1.तीन साल में 11वीं बार मिलेंगे मोदी-शिंजो; चीन के ओबीओआर का जवाब एशिया-अफ्रीकी कॉरिडोर से
• जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे बुधवार को भारत में होंगे। दो दिन की यात्रा के दौरान वे गुजरात में ही रहेंगे। यहां उनके स्वागत में अहमदाबाद और गांधीनगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
• वे गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत की पहली बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखेगे। इसके बाद दोनों नेता 12वें भारत-जापान सालना बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा समेत कई बड़े समझौते होने की उम्मीद है। देश में पहली बार द्विपक्षीय वार्ता दिल्ली के बाहर हो रही है।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वह प्रधानमंत्री शिंजो आबे का स्वागत करने को उत्सुक हैं। यह दोनों नेताओं की चौथी सालाना बैठक होगी।
• वो विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर आशान्वित हैं। दोनों प्रधानमंत्री साबरमती आश्रम जाएंगे। 8 किमी लंबे रोड शो में हिस्सा लेंगे।
• आबे की यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के चलते उत्तर-पूर्व एशिया में परमाणु हमले का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में इस यात्रा का कूटनीतिक महत्व है। दरअसल चीन, दक्षिण चीन सागर में विस्तारवादी नीति अपना रहा है।
• जापान के रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के ढुलमुल रवैये को देखते हुए चीन से संघर्ष छिड़ने की सूरत में अमेरिका को भरोसेमंद नहीं माना जा सकता। दूसरी तरफ डोकलाम विवाद पर भारत, भूटान जैसे छोटे देश के लिए चीन के खिलाफ डटकर खड़ा रहा।
• जापान ने भी भारत का खुलकर समर्थन किया। इससे दुनियाभर में संदेश गया है कि एशिया में भारत और जापान चीन के विस्तारवादी नीति के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
• इसके अलावा चीन के वन रोड वन बेल्ट के जवाब में भारत-जापान ने एशिया-अफ्रीकी बेल्ट का विजन दिया है। इसको लेकर इस यात्रा में कई बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
• जापान ने संजीव सिन्हा को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का एडवाइजर बनाया है। वे 20 साल से जापान में हैं। राजस्थान के संजीव 1989 में पहले ही प्रयास में आईआईटी में चुने गए। फीस चुकाने के पैसे नहीं थे। इसलिए लोन लेकर पढ़ाई की।
• अहमदाबाद की मशहूर सीदी सैयद मस्जिद में भी मोदी और शिंजो जाएंगे। इस 16वीं शताब्दी की मस्जिद में मोदी, शिंजो के गाइड की भूमिका निभाएंगे। शाम सात बजे सूर्यास्त के दौरान फोटो शूट होगा।
• इंडोनेशिया में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान, चीन से हार गया। ऐसे में आबे शिंकासेन बुलेट ट्रेन की टेक्नोलॉजी निर्यात करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए भारत सबसे बेहतर विकल्प है। संभव है कि मेक इन इंडिया के तहत भारत में बुलेट ट्रेन चलाने पर बड़ा ऐलान हो सकता है।
• इसके अलावा दोनों प्रधानमंत्री और भी कई प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जापान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ने के साथ-साथ भारत हथियारों और उपकरणों के घरेलू स्तर पर निर्माण के लिए रक्षा तकनीक हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसके तहत जापानी डिफेंस कंपनियाें से भारत में एयरक्राफ्ट, फाइटर प्लेन और सबमरीन बनाने के प्रोजेक्ट पर बात चल रही है।
• भारत ने चीन के वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) प्रोजेक्ट से खुद को अलग रखा है। इस प्रोजेक्ट के जवाब में भारत ने अफ्रीकी विकास बैंक की बैठक में एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर को लांच किया था। यह मोदी और आबे का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
