Sunday, October 8, 2017

दैनिक समसामयिकी 07 Oct 2017(Saturday)

1.आईसीएएन को शांति का नोबेल पुरस्कार

• इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार परमाणु हथियारों के खात्मे के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘‘इंटरनेशनल कैम्पेन टू अबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स’ (आईसीएएन) को देने की घोषणा की गई है।आईसीएएन 100 से ज्यादा देशों में गैर सरकारी संगठनों का एक गठबंधन है।
• इसकी शुरुआत आस्ट्रेलिया में हुई थी और विएना में 2007 में आधिकारिक रूप से इसका शुभारम्भ किया गया। नोबेल कमेटी की प्रमुख बेरिट रेइस-एंडरसन ने कहा कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ रहा है। जुलाई में 122 देशों ने परमाणु हथियारों पर रोक लगाने से संबंधित संयुक्त राष्ट्र संधि को स्वीकार किया था। हालांकि इस समझौते में परमाणु हथियारों से सम्पन्न अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों को शामिल नहीं किया गया था।
• आईसीएएन ने कहा कि परमाणु हथियारों पर रोक को लेकर उसकी कोशिशों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर बढ़े तनाव तथा ईरान और शक्तिशाली देशों के साथ परमाणु करार को लेकर अनिश्चितता के बीच इसे निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

2. जीएसटी परिषद की बैठक में बड़ी छूट, बड़ी राहत

• नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घिरी केंद्र सरकार को तीन माह के भीतर ही जीएसटी में भारी फेरबदल के लिए मजबूर होना पड़ा है। समझा जाता है कि यह फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
• शुक्रवार को जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे कारोबारियों, सर्राफा कारोबारियों, किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत देने का निर्णय किया गया। छोटे कारोबारियों के लिए परिषद ने कम्पोजीशन स्कीम के नियमों में बदलाव करते हुए इसकी सीमा अब 75 लाख से एक करोड़ कर दी गई है। साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।
• साथ ही 27 वस्तुओं की जीएसटी दरों में कमी की गई है। वित्त मंत्री अरु ण जेटली ने शुक्रवार शाम को जीएसटी परिषद की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में हमने पाया कि छोटे और मझौले कारोबारियों को मुश्किल हो रही है।
•  इसी को ध्यान में रखते हुए हमने कुछ बदलाव किए हैं। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जीएसटी की समीक्षा के लिए पैनल बनाया जाएगा। रिवर्स चार्ज व्यवस्था : रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।
• सेवा प्रदाता नहीं चुन सकते विकल्प : रेस्तरां संबंधित सेवाओं, आइसक्रीम, पान मसाला या तंबाकू विनिर्माता, आकस्मिक करदाता अथवा प्रवासी करदाता व्यक्ति तथा ई-वाणिज्य आपरेटर के जरिये वस्तुओं की आपूर्ति  करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कोई भी सेवा प्रदाता इस योजना का विकल्प नहीं चुन सकता है।
• जो भी कंपनी कंपोजिशन योजना का विकल्प चुनती हैं, वे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकती। साथ ही करदाता एक ही राज्य में आपूत्तर्ि कर सकते हैं और वस्तुओं की एक राज्य से दूसरे राज्य में आपूत्तर्ि नहीं कर सकते।
• निर्यातकों के लिए : 10 अक्टूबर से जुलाई महीने का और 18 अक्टूबर से अगस्त महीने का एक्सपोर्टर को रिफंड चेक दे दिए जाएंगे। यह तात्कालिक व्यवस्था है।स्थाई व्यवस्था के रूप में हर एक्सपोर्टर का एक ही ई वॉलेट बनेगा।
• ई वॉलेट की व्यवस्था एक अप्रैल 2018 से शुरू होगी। इसी में रिफंड का पैसा आएगा। इन निर्यातकों की बड़ी रकम फंसी हुई है।
• क्यों पड़ी जरूरत : जीएसटी के जरिए बेकार हो चुकी वैट कर पण्राली को बदलने का कदम उठाया जा चुका है। लेकिन बीते 3 महीनों में देश में छोटे-बड़े कारोबारियों को इस नई कर व्यवस्था के तहत जाने में बड़ी दिकक्तों का सामना कर पड़ रहा है।
• जीएसटी लागू हुए तीन महीने हुए हैं। पहले दो महीने र्टिन फाइल करने वालों की संख्या बढ़ी।
•  कलेक्शन का पैटर्न दो महीने में पता नहीं चल पाएगा, क्योंकि ये ट्रांजेशन का फेज है।
•  बैठक में छोटे और मझौले उद्योगों और कारोबारियों को आ रही परेशानियों पर र्चचा हुई है।
• जीएसटी का बड़ा हिस्सा बड़े कारोबारियों के यहां से आता है।

3. यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध प्रगाढ़ : मोदी

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध महत्वपूर्ण और प्रगाढ़ हैं। दोनों पक्ष विश्व स्तर पर आतंक के खिलाफ मिलकर संघर्ष करने तथा निवेश, व्यापार, स्वच्छ प्रौद्योगिकी समेत आर्थिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
• मोदी ने शुक्रवार को यहां आयोजित ‘‘भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन’ के बाद मीडिया के समक्ष वक्तव्य में कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ बहु-आयामी साझेदारी भारत के लिए बहुत मूल्यवान है और दोनों पक्षों की रणनीतिक भागीदारी खास महत्व रखती है।
• उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना के बाद भारत उससे कूटनीतिक संबंध स्थापित करने वाले अग्रणी देशों में था।प्रधानमंक्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मिल कर काम करने और इस पर सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर दोनों पक्ष सहमत हैं।
• उन्होंने कहा, इस पर हम न सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर अपना सहयोग मजबूत करेंगे, बल्कि नियंतण्र मंच पर भी हम अपना सहयोग और समन्वय बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर दोनों पक्ष पेरिस समझौते पर प्रतिबद्ध हैं और दोनों पक्ष की इस संबंध में सुरक्षित, सस्ती और सतत् ऊर्जा की साझी प्राथमिकताएं हैं।
• नवीनीकरणीय ऊर्जा की लागत कम करने के लिए दोनों पक्ष सहयोग करते रहेंगे। इसके अलावा स्मार्ट शहरों के विकास और शहरी आधारभूत ढांचा सुधारने के दिशा में भी यूरोपीय संघ का सहयोग जारी रहेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच नागरिक उड्डयन समझौता होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दोनों पक्षों के बीच विमान संपर्क बढ़ेगा और आम जनता के आपसी संबंधों को बल मिलेगा।
• उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच हुए समझौते को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के विशेषज्ञों का आपसी संपर्क बढ़ेगा और युवा वैज्ञानिकों तथा अनुसंधान को लाभ होगा।
• उन्होंने यूरोपीय निवेश बैंक के साथ ऋण समझौते का भी स्वागत किया।यूरोपीय संघ को लंबे समय से भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए भी यह सबसे बड़े स्रेतों में से एक है। उन्होंने कहा कि विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के रूप में दोनों पक्ष एक प्रकार से स्वाभाविक साझेदार हैं।
• दोनों पक्षों के संबंधों की नींव लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि अनुसार शासन, मूलभूत स्वतंत्रताओं और बहु-संस्कृतिवाद जैसी साझा मान्यताओं पर रखी गई है।
• मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष कई नए क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने में सफल हुए हैं और इस पर सहमत हैं कि आपसी विास और समझ पर आधारित इन संबंधों को अधिकाधिक व्यापक और लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए।

4. महिलाओं की भागीदारी से तेज होगा विकास

• अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) का मानना है कि वैश्विक  अर्थव्यवस्था में बहुप्रतीक्षित सुधार अब अपनी जड़ें जमाने लगा है। दुनिया के देशों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। वित्तीय एजेंसी ने कहा है कि श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से अर्थव्यवस्था में तेज उछाल आ सकता है।
• आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर जो सुधार दिख रहा है उसका लाभ उठाया जाना चाहिए, जिससे अधिक समावेशी अर्थव्यवस्था बनाई जा सके जो सभी के लिए अनुकूल हो।
• आईएमएफ के शोध का हवाला देते हुए लेगार्ड ने कहा कि जब अर्थव्यवस्था की सेहत दुरुस्त होगी तो सुधारों को लागू करना पहले से ज्यादा आसान साबित होगा।
• लेगार्ड ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस समय का इस्तेमाल आमदनी बढ़ाने, रोजगार पैदा करने और लोगों के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए करना चाहिए, जिससे समावेशी वृद्धि को प्रोत्साहन दिया जा सके।
• हार्वर्ड विविद्यालय में अपने संबोधन में लेगार्ड ने कहा कि बहुप्रतीक्षित सुधार अब अपनी जड़ें जमा रहा है।उन्होंने कहा कि दुनिया को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए ताकि तेजी को संरक्षित किया जा सके और अधिक समावेशी अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा सके, तो सभी लोगों के अनुकूल हो।
• लेगार्ड ने अपने संबोधन में कहा कि यदि श्रमबल में महिलाओं की भागीदारी पुरु षों के समान हो जाए, तो अमेरिका में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पांच फीसद बढ़ जाएगी। वहीं भारत में यह 27 फीसद, मिस में 34 फीसद तक बढ़ेगी।
• लेगार्ड का यह बयान आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक से एक सप्ताह पहले आया है। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री अरुण जेटली करेंगे।

