1.सिंधु जल समझौते पर सुलझे नहीं भारत और पाक के मतभेद
• सिंधु जल समझौते पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बैठक निष्कर्ष पर पहुंचे बगैर खत्म हो गई। विश्व बैंक ने यह जानकारी दी है। विश्व बैंक इस समझौते का तीसरा पक्ष है और वह दोनों देशों के बीच पैदा हुए मतभेदों को दूर कराने का प्रयास कर रहा है।
• विश्व बैंक ने कहा है कि समझौते को लेकर दोनों देशों के मतभेद दूर कराने के लिए निष्पक्ष रूप से वह अपने प्रयास जारी रखेगा। 1भारत में बन रहीं रतले और किशनगंगा की पनबिजली परियोजनाओं पर पाकिस्तान की आपत्ति के बाद विश्व बैंक ने दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की थी।
• एक अगस्त को हुई पहले दौर की बातचीत के बाद दूसरा दौर 14 सितंबर को शुरू हुआ। दो दिन चली वार्ता के बाद बिना किसी नतीजे के बैठक खत्म हो गई। विश्व बैंक के बयान में कहा गया है कि दोनों देश स्वीकार्य मसौदे तक नहीं पहुंचे, लेकिन वे समझौते के प्रावधानों के अनुरूप मतभेद सुलझाने को राजी हैं।
• बैठकों में दोनों देशों के सचिव स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 1नौ साल तक चले विचार-विमर्श के बाद सिंधु जल समझौते पर 1960 में दस्तखत हुए थे। इस समझौते में भारत ने पाकिस्तान को नदियों का पानी देने में काफी उदारता दिखाई है, लेकिन पाकिस्तान की नीयत हमेशा खराब रही है। यह समझौता विश्व बैंक की मदद से हुआ था। समझौते में विश्व बैंक के भी दस्तखत हैं।
2. कारोबारी सुगमता के मामले में अधिकांश राज्यों की स्थिति खराब
• व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग के बावजूद अधिकतर राज्य ईज ऑफ डूइंग यानी कारोबारी सुगमता के पैमाने पर पिछड़ रहे हैं। कुछ राज्यों को छोड़ दें तो बहुत से राज्य निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने में भी नाकाम रहे हैं।
• यह बात पूर्वोत्तर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. जितेन्द्र सिंह ने पीएचडी चैम्बर की ओर से आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में कही। इस सम्मेलन में न्यू इंडिया बनाने में राज्यों की भूमिका, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, औद्योगिक विकास, कौशल विकास, रोजगार में वृद्धि और स्मार्ट शहरों के विकास की रफ्तार बढ़ाने पर चर्चा की गयी।
• डा. सिंह ने इस अवसर पर राज्यों के शीर्ष नौकरशाहों को इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए अपने-अपने राज्यों में ईज ऑफ डूइंग की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया ताकि मेक इन इंडिया से भारत औद्योगिक हब के तौर पर उभर सके।
• उन्होंने अफसरों से कहा कि वे ‘यस मिनिस्टर’ की प्रवृत्ति को छोड़ें और अगर कोई निर्णय राज्य के हित में नहीं है तो ‘नो मिनिस्टर’ कहने की संस्कृति का अनुसरण करें। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमिताभ कांत ने इस मौके पर कहा कि भारत को विश्व में प्रमुख अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरने के लिए 9-10 प्रतिशत विकास दर के साथ बढ़ने की जरूरत है।
• उन्होंने कहा कि राज्यों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में अपना प्रदर्शन सुधारना चाहिए अन्यथा सरकार उनकी रैंकिंग जारी कर जनता के सामने उनकी असलियत उजागर करेगी।1पीएचडी चैम्बर के इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक सहित केंद्र और राज्यों के कई शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। साथ उद्योग जगत की कई हस्तियां भी इसमें मौजूद रहीं।
• पीएचडी चैम्बर के अध्यक्ष गोपाल जीवराजका, महासचिव सौरभ सान्याल, पूर्व अध्यक्ष शरद जयपुरिया और उपाध्यक्ष राजीव तलवार ने भी इस सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर पीएचडी के अध्यक्ष जीवराजका ने कहा कि उद्योग जगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया के विजन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
3.स्पेन से आजाद होने को कैटालोनिया जनमत संग्रह पर अड़ा
• स्पेन से अलग होने को लेकर कैटालोनिया के प्रेसिडेंट काल्र्स पुइगडमोंट एक अक्टूबर को जनमत संग्रह कराने पर अड़े हुए हैं। उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार की बातचीत संबंधी पेशकश को नकार दिया है। दूसरी ओर पुलिस ने जनमत संग्रह के पक्ष में शामिल सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
• वहीं कैटालोनिया प्रेसिडेंट ने दावा किया है कि उनके पास चुनाव कराने के लिए छह हजार मतपेटियां हैं जिनका जनमत संग्रह के दिन इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें गुप्त स्थान पर रखा गया है।
• इन मतपेटियों की तलाशी में स्पेन पुलिस छापेमारी जारी रखे हुए है। अखबारों के कार्यालय से लेकर प्रिंटिंग प्रेस तक पर छापे मारे जा रहे हैं। पुलिस विभाग के प्रवक्ता टोनी कास्टेजन के मुताबिक,‘ बैलेट बॉक्स को तलाशना भूसे में सुई ढूंढने जैसा है, इसलिए हमें नहीं मालूम कि वे कहां पर हैं?’