• इस यात्रा के दौरान आबे इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई समझौते कर सकते हैं। इसके जरिए भारत और जापान एशिया और अफ्रीकी देशों में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर करना चाहते हैं।
• इस परियोजना के अंतर्गत भारत और जापान साथ मिलकर अफ्रीका, ईरान, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में कई बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
• गुजरात के हंसलपुर में 3,000 करोड़ का सुजुकी कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनेगा। इसके अलावा साणंद और मंडल में इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण पर एमओयू होगा।
• जापान-इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैन्यूफैक्चरिंग बनाने के लिए भी एमओयू होगा। इसके अलावा इंडस्ट्रियल पार्क और लीथियम आयन बैटरी प्लांट के प्रोजेक्ट को लांच कर सकते हैं।
• भारत-जापान के बीच मैरिटाइम सिक्युरिटी डील हो सकती है। नेवी के लिए यूएस-2 सी-प्लेन की डील आगे बढ़ सकती है। इस प्लेन को अंडमान और निकोबार द्वीप में तैनात किया जा सकता है। जापान ने 1967 में हथियारों के निर्यात पर बैन लगाया था। 2014 में हटा लिया। तब सबसे पहले भारत ने रक्षा समझौते किए थे।
• जापान ने मेक इन इंडिया के तहत कई मैन्यूफैक्चरिंग प्रोजेक्ट गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में शुुरू किए हैं। 2016-17 में भारत में जापानी निवेश 80% बढ़कर 4.7 बिलियन डॉलर में पहुंच गया है। 2015-16 में यह निवेश 2 बिलियन डॉलर था।
2. भारत-बेलारूस में आपसी सहयोग के 10 समझौते
• भारत और बेलारूस ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने से संबंधित 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किया। दोनों देशों ने रक्षा सहित संयुक्त विकास के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावना पर विचार-विमर्श किया।
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको के बीच हुई विस्तृत बातचीत के बाद दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को नए सिरे से मजबूत बनाने पर ध्यान देने पर सहमति व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों में कारोबार और निवेश को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं।
• प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया बयान में कहा कि हम मेक इन इंडिया कार्यक्र म के तहत रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास, विनिर्माण को बढ़ावा देंगे।
• राष्ट्रपति एजी लुकाशेंको से वार्ता के बाद मोदी ने कहा, हमने अपने रिश्तों की संरचना की समीक्षा की है। हम आर्थिक संबंधों में विविधता लाने के लिए काम करेंगे। भारत और बेलारूस ने तेल और गैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा, शिक्षा एवं खेल समेत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के 10 समझौतों पर दस्तखत किए।
• इससे पहले, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको का भारत यात्रा पर आने के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया। उनका यह दौरा ऐसे वर्ष में हो रहा है जब बेलारूस और भारत राजनयिक संबंधों की स्थापना की 25वीं सालगिरह मना रहे हैं।
• वह द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा बनाने पर र्चचा करेंगे। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लुकाशेंको की अगवानी की। लुकाशेंको ने गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया।
• विदेश मंत्रालय ने बताया है कि मोदी और लुकाशेंको द्विपक्षीय संबंधों विशेषकर रक्षा, व्यापार और निवेश में गति देने समेत व्यापक मुद्दों पर र्चचा करेंगे। दोनों पक्ष आपसी हितों वाले क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर अपने विचार और राय का आदान-प्रदान करेंगे।
3. यूएन का उ. कोरिया पर सबसे कड़ा प्रतिबंध
• संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। इसमें उसके परमाणु कार्यक्र म पर रोक लगाने के लिए तेल आयात और तेल निर्यात पर पाबंदी भी शामिल है।
