मंदिरों का शहर हम्पी, कला, सभ्यता और इतिहास का अद्भुत संगम
हम्पी मंदिरों का शहर है, जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साईट का दर्जा दिया है।
यह भारत के उत्तरी कर्नाटक में स्थित है। अपने समय में यह दुनिया के
सबसे विशाल और समृद्ध राज्यों में से एक था।
यह विजयनगर शहर के खंडहरों में ही स्थित है, और यह जगह अपने ज़माने में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी।
हम्पी धर्म के लोग भी विजयनगर में ही रहते थे। और, उन्होंने अपने साम्राज्य में विरूपाक्ष मंदिर और बहुत से इतिहासिक स्मारकों का निर्माण भी किया था।
1343 से लेकर 1565 तक हम्पी, विजयनगर साम्राज्य की सबसे प्रसिद्ध और बेहतरीन राजधानियों में से एक थी।
हम्पी का चुनाव इसकी सामरिक जगह की वजह से किया गया था।जहाँ तुंगभद्र नदी भी थी और जो तीनो तरफ से रक्षात्मक पहाडियों से घिरी हुई थी।
यह साम्राज्य 3 री शताब्दी के दौरान अशोक साम्राज्य का ही भाग था।हम्पी के खंडहरों की खोज सन 1800 में कर्नल कोलिन की थी।इस जगह का महत्त्व इतिहासिक और वास्तुकला दोनों रूप में है। यह जमीन पूरी तरह से विशाल पत्थरो से लाजमी है।जिसका उपयोग जैन देवताओ को बनाने के लिये किया गया था।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया ने भी इस जगहपर उत्खनन का काम कर कयी बहुमूल्यरत्न और पत्थर को खोज निकाला है।जिनमे कुछ मंदिर और इतिहासिक धरोहर भी शामिल है।हम्पी में बहुत से प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है जिनमे हमें वेदांत धर्मशास्त्र का प्रभाव भी दिखाई देता है।
हम्पी के कुछ मंदिरों में आज भी भगवान की पूजा की जाती है।
बडवीलिंग – यह हम्पी के सबसे बड़े लिंग का छायाछित्र है। इस लिंग को गौर से देखे तो इसमें तीन आँखे भी दिखायी देती है।
यंत्रोधारक आंजनेय मंदिर, चंद्रमौलेश्वर मंदिर
मल्यावंता रघुनाथास्वमी मंदिर – प्राचीन भारतीय शैली की वास्तुकला में बनाया गया है।
इसकी अंदरूनी दीवारों पर मछली और समुद्री जीवो की कलाकृतियाँ भी बनायी गयी है।
हजारा राम मंदिर कॉम्प्लेक्स – यह मंदिर शिलालेख और रामायण की प्राचीन कथा के लिये जाना जाता है।

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