Thursday, October 5, 2017

दैनिक 04 Oct 2017(Wednesday)

1.भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन अमेरिकी वैज्ञानिकों को मिला

• गुरुत्वाकर्षणीय तरंगों का पता लगाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले अमेरिकी वैज्ञानिकों रेनर वेइस, बैरी बेरिश और किप थोर्न को संयुक्त रूप से भौतिकी का 2017 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मंगलवार को भौतिकी के नोबेल की घोषणा की।
• करीब एक सदी पहले अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहली बार स्पेस-टाइम में तरंगों का पता लगाया था। इसके बाद पिछले साल के आरंभ में जब गुरुत्वाकर्षणीय तरंगों का पहली बार पता लगाने की घोषणा की गई, तो खगोल भौतिकी क्षेत्र में इसे क्रांतिकारी खोज बताया गया। विजेता वैज्ञानिकों को 7.25 करोड़ रुपए (90 लाख स्वीडिश क्रोन) दिए जाएंगे।
• रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कहा कि यह पूरी तरह नई और अलग, अनदेखी दुनिया के सामने आने जैसा है। चुंबकीय तरंगों को पकड़ने और उनके संदेशों की व्याख्या करने में सफल रहने वालों के लिए खोजों का खजाना इंतजार कर रहा है।
• ये तरंगें बेहद घने ब्लैक होल के विलय से पैदा हुईं और लेजर इनफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (एलआईजीओ)में लेजर बीम्स के इस्तेमाल से इनका पता चला।
एकेडमी ने कहा कि जब इनका संकेत पृथ्वी तक पहुंचा था तो वह बेहद कमजोर था, लेकिन खगोल भौतिकी के क्षेत्र में यह बहुत क्रांतिकारी है। पुरस्कार की आधी राशि रेनर को दी जाएगी, जबकि शेष राशि बैरी बेरिश और किप थोर्न के बीच बांटी जाएगी।
• सोमवार को अमेरिका के ही जेफरी सी हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल यंग को चिकित्सा के लिए नोबेल दिए जाने का ऐलान हुआ है।

2. इकोनामी में सुधार के संकेत : बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.9% बढ़ा

• आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में बढ़कर 4.9 फीसद हो गई। यह इसका पांच माह का ऊंचा स्तर है। कोयला, प्राकृतिक गैस और बिजली क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से उत्पादन बढ़ा है।
• सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ बुनियादी उद्योगों (कोर सेक्टर) में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली आते हैं। पिछले साल अगस्त में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 3.1 फीसद रही थी।
• पिछले महीने यानी जुलाई में यह 2.6 फीसद रही थी। मार्च के बाद से यह बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर का सबसे ऊंचा स्तर है। उस समय यह 5.2 फीसद रही थी।
• आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कोयला उत्पादन 15.3 फीसद बढ़ा, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.2 फीसद तथा बिजली उत्पादन में 10.3 फीसद की बढ़ोतरी हुई।
• इन आंकड़ों से यह आभास मिलता है कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने से जो व्यवधान पैदा हुआ था उससे कारोबारी गतिविधियां उबरने लगी हैं और यह क्रम जारी है-
• देश में सितम्बर में लगातार दूसरे माह विनिर्माण गतिविधियों में तेजी का रुख रहा। नए आर्डर आने और उत्पादन बढ़ने से सितम्बर में विनिर्माण गतिविधियां बेहतर रहीं। हालांकि उनकी वृद्धि की रफ्तार ऐतिहासिक रुझानों को देखते हुए कुछ धीमी रही।
• एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष सामने आया है।निक्केई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग  मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितम्बर माह में 51.2 अंक रहा। अगस्त के आंकड़े के मुकाबले इसमें मामूली बदलाव दिखा। इससे जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद व्यावसायिक गतिविधियों में सुधार जारी रहने का संकेत मिलता है। हालांकि यह आंकड़ा 54.1 के दीर्घकालिक रुझान से नीचे रहा।
• पीएमआई में 50 से कम अंक गिरावट को दर्शाता है जबकि इससे ऊपर का आंकड़ा व्यावसाय में वृद्धि का रुझान दिखाता है। पीएमआई रिपोर्ट की लेखक व आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आश्ना डोधिया ने कहा, विनिर्माताओं के बीच कारोबारी विास भी बढ़ा है। उन्हें लगता है कि सरकार की हाल की नीतियों से उन्हें दीर्घकाल में फायदा होगा।
• इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में बेहतर रोजगार का रुख रहा है जिससे कारोबारी विास की पुष्टि होती है। नए कारोबारी आर्डर मिलने से भारतीय विनिर्माताओं ने अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है और इसकी गति अक्टूबर 2012 के बाद सबसे ज्यादा तेज देखी गई है। मूल्य के मोर्चे पर सर्वेक्षण में कहा गया है कि हालांकि सितम्बर में लागत का दबाव बढ़ा है।