• तीन सितम्बर को उत्तर कोरिया द्वारा छठे और सबसे बड़े परमाणु परीक्षण के जवाब में यह कदम उठाया गया है।संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा, आज हम दुनिया को यह बता रहे हैं कि हम कभी भी परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया को स्वीकार नहीं करेंगे।
• आज सुरक्षा परिषद का कहना है कि अगर उत्तर कोरिया शासन ने अपना परमाणु कार्यक्र म बंद नहीं किया, तो हम उसे रोकने के लिए खुद कदम उठाएंगे।
• इस प्रस्ताव को 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से सोमवार को मंजूरी दे दी। अमेरिका ने उत्तर कोरिया द्वारा तेल आयात पर पूर्ण प्रतिबंध सहित कई कठोर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन, प्योंगयोंग के सहयोगी रूस और चीन के प्रावधान को घटाने पर सहमति के बाद ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित किया गया।
• अमेरिकी राजदूत ने जिक्र किया कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार बनाने एवं वितरित करने में तेल की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा, प्रस्ताव के तहत गैस, डीजल और भारी ईधन तेल में 55 प्रतिशत तक कटौती करने से उत्तर कोरिया को मिलने वाले तेल में 30 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
• उन्होंने कहा, आज का प्रस्ताव प्राकृतिक गैस एवं तेल के अन्य सह-उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाता है, जिनका इस्तेमाल पेट्रोल घटने की स्थिति में विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। इससे गहरा प्रभाव पड़ेगा।हेली ने कहा, उत्तर कोरिया पर लगाया गया यह अब तक का सबसे कड़ा प्रतिबंध हैं।
• उन्होंने कहा, उन्होंने सरकार को अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को पोषित करने की क्षमता को रोकने के लिए बहुत अवसर दिए। लेकिन हम सब जानते हैं कि यह सभी उपाय तभी काम कर पाएंगे जब सारे देश इसे पूरी तरह और मजबूती से लागू करेंगे।
• पिछले महीने पारित प्रतिबंधों के साथ ही यह नई सख्त पाबंदी जुड़ने से उत्तर कोरिया का सार्वजनिक रूप से होने वाला 90 प्रतिशत से अधिक आयात अब पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है।वस्त्र निर्यात उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक सेक्टर है, जिसपर पहले प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। इससे पिछले तीन साल में उत्तर कोरिया को औसतन 76 करोड़ डॉलर की आय हुई।
• प्रस्ताव में अपेक्षा की गई है कि यह उत्तर कोरिया के साथ सभी संयुक्त उपक्र मों को रोकेगा। इससे सरकार को इस तरह के इंतजामों से पैदा होने वाले राजस्व से भी वंचित रहना पड़ेगा। भविष्य में सभी तरह के विदेशी निवेश और तकनीकी स्थानांतरण पर भी रोक लग जाएगी।
4. रोहिंग्या को अपने सुदूर द्वीप पर बसाएगा बांग्लादेश
• म्यांमार में हिंसा के बाद वहां से भागे हजारों रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को बांग्लादेश के एक बंजर द्वीप पर अपना नया आशियाना बसाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। उस द्वीप पर हर साल बाढ़ आती है।
• बांग्लादेश सरकार ने रोहिंग्या मुस्लिमों को उस द्वीप पर पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है क्योंकि म्यांमार के रखाइन प्रांत में सैन्य कार्रवाई के बाद से गरीबी से जूझ रहे बांग्लादेश में बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम शरण की आस में पहुंच रहे हैं और उन्हें बसाने को लेकर अधिकारियों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।
• रखाइन प्रांत में गत 25 अगस्त से शुरू हुए हिंसा के नए दौर के बाद से बांग्लादेश में तीन लाख से अधिक रोहिंग्या लोग आ गए हैं। लगभग तीन लाख शरणार्थी पहले से ही म्यांमार सीमा के निकट कॉक्स बाजार जिले में संयुक्त राष्ट्र के शिविरों में रह रहे है।