• इसी महीने कैटालोनिया के स्पेन से आजादी का समर्थन करने पर इस प्रांत के 700 मेयरों को नोटिस भेजा गया था। बता दें कि स्पेन के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक कैटालोनिया है। यहां पर बड़े पैमाने पर उद्योग धंधे हैं जो इसे स्पेन का शक्ति केंद्र बनाते हैं।
4. परमाणु कार्यक्रम पूरा कर अमेरिका की बराबरी करेंगे : किम
• उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने शनिवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि सैन्य ताकत के लिहाज से वह लगभग अमेरिका के बराबर पहुंच गया है और वह उत्तर कोरिया को आंख दिखाने की कोशिश न करे। साथ ही किम ने बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद अपने परमाणु हथियार कार्यक्र म को पूरा करने का संकल्प लिया।
• किम ने कहा, देश व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद भी परमाणु हथियारों का निर्माण लगभग पूरा कर चुका है। उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों से कहा, वह इस लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास करें और अमेरिका पर जवाबी हमला करने के लिए एक ऐसी परमाणु क्षमता का निर्माण करें जिससे वह कभी उबर न पाए।
• एजेंसी ने किम के हवाले से कहा, पूरे विश्व ने माना है कि संयुक्त राष्ट्र के तमाम प्रतिबंधों के बाद भी हमने ये सभी उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने शनिवार को किम के हवाले से एक बयान में यह बात कही।
• यह बयान अमेरिका और दक्षिण कोरियाई सेनाओं के प्योंगयांग से किए एक और मिसाइल प्रक्षेपण करने का पता लगाने के एक दिन बाद आया है। इस मिसाइल ने करीब 3,700 किलोमीटर की दूरी तय की और उत्तरी प्रशांत सागर में गिरने से पहले जापान के ऊपर से होकर गुजरी।
5. दुनिया के सबसे ज्यादा तनाव वाले टॉप-20 शहरों में 4 भारत के; दिल्ली 9वें स्थान पर
• दुनिया में सबसे ज्यादा और सबसे कम तनाव किन शहरों में है। इसे लेकर हुई एक स्टडी में कई रोचक बातें सामने आई हैं। टॉप-20 सबसे ज्यादा तनाव वाले शहरों में भारत के चार शहर हैं। टॉप-10 में दिल्ली 9वें नंबर पर है।
• मुंबई 13वें, कोलकाता 19वें और बेंगलुरु 20वें नंबर पर हैं। पहले नंबर पर इराक की राजधानी बगदाद है। दूसरे पर काबुल है। ढाका 7वें और कराची 8वें में दिल्ली से ज्यादा तनाव है। वहीं, टॉप-10 सबसे कम तनाव वाले शहरों में जर्मनी का स्टटगार्ट पहले नंबर पर है।
• दूसरे पर लक्जमबर्ग सिटी तीसरे पर हनोवर है। यह स्टडी ब्रिटेन की ड्राई क्लीनिंग और लॉन्ड्री सर्विस जिपजेट ने दुनिया के 150 बड़े शहरों पर की है।
• एजेंसी ने इन शहरों में 500 से ज्यादा जगहों से आंकड़े जुटाए, जो 17 कैटेगरी पर आधारित थे। मानसिक शांति, बैंक बैलेंस और जॉब सेक्योरिटी के मामले में जर्मनी सबसे अच्छी जगह है।
• यह स्टडी 17 कैटेगरी के आंकड़ों के आधार पर की गई है। इनमें प्रमुख ट्रैफिक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ग्रीन स्पेस, नागरिकों की फाइनेंसियल स्टेटस, प्रति व्यक्ति आय, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आदि हैं।
• सिंगापुर और ताइपेई में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं। जबकि जर्मनी के लिपजिग और फ्रांस के मोंतपेलियरे में सबसे कम ट्रैफिक समस्या है।
• रहने के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में अबुधाबी पहले और जापान का ओसाका शहर दूसरे नंबर पर हैं। सबसे कम प्रदूषण वाला शहर अमेरिका का मियामी है। लक्जमबर्ग मानसिक स्वास्थ्य के मामले में पहले नंबर पर है। समानता के लिहाज से सैन फ्रैंसिस्को पहले नंबर पर है।
• टॉप-10 सबसे कम तनाव वाले शहरों में जर्मनी के चार शहर हैं। इसमें सिडनी एकमात्र शहर है जो यूरोप से बाहर का है। सबसे कम तनाव वाले स्टटगार्ट शहर के लोग सबसे ज्यादा चिंता मुक्त जिंदगी जी रहे हैं। स्थानीय इकोनॉमी भी बहुत मजबूत है।
• यह शहर पोर्शे, बॉश और मर्सेडीज बेंज जैसी कंपनियों का घर है। यहां सबसे ज्यादा ग्रीन स्पेस भी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ग्रीनरी तनाव कम करने में सबसे कारगर है।
6. मार्शल अर्जन सिंह
• भारतीय वायु सेना के माशर्ल और 5 स्टार रैंक प्राप्त अर्जन सिंह का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया।
• 98 वर्षीय अर्जन सिंह गंभीर रूप से बीमार थे। उन्हें दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च ऐंड रेफेरल में भर्ती कराया गया था।अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल 1919 को अविभाजित भारत के फैसलाबाद में एक सैन्य परिवार में हुआ था। फैसलाबाद अब पाकिस्तान का हिस्सा है।
• पद्म विभूषण सम्मानित माशर्ल अर्जन सिंह ने द्वितीय विश्वयुद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था।

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