3. आटोमेशन से इकोनामी को खतरा नहीं : अरविंद पनगढ़िया

• भारत के शीर्ष अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि विश्व निर्यात बाजार करीब 22,000 अरब डालर का है। यह इतना बड़ा है कि शायद ही आटोमेशन व संरक्षणवाद का इस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
• संयुक्त राष्ट्र महासभा की दूसरी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए 65 साल के पनगढ़िया ने इस बात को भी महत्व नहीं दिया कि आटोमेशन से लोगों की नौकरी जाएगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद से हाल में ही इस्तीफा देने वाले पनगढ़िया कोलंबिया विविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और जगदीश भगवती प्रोफेसर आफ इंडियन पालिटिकल इकोनामी के रूप में अमेरिका वापस लौट गए हैं।
• उन्होंने कहा, आटोमेशन को लेकर मेरी अपनी व्यक्तिगत राय यह है कि हम प्राय: बढ़ा-चढ़ाकर चीजों को रखते हैं। हम यह तो देखते हैं कि आटोमेशन से कौन से नौकरियां खत्म हुई लेकिन हम यह नहीं देख सकते हैं कि वास्तव में आटोमेशन से किस प्रकार की नौकरियां सृजित होंगी।
• पनगढ़िया ने जोर देकर कहा कि इतिहास में कभी यह नहीं देखा गया कि प्रौद्योगिकी की प्रगति से रोजगार में कटौती हुई हो। उन्होंने कहा, यह हम सभी को अधिक व्यस्त बनाता है और औद्योगिक देशों में जहां आटोमेशन हैं लोग ज्यादा व्यस्त हैं।

4. पहली विदेश यात्रा पर जिबूती पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद

• राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जिबूती और इथियोपिया की अपनी चार दिन की यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को यहां पहुंचे। यह राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। जिबूती की यात्रा करने वाले पहले भारतीय नेता कोविंद की अगवानी यहां हवाई अड्डे पर जिबूती के प्रधानमंत्री कामिल मोहम्मद ने की।
• विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका) नीना मल्होत्रा ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति दोनों अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा के दौरान विदेश कार्यालय परामर्श तथा इथियोपिया के साथ वृहद आर्थिक सहयोग को संस्थागत बनाने से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
• राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा, जिबूती हिंद महासागर क्षेत्र का महत्वपूर्ण साझेदार देश है जिसके साथ 2016-17 में भारत का द्विपक्षीय कारोबार 28.4 करोड़ डॉलर का रहा।मलिक ने कहा, राष्ट्रपति इस यात्रा को लेकर आशान्वित हैं।
• वह मानते हैं कि अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र भारतीय विदेश नीति के केंद्रबिंदु में हैं। इसलिए उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए इस क्षेत्र को चुना गया। भारत ने जिबूती को 4.9 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता दी है जो मुख्य रूप से एक सीमेंट संयंत्र बनाने के लिए दी गई है।
• कोविंद की इथियोपिया यात्रा 45 साल में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। इससे पहले 1972 में तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि वहां गए थे।