• म्यांमार से बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आने पर बांग्लादेश के अधिकारियों को और शिविर बनाने के लिए स्थान खोजने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। रोहिंग्या नेताओं और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनिच्छुक होने के बावजूद बांग्लादेश के अधिकारी गैर आबादी वाले थेनगार छार द्वीप पर भी शिविर बनाने पर विचार कर रहे हैं।
• इस द्वीप का हाल में नाम बदलकर भासान छार किया गया था। अधिकारियों ने रोहिंग्या शरणार्थियों को वहां बसाने का प्रस्ताव सबसे पहले वर्ष 2015 में दिया था, इसकी वजह यह थी कि और शरणार्थियों के आने से कॉक्स बाजार के शिविर ठसाठस भर गए थे। लेकिन उन खबरों के मद्दे नजर योजना रद्द कर दी गई थी कि बाढ़ आते रहने के कारण वह द्वीप बसाहट योग्य नहीं है।
• सरकार रोहिंग्या लोगों को शरण देने के लिए नए स्थान की तलाश कर रही है। इसमें, म्यांमार सीमा के निकट कॉक्स बाजार के करीब दो हजार एकड़ (800 हेक्टेयर) क्षेत्र में एक नया शिविर स्थापित करने की भी योजना है जिसमे लगभग दो लाख 50 हजार रोहिंग्या मुस्लिमों रह सकेंगे। प्रधानमंत्री शेख हसीना मंगलवार को इस स्थल का दौरा करेंगी।
5. कंबोडिया की विपक्षी पार्टी आम चुनाव लड़ने पर अडिग
• कंबोडिया की मुख्य विपक्षी पार्टी ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि अपने नेता की गिरफ्तारी के बावजूद वह अगले साल होने वाले आम चुनाव में हिस्सा लेने पर अडिग है। कंबोडिया नेशनल रेस्क्यू पार्टी (सीएनआरपी) के अध्यक्ष केम सोखा को तीन सितंबर को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
• कंबोडिया में अमेरिका के राजदूत विलियम हेड्ट ने उन्हें रिहा करने की अपील की है। विलियम ने सरकार के उन आरोपों को भी गलत बताया कि कंबोडिया के अंदरूनी मामलों में अमेरिका दखल दे रहा है।
• सोखा की गिरफ्तारी के बाद पहली प्रेस कांफ्रेंस में सीएनआरपी के वरिष्ठ सदस्य छाय ने कहा, ‘हमारी विरोध प्रदर्शन करने की कोई योजना नहीं है। हमने सरकार से अपने नेता की रिहाई की अपील की है।’ छाय केम सोखा के पुत्र हैं। उल्लेखनीय है कि तीन दशक से कंबोडिया में सत्ता की बागडोर संभाल रहे प्रधानमंत्री हुन सेन ने धमकी दी है कि अगर कंबोडिया नेशनल रेस्क्यू पार्टी (सीएनआरपी) के अध्यक्ष सोखा के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में सीएनआरपी शामिल होती है तो उसकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
• सोखा की गिरफ्तारी को देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि चुनाव में हुन सेन को सीएनआरपी से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
6. देश में सुरक्षित रेल सफर के लिए आरडीएसओ ने सुझाए 13 मंत्र
• कभी पटरियों की गड़बड़ी तो कभी दौड़ती बोगियों में तकनीकी खामी। यात्रियों की जान के लिए यही दो खतरे नहीं हैं। रेलवे के सिस्टम में पुराने पुलों से लेकर संरक्षा से जुड़े कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
• रेलवे की संरक्षा, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के लिए रिसर्च करने वाली विंग अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की रिपोर्ट को आधार मानें तो 13 क्षेत्रों में तकनीक अपग्रेड करने की जरूरत है। आरडीएसओ ने इन क्षेत्रों में सुधार करने की सलाह रेलवे बोर्ड को दी है। इसके लिए आरडीएसओ की टीमों ने देश के कई रेलखंडों पर ट्रेन संचालन को लेकर अध्ययन किया था।
• विशेषज्ञों ने पाया कि पटरियों के रखरखाव, सिग्नल, पुलों की मरम्मत सहित संरक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल हो रही तकनीक पुरानी हो गई है। बढ़ते ट्रैफिक लोड को देखते हुए सभी क्षेत्रों में तकनीक अपग्रेड करने की जरूरत है।
• नई तकनीक वाले इंजन के मद्देनजर अन्य तकनीक भी अपग्रेड हो। पिछले साल पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस और फिर कानपुर के रूरा में सियादह-अजमेर एक्सप्रेस के डिरेल होने सहित कई घटनाओं में मानवीय भूल सामने आई हैं।
