1.टूट की कगार पर स्पेन, कैटलोनिया बनेगा अलग देश
• स्पेन के उत्तर-पूर्व में स्थित कैटलोनिया प्रांत के स्पेन से अलग होने के लिए सरकार के प्रतिबंध के बावजूद रविवार को जनमत संग्रह के दौरान मतदान का प्रयास कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने बैलट बॉक्स और मतदान पत्र जब्त कर लिये। पुलिस और प्रदर्शनकारी के बीच झड़प भी हुई, जिसमें 91 लोग घायल हो गए। झड़पों के बाद 337 लोग अस्पतालों में भर्ती किए गए।
• स्पेन की सरकार ने इस जनमत संग्रह को गैरकानूनी करार देते हुए इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। बार्सिलोना बंदरगाह से सिविल गार्ड पुलिस के 30 वाहन, कई अन्य वाहन और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों को लेकर एक ट्रक का काफिला तड़के रवाना हुआ।
• बार्सिलोना के एक मतदान केंद्र के बाहर दंगा निरोधक पुलिस ने मतदाताओं को पीछे धकेलने की कोशिश की जिसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। मतदाता नारे लगा रहे थे, हम अमनपसंद लोग है और हम भयभीत नहीं है।
• मतदान केंद्र के पास ही आधा दर्जन बख्तरबंद वाहन और एक एंबुलेंस खड़ी थी।सरकार ने जनमत संग्रह की कोशिशों को विफल करने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया था। इसके बावजूद कई स्थानों पर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई थी।
• कुछ मतदान केंद्रों पर तो सुबह नौ बजे मतदान शुरू भी हो गया और लोग पूरे उत्साह के साथ अपना वोट डालते नजर आए।
• कैटलोनिया की प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता जोरडी टुरुल ने कहा है कि सरकार ने मतदाताओं को उनके संबंधित मतदान केंद्र बंद रहने की स्थिति में किसी भी केंद्र पर मतदान करने की अनुमति थी।
2. जीएसटी के कम होंगे स्लैब
• वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिया है कि राजस्व की स्थिति बेहतर होने के बाद माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत स्लैब में कटौती की जा सकती है। इसके साथ ही अनुपालना का बोझ कम किया जाएगा।जेटली ने यहां सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स की राष्ट्रीय अकादमी (एनएसीआईएन) के कार्यक्रम में कहा, हमारे पास इसमें दिन के हिसाब से सुधार करने की गुंजाइश है।
• हमारे पास सुधार की गुंजाइश है, अनुपालन का बोझ कम किया जा सकता है। खासकर छोटे करदाताओं के मामले में। उन्होंने कहा, हमारे पास सुधार की गुंजाइश है। एक बार हम राजस्व की दृष्टि से तटस्थ बनने के बाद बड़े सुधारों के बारे में सोचेंगे। मसलन कम स्लैब। लेकिन इसके लिए हमें राजस्व की दृष्टि से तटस्थ स्थिति हासिल करनी होगी।
• फिलहाल जीएसटी 5, 12, 18 और 28 फीसद की चार कर स्लैब हैं।
• वित्त मंत्री ने अप्रत्यक्ष कर का बोझ समाज के सभी वगरे द्वारा उठाया जाता है। सरकार का हमेशा से यह प्रयास है कि अधिक उपभोग वाले जिंसों पर कर दरों को नीचे लाया जाए। जेटली ने कहा कि प्रत्यक्ष कर का भुगतान समाज के प्रभावी वर्ग द्वारा किया जाता है।
• अप्रत्यक्ष कर का बोझ निश्चित रूप से सभी पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राजकोषीय नीति के तहत हमेशा यह प्रयास किया जाता है कि ऐसे जिंस जिनका उपभोग आम लोगों द्वारा किया जाता है, तो उन पर अन्य की तुलना में कर की दर कम होनी चाहिए।
• भारतीय राजस्व सेवा के 67वें बैच के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्व कामकाज के संचालन और सभी विकास गतिविधियों की जीवनरेखा है। जिन पर कर लगाने का मामला नहीं बनता है, कर अधिकारी के रूप में आप उनसे कर की उगाही नहीं कर सकते।
3. ग्रोथ बढ़ाने के उपाय करे सरकार : उद्योग संगठन एसोचैम ने इकोनामी को रफ्तार देने के लिए दिए सुझाव
• देश की आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए औद्योगिक संगठन एसोचैम ने सरकार से कहा है कि वह राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में नरमी दिखाए और सार्वजनिक व्यय को बढ़ाए। उल्लेखनीय है कि अप्रैल-जून तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5.7 फीसद रह गई है।
• एसोचैम ने एक बयान में कहा कि भारतीय कारोबार जगत सरकार के असाधारण कदम उठाए जाने का इंतजार रहा है क्योंकि देश की आर्थिक वृद्धि में मंदी को लेकर चिंताजनक स्थिति बनी हुई है और इसका प्रमुख कारण माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू करने एवं नोटबंदी की वजह से आर्थिक गतिविधियों में पैदा हुआ व्यवधान है।
• अगले सप्ताह चार अक्टूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले एसोचैम ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीाई) एवं मौद्रिक नीति समिति को पत्र लिखकर नीतिगत ब्याज दर में कम से कम 0.25 फीसद कटौती करने के लिए कहा है।
• संगठन ने देश की आर्थिक वृद्धि के सामने मौजूद चुनौतियों को ठीक करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई। संगठन के महासचिव डीएस रावत ने कहा, चालू और अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा लक्ष्य को 3.2 फीसद रखने के लिए नीतिगत ब्याज दर में कम से कम 0.50 फीसद की कटौती की जानी चाहिए।
• रावत ने कहा कि राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.7 फीसद रखा जा सकता है लेकिन उसके लिए सरकार को व्यय की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि अतिरिक्त स्रेतों का सड़क, बिजली, रेल और बंदरगाह जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश बहाल किया जा सके।
4. यूएई में वसूला जा रहा तंबाकू और साफ्ट डिंक पर ‘पाप’ कर
• संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तंबाकू उत्पादों, एनर्जी डिंक्स और साफ्ट डिंक्स पर लगाए गए नए ‘पाप’ कर की वसूली रविवार से शुरू हो गई है। तंबाकू और एनर्जी डिंक्स पर 100 फीसद और साफ्ट डिंक्स पर 50 फीसद टैक्स लगाया गया है।
• यह नया कर ऐसे समय लगाया गया है जब संयुक्त अरब अमीरात समेत दूसरे तेल संपन्न खाड़ी देश वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की निम्न कीमतों से जूझ रहे हैं। यूएई अगले साल जनवरी से कुछ खास तरह के सामान पर पांच फीसद मूल्य वर्धित कर (वैट) की भी वसूली करेगा।
• गल्फ कोआपरेशन काउंसिल (जीसीसी) सभी छह सदस्य देशों में वैट की वसूली को लेकर सहमति बनी है। इनमें से कुछ अन्य देश भी जनवरी से इस कर की वसूली शुरू कर सकते हैं। जीसीसी में यूएई के अलावा बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब शामिल हैं।
• उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली तमाम बीमारियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। तंबाकू उत्पाद जानलेवा बीमारी कैंसर फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। तंबाकू के सेवन से हर साल दुनिया भर में लाखों लोग काल का ग्रास बनते है।

No comments:
Post a Comment