5. मुनाफाखोरी रोकने वाली अथॉरिटी को आज कैबिनेट की मंजूरी संभव

• जीएसटी में मुनाफाखोरी रोकने वाली बॉडी के गठन को कल कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों ने बताया कि बुधवार की बैठक में एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी के चेयरमैन और चार टेक्निकल मेंबरों के पद को स्वीकृति दी जाएगी।
• अथॉरिटी इस बात की जांच करेगी कि जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों ने टैक्स में कमी का लाभ ग्राहकों को दिया या नहीं। जीएसटी एक्ट में अथॉरिटी के गठन का प्रावधान किया गया है।
अथॉरिटी का कार्यकाल दो साल का होगा। यह चेयरमैन के पद संभालने की तारीख से गिना जाएगा।
• चेयरमैन और सभी मेंबरों की उम्र 62 साल से कम होगी। चेयरमैन पद सचिव स्तर का होगा। उनका मासिक वेतन 2.25 लाख रुपए तय किया गया है। भत्ते और अन्य सुविधाएं अलग होंगी। अगर किसी रिटायर्ड अधिकारी को चेयरमैन बनाया जाता है तो वेतन में से पेंशन के बराबर राशि कम हो जाएगी।
• टेक्निकल मेंबर एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अफसर होंगे। उनका मासिक वेतन 2.05 लाख रुपए होगा। भत्ते अलग जुड़ेंगे। राज्य या केंद्र के कर विभाग में कमिश्नर रैंक के अधिकारी ही इन पदों के योग्य माने जाएंगे। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेफगार्ड्स (डीजीएस) इस अथॉरिटी के लिए सेक्रेटरी का काम करेगा।
• चेयरमैन और मेंबर्स के चयन के लिए पांच सदस्यों की समिति बनाई गई है। कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा इसके प्रमुख हैं। राजस्व सचिव हसमुख अढिया, सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा सरना और दो राज्यों के चीफ सेक्रेटरी भी इसमें शामिल हैं।

6. मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश में भारत और यूरोपीय संघ

• इस शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के प्रेसीडेंट जीन क्लाउड जंकर व यूरोपीय परिषद के प्रेसीडेंट डी. एफ. टस्क की अगुवाई में जब दोनो पक्ष द्विपक्षीय वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे तब उनके बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की राह निकालना की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
•  भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह 14वां सम्मेलन होगा। लेकिन इस बार आर्थिक मुद्दे ही ज्यादा हावी रहेंगे। जानकारों के मुताबिक भारत और यूरोपीय संघ दोनो एक दूसरे के बाजार में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी चाहते हैं और इस बार की वार्ता के केंद्र में यही रहेगा।
• विदेश मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक एफटीए निश्चित तौर पर एक ऐसा मुद्दा है जिस पर यूरोपीय संघ सबसे ज्यादा जोर दे रहा है लेकिन भारत अभी भी सोच विचार के दौर से गुजर रहा है। खास तौर पर यूरोपीय संघ के कई देश जिस तरह सूचना प्रौद्योगिकी बाजार में नई तरह की बंदिशें लगा रहे हैं, उससे भारत काफी सतर्क हो गया है।
• भारत अपने शराब बाजार को यूरोपीय संघ की कंपनियों के लिए खोलने को लेकर भी बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं है। यूरोपीय संघ डाटा सिक्योरिटी और कृषि व डेयरी उत्पादों की भारतीय बाजार में पहुंच आसान बनाने की मांग को लेकर जो शर्ते डालता रहा है उससे भी भारत को कई आपत्तियां हैं।
• तमाम आपत्तियों के बावजूद भारत यूरोपीय संघ के साथ एफटीए के मुद्दे पर अपने दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं करना चाहता है। पिछले दिनों यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ इस बारे में जब पूर्व वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण की बात हुई थी तो यह प्रस्ताव आया था कि आगे की राह निकालने के लिए समिति गठित की जाए।
• शुक्रवार को पीएम मोदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता में हो सकता है कि दोनों पक्षों के बीच इस पर सहमति बन जाए। सनद रहे कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए के मुद्दे पर वर्ष 2007 में बातचीत शुरू हुई थी लेकिन वर्ष 2013 में इसे रोक दिया गया था।

7. बाघों की मौत के मामले में देश में नंबर वन मध्य प्रदेश, एक साल में गई 27 की जान

• बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश का स्थान देश में पहले नंबर पर है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के आंकड़ों के मुताबिक यहां पिछले एक साल में 27 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें भी सबसे ज्यादा मौतें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई हैं।
• पार्क में 12 माह में नौ बाघों की जान जा चुकी है। वन्यप्राणी विशेषज्ञ इसके लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि फील्ड और मुख्यालय में पदस्थ अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 1हाल ही में बांधवगढ़ में दो और पेंच टाइगर रिजर्व में एक बाघ व तेंदुआ शावक की मौत हुई है।
• इन्हें मिलाकर 29 सितंबर 2016 से 30 सितंबर 2017 तक मरने वाले बाघों का आंकड़ा 27 तक पहुंच गया है। इनमें टेरेटोरियल फाइट, बीमारी, ट्रेन एक्सीडेंट, शिकार के मामले शामिल हैं।
• वाइल्ड लाइफ मुख्यालय के अफसर इसे सामान्य स्थिति मानते हैं। उनका कहना है कि बाघों में 10 फीसदी मौत सामान्य है। इसलिए 308 से ज्यादा बाघों की उपस्थिति के मामले में ये गंभीर बात नहीं है।
• उल्लेखनीय है कि बाघ स्टेट का दर्जा प्राप्त कर्नाटक में इस अवधि में 18 बाघों की मौत हुई है और यह देश में बाघों की मौत का आंकड़ा दूसरे नंबर पर है। यहां वर्ष 2014 की गिनती के मुताबिक 406 बाघ हैं।

