दैनिक समसामयिकी
1.आम लोगों के लिए राहत अमीरों पर बढ़ा बोझ
• वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में विसंगतियों को दूर करते हुए जीएसटी काउंसिल ने अमीरों की कारों पर सेस की दर बढ़ाने और आम लोगों के इस्तेमाल की करीब ढाई दर्जन चीजों पर टैक्स में कमी करने का फैसला किया है।
• काउंसिल के इस कदम के बाद अब मझोली, बड़ी और एसयूवी कारें महंगी हो जाएंगी। वहीं साड़ियों के फॉल, मिट्टी की मूर्तियां, झाड़ू, प्लास्टिक के रेनकोट, रबर बैंड और धूपबत्ती जैसी कई वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। काउंसिल ने केंद्रीय खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआइसी) द्वारा बेचे जाने वाले खादी उत्पादों पर जीएसटी से रियायत दे दी है। हालांकि दूसरे दुकानदारों पर बिकने वाले खादी उत्पादों पर पूर्ववत पांच फीसद टैक्स लगेगा।
• जीएसटी काउंसिल ने 20 इंच वाले कंप्यूटर मॉनिटर पर भी जीएसटी की दर घटाने का फैसला किया। इससे कंप्यूटर सस्ते होंगे। काउंसिल ने कंबल और किचन गैस लाइटर जैसे उत्पादों पर भी जीएसटी की दर घटाई। हाथ से बने देशी म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स पर जीएसटी निल होगा।
• वस्तु एवं सेवा कर लागू करने के लिए इस्तेमाल हो रहे सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र जीएसटी नेटवर्क में खामियों को देखते हुए काउंसिल ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में ढील देने का भी फैसला किया है। कारोबारी अब जुलाई का रिटर्न (जीएसटीआर-1) दस अक्टूबर तक दाखिल कर सकेंगे।
• केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में यहां हुई काउंसिल की 21वीं बैठक में ये अहम निर्णय लिए गए।
• बैठक में शामिल राज्यों के वित्त मंत्रियों ने जीएसटी नेटवर्क के पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते कारोबारियों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया जिसके बाद काउंसिल ने इस मुद्दे के हल के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाने का फैसला किया। जेटली का कहना है कि यह मंत्रिसमूह नियमित रूप से जीएसटीएन के साथ संपर्क में रहेगा और अगले दो-तीन दिनों में समूह का गठन कर दिया जाएगा।
• काउंसिल ने सबसे अहम निर्णय लक्जरी कारों पर सेस की दर बढ़ाने का लिया है। मिड सेगमेंट की कारों पर सेस की दर में 2 प्रतिशत, लार्ज कारों पर सेस में 5 प्रतिशत और एसयूवी पर सेस में 7 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय किया है। इन कारों पर 28 फीसद जीएसटी के साथ 15 फीसद सेस पहले से ही लगता है।
• काउंसिल के इस फैसले के बाद मिड सेगमेंट की कारों पर अब जीएसटी व सेस मिलाकर 45 प्रतिशत, बड़ी कारों पर 48 प्रतिशत और एसयूवी पर 50 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि आम लोगों के इस्तेमाल वाली छोटी कारों (पेट्रोल की 1200 सीसी और डीजल की 1500 सीसी) पर सेस की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
• इसी तरह 13 सीटर वाहनों और हाइब्रिड कारों पर भी जीएसटी व सेस की वर्तमान दर ही बरकरार रखी है। दरअसल सरकार को अमीरों की कारों पर टैक्स का बोझ बढ़ाने की जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद इन कारों के दाम दो लाख रुपये तक कम हो गए थे।
• सरकार ने 30 अगस्त को जीएसटी क्षतिपूर्ति कानून में संशोधन के लिए एक अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी देकर सेस की अधिकतम दर 15 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय किया।
• काउंसिल ने जीएसटी नेटवर्क में तकनीकी खामियों को देखते हुए रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का भी फैसला किया है।
2. भारत-चीन बनाएंगे विशेष कार्य समूह
• भारत और चीन निर्यात बढ़ाने के लिए उद्योग आधारित विशेष कार्य समूह बनाने पर सहमत हुए हैं। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। दोनों देशों के बीच इस पहल को चीन के साथ भारत के व्यापार घाटे को कम करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
• प्रभु अभी पांचवें पूर्वी एशिया सम्मेलन में आर्थिक मंत्रियों की बैठक में भाग लेने फिलीपींस गए हुए हैं। वह क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) के 16 सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। सम्मेलन से इतर प्रभु ने अपने चीनी समकक्ष झोंग शान से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
• हाल ही में वाणिज्य मंत्रलय संभालने वाले प्रभु ने इस मौके पर जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री हिरोशिगे सेको और दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री ह्युन चोंग किम से भी मुलाकात की। इस बीच, वाणिज्य मंत्रलय ने एक के बाद एक ट्वीट कर यह जानकारी दी कि सुरेश प्रभु ने चीन के उद्यमियों और उद्योगों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और उन्हें विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में निवेश के लिए सुविधा देने की पेशकश की है।
• बता दें कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2015-16 के 52.69 अरब डॉलर (करीब 3,369 अरब रुपये) से मामूली कम होकर वित्त वर्ष 2016-17 में 51.08 अरब डॉलर (करीब 3,266 अरब रुपये) रहा है। भारत आइटी और फार्मा उत्पादों से जुड़े वस्तु एवं सेवा क्षेत्र में चीनी बाजार में बड़ी दखल चाहता है। भारत ने चीन से निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
3. चीन ने थपथपाई पाक की पीठ, बढ़ाएगा सहयोग
• चीन और पाकिस्तान 50 अरब अमेरिकी डॉलर (3.18 लाख करोड़ रुपये) वाले आर्थिक गलियारे को लेकर सुरक्षा और आतंकरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। इस गलियारे से दोनों ही देशों के अशांत क्षेत्र रेल और सड़क परियोजनाओं के नेटवर्क से जुड़ते हैं।
• चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) चीन के उत्तर पश्चिम में शिनजियांग प्रांत और पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम में ग्वादर बंदरगाह को जोड़ता है। इस क्षेत्र को आतंकियों से चुनौती मिलती रही है। मालूम हो कि यह इलाका पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। इसलिए भारत की इस परियोजना पर हमेशा से आपत्ति रही है।
• सीपीईसी की सुरक्षा को लेकर सहमति चीनी कम्युनिस्ट पार्टी सेंट्रल कमेटी के कमीशन फॉर पॉलिटिकल एंड लीगल अफेयर्स के प्रमुख मेंग जियांझु, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर खान की मुलाकात के बाद बनी।
• पाकिस्तान ने सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना व अर्धसैनिक बलों के 15 हजार जवान तैनात किए हैं। बीते वर्ष चीन से करीब 71 हजार लोग पाकिस्तान गए थे। मेंग ने पाकिस्तान को अच्छा मित्र बताया और आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ की।
• पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन के साथ अच्छे संबंध पाकिस्तानी विदेश नीति की नींव है। वहीं चीन के स्टेट काउंसलर यांग जीची ने भी पाकिस्तान की पीठ ठोंकी और कहा कि दोनों देशों के बीच की सदाबहार रणनीतिक साझेदारी बढ़ती रहेगी।

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