Saturday, September 9, 2017

09 September 2017(Saturday)

दैनिक समसामयिकी

1.एक्ट ईस्ट पॉलिसी से ड्रैगन को घेरने की तैयारी

• म्यांमार की यात्रा मोदी की सधी कूटनीति का हिस्सा
चीन के साथ रिश्तों में आए दिन होने वाली तल्खी से आशंकित भारत उसकी पेशबंदी करने की कोई भी रणनीति को छोड़ना नहीं चाहता है। पिछले दिनों डोकलाम विवाद भले ही सुलझ गया हो, लेकिन ड्रैगन की फितरत जानने वालों के यह बात गले नहीं उतरने वाली है कि आने वाले दिनों में वह भारत के सामने कोई नई समस्या नहीं खड़ा करेगा।
• एशिया में जिस तरह से चीन भारत के पड़ोसियों को दाने डाल रहा है, उसकी काट के लिए भारत ने भी दक्षिण पूर्वी एशिया में अपनी जड़े मजबूत करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कूटनीति के माहिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद भारत की लुक ईस्ट पालिसी को और धार देते हुए इसे एक्ट ईस्ट पालिसी में बदलने की रणनीति बनाई। इसका नतीजा धीरे-धीरे सामने आना शुरू हो गया है।
• जानकार का मानना है कि पिछले दिनों ब्रिक्स सम्मेलन के बाद चीन से ही सीधे म्यांमार की प्रधानमंत्री की यात्रा को महज संयोग नहीं माना जा सकता है, यह इसी एक्ट ईस्ट पालिसी का की रणनीति का हिस्सा है।जानकार का मानना है कि म्यांमार के प्रति मोदी सरकार की बढ़ती नजदीकियां यूं ही नहीं है। म्यांमार को दक्षिण पूर्व एशिया के दस आसियान देशों का गेटवे माना जाता है। भारत इसी गेटवे के द्वारा आसियान देशों के साथ अपने द्विपक्षीय सामरिक और आर्थिक हितों को धार देने की रणनीति पर अमल करने में जुटा है।
• चीन के पड़ोसी आसियान देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर मोदी सरकार चीन को वहीं संदेश देना चाहती है जो कि चीन श्रीलंका, पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ करीबी बढ़ाकर दे रहा है। मोदी सरकार आसियान में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए म्यांमार का रास्ते का उपयोग करने की रणनीति पर चल रही है।
• दरअसल म्यांमार आसियान देशों का गेटवे है। सामरिक और आर्थिक दृष्टि से म्यांमार के साथ रिश्तों में मजबूती जहां भारत की प्राथमिकता है, वहीं इसके द्वारा वह इस क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को चुनौती भी देने की रणनीति पर अमल कर रहा है।
• दक्षिण पूर्वी एशिया की इन क्षेत्रीय ताकतों के साथ सबंधों में मजबूती लाकर भारत चीन को अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। म्यांमार में जबसे नागरिक सरकार आई है भारत के साथ उसके रिश्ते मजबूत हुए हैं और चीन के प्रति उसका झुकाव कम हुआ है। मोदी सरकार ने आते ही म्यांमार के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को नए आयाम देने का काम किया। इसके तहत मोदी की यात्रा के दौरान तीन अहम समझौते किए गए।
• म्यांमार की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाई स्पीड डीजल की आपूर्ति  शुरू हो गई है।भारत की जेलों में बंद म्यामांर के 40 नागरिक जल्द रिहा होंगे, म्यांमार के नागरिकों को ग्रेटिस वीज़ा दिया जाएगा। म्यांमार के रास्ते थाइलैंड तक सीधे सड़क मार्ग को जोड़ना भारत की कूटनीति का वह हिस्सा है, जिसके द्वारा वह आसियान देशों तक अपनी पहुंच को और बढ़ाना चाहता है।
• मोदी सरकार आने के बाद वर्ष 2015 में म्यांमार में जिस तरह भारतीय सेना ने घुसकर 38 नगा उग्रवादियों का खात्मा किया यह म्यांमार के साथ भारत के मजबूत होते रिश्तों को बयां करने के लिए काफी है।
• म्यांमार की यात्रा से प्रधानमंत्री मोदी ने एक साथ कई निशाने साधे हैं। जहां रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे से जूझ रही वहां की सरकार के साथ भारत की हमदर्दी का संदेश दिया वहीं चीन को भी यह संदेश देने में सफल रहे कि दक्षिण एशिया भी भारत की प्राथमिकता में है।

2. चीन ने थपथपाई पाक की पीठ : भारत ने कहा जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग

• चीन ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ने में अपना बेहतरीन योगदान दिया है और कुछ देशों को पाकिस्तान को इसका पूरा श्रेय देना चाहिए।
• कुछ दिन पहले पेइचिंग ने ब्रिक्स के उस घोषणापत्र का समर्थन किया था जिसमें पहली बार पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों का नाम लिखा गया था। विदेश मंत्री वांग यी ने यहां पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, पाकिस्तान चीन का करीबी और पक्का दोस्त है।
• चीन के मुकाबले कोई और पाकिस्तान को जानता और समझता नहीं है। आसिफ चीन का दौरा ऐसे समय में कर रहे हैं जब चीन ने हाल में श्यामन में संपन्न ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन में आतंकवाद पर कड़े प्रस्ताव का समर्थन किया था। प्रस्ताव में पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हक्कानी नेटवर्क सहित अन्य आतंकी संगठनों द्वारा हिंसा पर चिंता जताई गई थी।
• इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान नीति में आतंकवाद संबंधी मुद्दों पर पाकिस्तान की आलोचना की। अपनी यात्रा से पह