• रोलिंग स्टाक की ऑनबोर्ड मॉनिटरिंग हो, मालगाड़ियों के वैगन हल्के हों।
• पटरियों के फ्रैक्चर का पता चले इसके लिए मॉनिटरिंग ओएफसी, अल्ट्रासाउंड और ट्रैक पर सर्किट लगाए जाएं।
• हाइटेंशन लाइन, सिग्नल की रियल टाइम मॉनिटरिंग ,पुलों की हालत की जांच मशीनों से हो,अधिक क्षमता की पटरियां मैकेनाइज्ड ढंग से बिछाई जाए।
• आरडीएसओ ने यात्रियों की सुविधा के साथ उनकी संरक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर अध्ययन के बाद 13 क्षेत्रों में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल का सुझाव दिया है।
7. अब नौकरशाहों का 360 डिग्री मू्ल्यांकन : कार्यकुशलता के आकलन का पैमाना
• नौकरशाहों के मूल्यांकन के परंपरागत तरीके की जगह 360 डिग्री मूल्यांकन ने ली है। मूल्यांकन की यह पण्राली यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन में लागू है। इस पण्राली के तहत समकक्ष अधिकारियों, वरिष्ठ, कनिष्ठऔर सुपरवाइजरी अधिकारियों के अलावा आम लोगों से फीड बैक लिया जाता है।
• मूल्यांकन के इस नए तरीके से नौकरशाहों में हड़कंप मचा हुआ है। अभी तक की परंपरा के मुताबिक रिपोर्टिग अधिकारी अपने अधीनस्थों की एसीआर लिखता था और 90 प्रतिशत मामलों में 10 में से अधिकतम नंबर यानी एक्सिलेंट देता था। इसकी वजह मानवीय आधार थी। इसके अलावा रिपोर्टिग अधिकारी सोचता था कि वह किसी की बुराई क्यों ले। इससे अधिकारी का सही मूल्यांकन नहीं हो पाता था।
• वहीं, निजी क्षेत्र में मल्टी सोर्स फीडबैक (एमएसएफ) पण्राली से मू्ल्यांकन होता है और यूरोपीय देशों में 360 डिग्री मूल्यांकन होता है ताकि लायक अधिकारियों को ही प्रमोशन मिले और उचित स्थान पर उसकी नियुक्ति हो सके। तत्कालीन कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर ने परफॉम्रेस मैनेजमेंट इन गवर्नमेंट नाम से एक कंसलटेशन पेपर तैयार किया था।
• उसी आधार पर परफॉम्रेस अप्रेजल यानी कामकाज के प्रदर्शन का मूल्यांकन के बजाय 360 डिग्री मूल्यांकन पर जोर दिया गया है और केंद्र सरकार ने इसे अपना लिया है। 360 डिग्री मूल्यांकन में अधिकारी का संपूर्ण मू्ल्यांकन किया जाएगा। इसमें सीनियर, जूनियर, समकक्ष, पब्लिक, स्वयं और वास्तवित प्रदर्शन रिपोर्ट को शामिल किया जाएगा।
• इसी आधार पर हाल में केंद्र सरकार ने अतिक्ति सचिव स्तर पर एक के बजाए दो बैचों 1987 और 1988 के अधिकारियों को इम्पैनलमेंट किया, क्योंकि इनमें से बहुत से अधिकारियों को 360 डिग्री मू्ल्यांकन में कमजोर पाया गया था।
8. खुदरा मुद्रास्फीति पांच माह के उच्चस्तर पर
• खुदरा मुद्रास्फीति की दर अगस्त महीने में बढ़कर पांच महीने के उच्चस्तर 3.36 प्रतिशत पर पहुंच गई है। सब्जियों और फलों के दाम चढ़ने से खुदरा महंगाई दर बढ़ी है। इससे पिछले महीने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की दर 2.36 प्रतिशत पर थी।
• अगस्त महीने का खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च, 2017 के बाद सबसे ऊंचा है। उस समय यह 3.89 प्रतिशत पर थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 1.52 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पहले इसमें अपस्फीति थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार माह के दौरान रोजाना उपभोग वाले फल और सब्जियों की महंगाई दर बढ़कर क्र मश: 5.29 प्रतिशत और 6.16 प्रतिशत हो गई। यह जुलाई में क्र मश: 2.83 प्रतिशत और शून्य से 3.57 प्रतिशत नीचे थी।
• इसी तरह तैयार भोजन, जलपान और मिठाई की श्रेणी में मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 1.96 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 0.43 प्रतिशत थी।
• इसी तरह परिवहन और संचार क्षेत्रों में भी महंगाई दर बढ़कर 3.71 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 1.76 प्रतिशत थी। इसके अलावा मोटे अनाज और उत्पाद, मीट एवं मछली, तेल एवं वसा की महंगाई दर घटकर क्र मश: 3.87 प्रतिशत, 2.94 प्रतिशत और 1.03 प्रतिशत पर आ गई।
