अफगानिस्तान के जारंज व हाजीगाक शहर तक रेल नेटवर्क बिछाने को लेकर भारत और जापान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई है। 900 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के लिए जापान सरकार मदद करने को तैयार है।
3. 90 फीसद लोग स्पेन से अलग होने के पक्ष में
• जनमत संग्रह में 90 फीसद लोगों का समर्थन प्राप्त होने के बाद कैटलोनिया क्षेत्र के नेता काल्र्स प्यूजमॉन्ट ने पृथक राष्ट्र के लिए द्वार खुलने का एलान किया है। इससे पहले पृथक कैटलोनिया राष्ट्र की स्थापना के लिए रविवार को जनमत संग्रह रोकने के स्पेन सरकार के प्रयास विफल रहे।
• टकराव के बीच रविवार को हुए जनमत संग्रह में 22 लाख लोगों ने अपनी राय जाहिर की। जनमत संग्रह रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह रबर बुलेट की फायरिंग और लाठीचार्ज किया। टकराव में आठ सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
• जनमत संग्रह को स्पेन सरकार ने असंवैधानिक घोषित किया था। प्रधानमंत्री मारियानो राजोय ने राष्ट्र के नाम संदेश में आजादी की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। कहा है कि कुछ पृथकतावादी स्पेन को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्वी इलाके के भविष्य पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मैडिड और बार्सिलोना के बीच छिड़ी इस जंग को हाल के दशकों का देश का सबसे बड़ा विवाद माना जा रहा है।
• पृथकतावादी नेता प्यूजमॉन्ट ने कहा है कि जल्द ही उनकी सरकार कैटलोनिया की संसद की स्थापना करके राष्ट्र से संबंधित औपचारिक एलान करेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से मध्यस्थता की अपील की है। रविवार को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कैटलोनिया इलाके की 40 से ज्यादा यूनियनों और संगठनों ने हड़ताल की घोषणा कर दी है।
• स्पेन के संपन्न इलाके में पैदा हुई अनिश्चितता का असर यूरो पर भी पड़ा है। डॉलर के मुकाबले उसमें गिरावट दर्ज की गई है। ब्रिटेन की ओर से आई प्रतिक्रिया में वहां के विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने स्पेन में हुई हिंसा पर चिंता जताई है। उन्होंने मैडिड के साथ होने का एलान करते हुए जनमत संग्रह को असंवैधानिक
करार दिया है।
4. दस साल में 6,000 अरब डालर की होगी इकोनामी
• डिजिटलीकरण, वैश्वीकरण जैसे तेज सुधारों के चलते आने वाले दशक में भारत दुनिया की सबसे बड़ी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने यह संभावना जताई है।
• मार्गन स्टेनली के एक शोध नोट के अनुसार भारत की वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का रुख लगातार आगे बढ़ने वाला रहा है। 1990 के दशक में यह 5.8 फीसद रहा जो 2000 के दशक में बढ़कर 6.9 फीसद हो गया। इसी तरह अगले दशक में भी इसके बेहतर रहने की संभावना है।
• वित्तीय एजेंसी का मानना है कि डिजिटलीकरण से जीडीपी वृद्धि को 0.5 से 0.75 फीसद की बढ़त मिलेगी और अनुमान है कि 2026-27 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6,000 अरब डालर की हो जाएगी।
• चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की वृद्धि दर तीन साल के निचले स्तर पर आकर 5.7 फीसद रही है। इसके पीछे अहम कारण नोटबंदी की वजह से विनिर्माण गतिविधियों का दबाव में रहना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारों की वजह से पिछला साल भारत की जीडीपी वृद्धि के लिए व्यवधान वाला रहा है लेकिन मध्यम अवधि में देश की वृद्धि संभावनाएं बेहतर हैं।
• कंपनी ने अपनी ताजा रपट में कहा कि हमारे अनुमान के मुताबिक आने वाले दशक में भारत की सालाना जीडीपी वृद्धि दर 7.1 से 11.2 फीसद के बीच रहेगी। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2026-27 तक भारत में 120 अरब डालर सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने की उम्मीद है।
• सरकार के आर्थिक सुधारों की वजह से तेज होगी देश के आर्थिक विकास की रफ्तार
• डिजिटलीकरण, जीएसटी और वैश्वीकरण का जीडीपी वृद्धि में होगा महत्वपूर्ण योगदान
• अर्थव्यवस्था में अगले 10 साल तक बना रहेगा जोरदार तेजी का सिलसिला
• इस दौरान 7.1 से 11.2 फीसद के बीच रहेगी देश के आर्थिक विकास की दर
5. ओबीसी वर्गीकरण आयोग का गठन, जस्टिस रोहिणी बनीं अध्यक्ष
• राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उपवर्गीकरण की जांच के लिए सोमवार को एक आयोग का गठन किया है। दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी रोहिणी को पांच सदस्यीय ओबीसी उप-वर्गीकरण आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
• पिछड़ा वर्ग आयोग लंबे समय से आरक्षण का लाभ सभी जातियों तक पहुंचाने के लिए पिछड़ी जातियों को उप वर्गो में बांटने की सिफारिश करता रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने 23 अगस्त को ओबीसी की केंद्रीय सूची के वर्गीकरण के लिए आयोग बनाने के फैसले को मंजूरी दी थी।
• जस्टिस रोहिणी के अलावा इसमें डॉ. जेके बजाज को सदस्य बनाया गया है। आयोग में भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण के निदेशक तथा महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया है। पांचवें सदस्य के रूप में सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त सचिव आयोग के सचिव होंगे।
6. सांसद संघ के सम्मेलन में भारत का नेतृत्व करेंगी महाजन
• श्रीलंका के कोलंबो में चार से छह अक्टूबर तक आयोजित होने वाले दक्षेस अध्यक्ष और सांसद संघ के आठवें सम्मेलन में भारतीय संसदीय शिष्टमंडल का नेतृत्व लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन करेंगी । श्रीलंका की संसद इस सम्मेलन की मेजबानी कर रही है जिसमें दक्षेस देशों के अध्यक्ष और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
• सम्मेलन की कार्यसूची में शामिल किए गए विषयों में दक्षेस अध्यक्ष और सांसद संघ-सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने के लिए दक्षिण एशिया के सांसदों का मंच बनाने के अलावा डिजिटलीकरण के युग में संसदीय राजनय और पारदर्शी संसद को बढ़ावा देना शामिल है।
• सम्मेलन के अन्य विषयों में दक्षिण एशिया क्षेत्र में सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत के संरक्षण में दक्षेस सांसदों की भूमिका, गरीबी से ऊपर उठने और अपने समुदायों के भविष्य को बेहतर बनाने में महिलाओं की सहायता करना तथा आतंकवाद रोकने के लिए युवाओं में हिंसा की प्रवृत्ति को दूर करना और मानव तस्करी, आधुनिक दासता और नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए युवाओं को सक्षम बनाना शामिल है।
• इस सम्मेलन में पहली बार युवा सांसद समिति की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
7. चिकित्सा का नोबेल अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को
• अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबाश तथा माइकल डब्ल्यू यंग को मानव शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी विषय पर किए गए उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए इस साल के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।
• आंतरिक जैविक घड़ी को सर्केडियन रिदम के नाम से जाना जाता है। नोबेल असेम्बली ने कहा है, उनकी खोजों में इस बात की व्याख्या की गई है कि पौधे, जानवर और इंसान किस प्रकार अपनी आंतरिक जैविक घड़ी के अनुरूप खुद को ढालते हैं ताकि वे धरती की परिक्र मा के अनुसार अपने को ढाल सकें।

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