5. कॉलेजियम के निर्णय अब होंगे सार्वजनिक

• कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस जयंत पटेल के ट्रांसफर के कारण विवादों में आए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने निर्णय सार्वजनिक करने का फैसला किया है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति और ट्रांसफर के सभी मामले शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
• न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर आलोचना का शिकार रही न्यायपालिका ने पारदर्शिता की ओर पहला कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठतम जजों के कॉलेजियम ने तीन अक्टूबर को सर्वसम्मति से निर्णय सार्वजनिक करने का निर्णय लिया।
• कॉलेजियम की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि इस प्रणाली  में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इसके बाद भी गोपनीयता बनाए रखने के इरादे से कॉलेजियम द्वारा हाई कोर्ट के लिए पदोन्नति, जजों को स्थाई करने की पुष्टि, हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर पदोन्नति, चीफ जस्टिस और न्यायाधीशों के तबादले और सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति से संबंधित मामलों में सरकार के पास सिफारिश भेजने के बारे में अब से लिए गए निर्णय को इनके कारण बताते हुए इन्हें शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, क्योंकि प्रत्येक मामले में कॉलेजियम द्वारा विचार की गई सामग्री भिन्न होती है।
• कॉलेजियम ने केरल और मद्रास हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति की फेहरिस्त जारी की है। अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों को हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। कुछ सिफारिशों को नामंजूर भी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम के अध्यक्ष चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं और जस्टिस जे. चेलामेश्वरम, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ इसके सदस्य हैं।

6. पीएसई की परिचालन स्वायत्तता सुनिश्चित हो

• भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की कंपनियों के कामकाज के संचालन पर एक उच्चस्तरीय समिति ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्र मों (पीएसई) को उनके प्रशासनिक मंत्रालय से स्वतंत्र करने का सुझाव दिया है।
• समिति का मानना है कि इससे पीएसई की निर्णय करने की प्रक्रि या तेज हो सकेगी।
• सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कामकाज के संचालन नियमों में बदलाव पर बैंकर उदय कोटक की अगुवाई वाली समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को पीएसई के लिए पारदर्शी कामकाज तय करना चाहिए। साथ ही उनके उद्देय और प्रतिबद्धताओं का भी खुलासा करना चाहिए।
• समिति का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के उद्देश्यों का नियमित आधार पर शेयरधारकों को खुलासा किया जाना चाहिए, जिससे निवेशक उचित जानकारी के बाद निवेश के फैसले कर सकें। रिपोर्ट कहती है, सरकार को पीएसई की उनके प्रशासनिक मंत्रालय से स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे उनकी निर्णय प्रक्रि या तेज हो सकेगी और उनके परिचालन में स्वायत्तता आ सकेगी।
• इससे उपक्रम बेहतर वाणिज्यिक लक्ष्य हासिल कर सकेंगे और बाजार में प्रतिभाएं आकर्षित कर सकेंगी। सेबी ने समिति की सिफारिशों पर चार नवम्बर तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं।
• समिति की रिपोर्ट 177 पृष्ठ की है और इसमें विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया है। समिति का विचार है कि इन उपायों से राष्ट्रीय संपत्तियों का मूल्य उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है और यह काम समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।

7. 10-15 तक होगी सरकारी बैंकों की संख्या

• वित्त मंत्रालय  के प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सन्याल ने कहा है कि देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 10-15 रह जाएगी। इन बैंकों में सरकार के पास बहुमत हिस्सेदारी होगी। विलय के जरिये मौजूदा 21 बैंकों की संख्या कम की जाएगी।
• उन्होंने यहां में कहा है कि बैंकों की संख्या घटाकर बहुत कम नहीं की जाएगी। दरअसल कुछ बैंकों का कंसोलिडेशन किये जाने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जैसा लोग समझ रहे हैं कि सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 4-5 रह जाएगी, ऐसा नहीं होगा।
• उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि बैंक इतने भी बड़े न हो जाएं जिन पर फेल होने का खतरा होने लगे। इस समय हमारे यहां एक बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक है। बहुत बड़े बैंक होने से अलग तरह के खतरे जुड़ जाते हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
• उन्होंने कहा कि बैंकों का विलय लंबी प्रक्रिया है जबकि सरकारी बैंकों का पुनर्पूजीकरण की तात्कालिक जरूरत है ताकि बैंकिंग सिस्टम सुचारु रूप से काम कर सके। फंसे कर्जो की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आरबीआइ ने यह काम पहले ही शुरू कर दिया है।
• फंसे कर्जो की पहचान कर ली गई है और बैंक्रप्सी व इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया चलाई जा रही है। बैंकों की बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के बाद दूसरा काम पुनर्पूजीकरण का है। अगले कुछ महीनों में यह काम किया जाएगा। बैंकों को दुरुस्त करने के बाद ही इनके कंसोलिडेशन का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

8. पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है रोहिंग्या संकट : बांग्लादेश