9. हर्षवर्धन ने वुड इज गुड अभियान शुरू किया
• केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन वनों के संरक्षण के लिए वुड इन गुड यानि लकड़ी बेहतर है, अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर ‘‘संवहनीय भू और वन पारिस्थितिक तंत्र’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में डा. हर्षवर्धन ने कहा कि वन संपदा जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के साथ ही धरती पर जैव विविधता के सरंक्षक की भूमिका में हैं।
• ऐसे में इस प्राकृतिक संपदा को बचाये रखना और उनका संरक्षण करना सबकी जिम्मेदारी बनती है।उन्होंने इस अवसर पर वनों के सरंक्षण तथा वन संसाधनों के न्यायसंगत इस्तेमाल के वास्ते जागरूकता पैदा करने के लिए ‘‘वुड इज गुड’ अभियान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि वन और वन उत्पाद अर्थात लकड़ियों से बने सामानों का इस्तेमाल पर्यावरण की दृष्टि से सबसे उत्तम हैं।
• इसके लिए ज्यादा से ज्यादा वन लगाने और उनका संरक्षण करने के काम को प्रोत्साहित करना चाहिए। यह अभियान अमेरिका की ‘‘एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट’ द्वारा संचालित कार्यम फॉरेस्ट प्लस और भारत सरकार के वन और पर्यावरण मंत्रालय का संयुक्त प्रयास है।
• फॉरेस्ट प्लस का मूल उद्देश्य भारत सरकार को वन संपदा प्रबंधन के लिए ऐसी तकनीकी मदद मुहैया करानी है जो उसे एक ऐसी अर्थव्यवस्था निर्मित करने में मदद कर सके जो कम कार्बन उत्सर्जित करने वाली हो और साथ ही जिससे वनों की सेहत और जैव विविधता को बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सके।
10. देश की हवा हो जाए साफ तो बढ़ जाएगी हमारी जिंदगी
• दिल्ली की प्रदूषित हवा यदि साफ होकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर खरी उतर जाए तो यहां के लोगों की उम्र औसतन नौ वर्ष बढ़ सकती है। यह बात एक नवीन अध्ययन में सामने आई है।
• यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (एक्यूएलआइ) के अनुसार भारत में यदि राष्ट्रीय स्तर पर वायु गुणवत्ता के विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों को पूरा कर लिया जाए तो भारतीयों की आयु में औसतन चार साल की बढ़ोतरी हो सकती है।
• यह परिणाम आए समाने : अध्ययन में हवा जनित कणीय पदार्थ प्रदूषण-पीएम 2.5 का संज्ञान लिया गया और देखा गया कि इसकी मात्र में कमी से लोगों के जीवन चक्र पर क्या असर पड़ सकता है।
• इसमें सामने आया कि यदि दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 के संदर्भ में डब्ल्यूएचओ के सालाना 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (म्यू/एम3) के मानक को पूरा कर लिया जाता है तो शहर के लोग नौ साल अधिक जी सकते है। वहीं, यदि राष्ट्रीय राजधानी में 40 म्यू/एम3 के राष्ट्रीय मानक को पूरा किया जाता है तो दिल्ली के लोगों का जीवन छह साल बढ़ जाएगा।
• संयुक्त रूप से बढ़ेगा 4.7 अरब जीवन वर्ष : एक्यूएलआइ के अनुसार यदि भारत डब्ल्यूएचओ के वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए वायु प्रदूषण में कमी करता है तो देश के लोग औसतन लगभग चार साल अधिक और संयुक्त रूप से 4.7 अरब जीवन वर्ष से ज्यादा जी सकते हैं।
• मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे खतरनाक प्रदूषण कण : वाहनों व उद्योगों के कारण उत्पन्न पीएम 2.5 अत्यंत महीन पदार्थ कण होते हैं, जिनका आकार 2.5 माइक्रोन से कम होता है। यह मानव की श्वसन प्रणाली और फिर रक्त प्रवाह में प्रवेश कर अपूरणीय क्षति पहुंचा सकते हैं।
• एनर्जी एंड पॉलिसी इंस्टिट्यूट के निदेशक माइकल ग्रीनस्टोन के मुताबिक, पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण कण वर्तमान में मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इनसे विश्व के कई हिस्सों में जीवन पर उसी तरह का असर पड़ता है जैसे दशकों तक सिगरेट पीने से पड़ता है।

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