8. सरकार ने वन्य जीव प्रबंधन में जलवायु परिवर्तन को दी जगह

• देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 4.9 फीसद हिस्से में पसरे संरक्षित क्षेत्र के लिए नेशनल वाइल्ड लाइफ एक्शन प्लान (एनडब्ल्यूएपी) जारी कर दिया गया है। वन्यजीव संरक्षण के मद्देनजर अगले साल तक इसी प्लान के अनुरूप कार्य होंगे।
• दिल्ली में ग्लोबल वाइल्ड लाइफ प्रोग्राम के तहत हुई कांफ्रेंस में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने एक्शन प्लान जारी किया। इसमें पहली बार क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) से वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को भी वन्यजीव प्रबंधन का हिस्सा बनाया गया है।
• देशभर में 700 के लगभग राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, कंजर्वेशन रिजर्व हैं। इनमें वन्यजीव संरक्षण के लिए 1983 से वर्षीय एक्शन प्लान बनाने की कसरत प्रारंभ हुई। इस कड़ी में देश का यह तीसरा वाइल्ड लाइफ एक्शन प्लान है।
• दिल्ली कांफ्रेंस में शिरकत कर रहेउत्तराखंडके अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव डॉ. धनंजय मोहन के मुताबिक, एक्शन प्लान वन्यजीव संरक्षण के लिए पॉलिसी और एक्शन का कार्य करेगा।
• डॉ.धनंजय बताते हैं कि नए प्लान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में आने वाली चुनौतियों से निबटने पर मुख्य फोकस होगा। यही नहीं, पहली बार जलवायु परिवर्तन से वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को भी वन्यजीव प्रबंधन एवं नियोजन का हिस्सा बनाया गया है।
• उत्तराखंड में फीसद क्षेत्र संरक्षित : 71 फीसद वन भूभाग वाले उत्तराखंड में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 14.8 फीसद हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत है। इसमें छह नेशनल पार्क, सात अभयारण्य, तीन कंजर्वेशन रिजर्व शामिल हैं
•  डॉ.धनंजय ने बताया कि अब नए वाइल्डलाइफ एक्शन प्लान के तहत ही उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
• एनडब्ल्यूएपी (20-2031)कंपोनेंट्सथीम्सप्रोजेक्ट
• साल तक देश के संरक्षित क्षेत्र में इसी के अनुरूप उठाए जाएंगे कदम
• कंजर्वेशन एक्शन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, क्लाइमेट चेंज का असर भी वन्यजीव प्रबंधन का हिस्सा

9. डा. सौम्या स्वामीनाथन

• डा. सौम्या स्वामीनाथन को डब्ल्यूएचओ में उप महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया है .इस पद पर पहुँचने वाली वह पहली भारतीय चिकित्सक हैं.
• डॉ. सौम्या से पहले डॉ. पूनम खेत्रपाल को डब्ल्यूएचओ में अतिरिक्त महासचिव का पद मिला था, जो वर्तमान में डब्ल्यूएचओ में दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक हैं।
• उप महानिदेशक के तौर पर डॉ. सौम्या का कार्यकाल दो साल होगा, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। डॉ. सौम्या ने बताया कि मंगलवार को ही डब्ल्यूएचओ की नई टीम की घोषणा हुई है।
• इस बार विकसित देशों के प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी ज्यादा है। नई टीम में करीब 60 फीसदी सदस्य महिला हैं।

10. अजित वरदराज

• अमेरिका के प्रभावशाली संघीय संचार आयोग (एफसीसी) की कमान भारतीय मूल के अजित वरदराज पई संभालेंगे। इस पद पर उनके दूसरे कार्यकाल को संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा।
• कोंकण से ताल्लुक रखने वाले 44 वर्षीय पई के नामांकन को सीनेट से 52-41 मतों से स्वीकृति मिली। वह इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले भारतवंशी हैं।
• इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया था।
• एफसीसी एक स्वतंत्र एजेंसी है जो अमेरिका के 50 प्रांतों में रेडियो, टेलीविजन, वायर, सैटेलाइट और केबल के जरिये होने वाले अंतरराज्यीय संचार को नियंत्रित करती है।

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