• बांग्लादेश ने शुक्रवार को कहा कि रोहिंग्या  संकट सिर्फ म्यांमार और बांग्लादेश ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है, हालांकि अभी तक यह सिर्फ मानवीय मसला है।
• बांग्लादेश के विदेश सचिव शहीदुल हक ने गुरुवार को अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोभाल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने इस मसले से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की।
• बांग्लादेशी उच्चायोग में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने रखाइन प्रांत में हिंसा  को ‘जातीय सफाया’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बात से परिचित करा दिया गया है कि म्यांमार रोहिंग्या मुस्लिमों के ‘अधिकारों को छीन’ रहा है।
• इस मामले में बांग्लादेश की स्थिति बिल्कुल साफ है कि यह समस्या म्यांमार में उत्पन्न हुई है इसलिए हल भी वहीं पर है। ढाका चाहता है कि शरणार्थी जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी वापस चले जाएं।
• म्यांमार के प्रस्ताव पर : म्यांमार ने हाल में पांच लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों को बांग्लादेश से वापस बुलाने का प्रस्ताव दिया था। हक ने बताया कि बांग्लादेश और म्यांमार उनकी वापसी के कार्य में समन्वय के लिए कार्यदल गठित कर चुके हैं।
•  उन्होंने कहा, ‘एक प्रक्रिया के तहत लोगों को वापस उनके देश भेजने का यह एक सामान्य तरीका है। हमने प्रस्ताव दिया है कि इस प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी शामिल करना चाहिए क्योंकि यह संख्या काफी बड़ी है।’
• भारतीय रुख पर : रोहिंग्या मुस्लिमों को सुरक्षा के लिए खतरा बताने संबंधी भारतीय रुख के बारे में पूछे जाने पर शाहीदुल हक ने कहा कि जब भी बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही होती है तो कट्टरता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन बांग्लादेश फिलहाल स्थिति पर नियंत्रण रखने में सक्षम है। उन्होंने कहा, अभी यह आबादी पूरी तरह तटस्थ है। वे सभी वापस जाना चाहते हैं। यह सरकार की जिम्मेदारी  है कि वह उन्हें कट्टरपंथ की ओर बढ़ने से रोके। तथ्य यह है कि यह एक मानवीय मसला है जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उन्हें मदद की जरूरत है।
• भारत से भेजने पर : 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने के भारत के प्रस्ताव पर हालांकि उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। लेकिन, उन्होंने यह जरूर कहा कि मुश्किल वक्त में भारत ने हमेशा बांग्लादेश का साथ दिया है फिर वह चाहे 1971 का समय रहा हो अथवा बाद का।
• हिन्दू  कब्रों पर : म्यांमार के हिंसाग्रस्त  इलाकों में हिन्दुओं  की सामूहिक कब्रें मिलने के सवाल पर हक ने कहा कि वहां जो भी लोग जातीय सफाये में जुटे हैं वे वास्तव में हिन्दू  या मुस्लिमों के बीच अंतर नहीं करते। वे पूरे क्षेत्र को साफ करके फ्री जोन बनाना चाहते हैं।

9. नेपाल में 10 से होगा एजूकेशन इंटरनेशनल एशिया प्रशांत क्षेत्रीय सम्मेलन

• आठवां तीन दिवसीय एजूकेशन इंटरनेशनल एशिया प्रशांत क्षेत्रीय सम्मेलन नेपाल के काठमांडू में 10 अक्टूबर से शुरू होगा। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी श्याम किशोर सिंह गांधी ने कहा कि इसमें 171 देशों के शिक्षक महासंघ हिस्सा लेंगे।सम्मेलन के मुख्य अतिथि नेपाल के प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा होंगे। नेपाल के शिक्षा मंत्री बतौर अतिथि उपस्थित रहेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में एशिया प्रशांत के 42 देशों के शिक्षक प्रतिनिधि भाग लेंगे।
• सम्मेलन में आईएलओ, यूनेस्को आदि जैसे कई संगठनो के प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन नेपाल के पांच सितारा होटल याक में आयोजित होगा।सम्मेलन का मुख्य विषय ट्रांसफार्मिंंग एशिया पेसिफिक एजूकेशन 2030 है।
•  सम्मेलन में ‘‘एशिया प्रशांत क्षेत्र में शिक्षा एजेंडा 2030 तक संगठनों की भूमिका’ विषय पर सम्मेलन को विश्व शिक्षक संघ के महासचिव फ्रेड वैन लिवेन, विश्व शिक्षक संघ के समन्वयक शशिबाला सिंह, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामपाल सिंह, राष्ट्रीय महासचिव कमलाकांत त्रिपाठी एवं अन्य संबोधित करेंगे।
• इसमें विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर परिर्चचा होगी। सम्मेलन में एशिया प्रशांत के 400 शिक्षक प्रतिनिधि भाग लेंगे।

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