ले आसिफ ने पहली बार स्वीकार किया कि पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर शर्मिदगी से बचने के लिए आतंकी संगठनों पर लगाम कसने की जरूरत है।
• ब्रिक्स घोषणापत्र का सीधा जिक्र करने से बचते हुए वांग ने कहा कि आतंकवाद वैश्विक  मुद्दा है और इसके लिए सभी देशों के एकजुट प्रयास की जरूरत है। उन्होंने कहा, एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने के बजाय, देशों को एक दूसरे के साथ काम करने की जरूरत है।
• कई वर्षो से पाकिस्तान आतंक से पीड़ित रहा है और महत्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग में महत्वपूर्ण प्रतिभागी है। उन्होंने भारत और अमेरिका के परोक्ष संदर्भ में कहा कि कुछ देशों को पाकिस्तान को वह पूरा श्रेय देना चाहिए जिसका वह हकदार है।

3. आतंकी फंडिंग में अमेरिका ने बंद किया पाक का हबीब बैंक

• पाकिस्तान को अमेरिका से एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के सबसे बड़े ‘हबीब बैंक’ की न्यूयॉर्क स्थित शाखा को बंद कर दिया है। इसके अलावा उस पर करीब 1,400 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसका भुगतान 14 दिनों में किया जाना है।
• आतंकियों के वित्त पोषण, मनी लांडिंग और अन्य अवैध वित्तीय लेन-देन रोकने के लिए बने कानून का उल्लंघन करने के लिए बैंक पर यह कार्रवाई की गई है।
•  कराची स्थित मुख्यालय वाले हबीब बैंक के खिलाफ कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद की गई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी और अफगानी सैनिकों पर हमले करने वाले आतंकियों को पाकिस्तान सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहा है।
•  अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने भी पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने आतंकी संगठनों को समर्थन देना जारी रखा तो उसका प्रमुख अमेरिकी सहयोगी का दर्जा छिन सकता है और सैन्य मदद निलंबित हो सकती है।
• अमेरिका में विदेशी बैंकों के नियामक वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) का कहना है कि यह फैसला 2016 में की गई जांच के बाद लिया गया है। इसमें बैंक के जोखिम प्रबंधन और अनुपालन में कई खामियां पाई गई थीं।
• 2015 के सहमति आदेश के अनुरूप बैंक व्यापक सुधारात्मक कार्रवाई करने में भी असफल रहा। वित्तीय सेवाओं की सुपरिटेंडेंट मारिया टी. वुलो ने कहा, ‘डीएफएस ऐसे अपर्याप्त जोखिमों एवं अनुपालन कार्यो को सहन नहीं करेगा जो आतंकियों को धन मुहैया कराने के दरवाजे खोलते हों। जो इस देश के लोगों व वित्तीय प्रणाली के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हों।
• बैंक को अपनी इन खामियों में सुधार के लिए बार-बार पर्याप्त से भी ज्यादा मौके दिए गए, लेकिन फिर भी वह ऐसा करने में असफल रहा।’ उन्होंने कहा कि हबीब बैंक को देश की वित्तीय सेवाओं और सुरक्षा को खतरे में डालने की जिम्मेदारी से बचकर नहीं जाने दिया जाएगा।
• इस बीच हबीब बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘इस सहमति आदेश के बाद सभी आरोपों को हटा लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी पूंजी पर्याप्त है। हबीब बैंक इस समझौते के लिए इसलिए तैयार हुआ क्योंकि लंबी कानूनी लड़ाई बैंक या देश के हित में नहीं है। आरोप साबित नहीं हुए हैं।’
• बैंक पर जुर्माने का आकलन करीब चार हजार करोड़ रुपये किया गया था, लेकिन एक समझौते के तहत यह रकम 1,400 करोड़ रुपये कर दी गई।

4. विमान में अभद्रता को लेकर मंत्रालय ने जारी किए नियम

• शिवसेना सांसद रविन्द्र गायकवाड़ द्वारा एयर इंडिया के एक कर्मचारी को चप्पल से पीटने के मामले के परिप्रेक्ष्य में ‘‘नो फ्लाई सूची’ के लिए नियम प्रभाव में आ गए हैं। इसमें अभद्र व्यवहार करने वालों पर 3 महीने से लेकर आजीवन तक यात्रा प्रतिबंध का प्रावधान है।
• सबके हितों का रखा गया ध्यान : नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने बताया कि नियमों के प्रावधान में यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और विमान सेवा कंपनियों, सभी के हितों का ध्यान रखा गया है।
• राजू ने ‘‘नो फ्लाई सूची’ के नियम जारी करते हुए बताया कि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने उद्दंड यात्रियों की सूची बनाने की व्यवस्था की है।
• अन्य विमान सेवा कंपनियों के लिए वैकल्पिक होगा प्रतिबंध लगाना : सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चिह्नित यात्रियों पर प्रतिबंध लगाना हर एयरलाइन के लिए जरूरी होगा। विमान सेवा कंपनी की अनुशंसा पर यात्री पर प्रतिबंध लगाना अन्य घरेलू तथा विदेशी विमान सेवा कंपनियों के लिए वैकल्पिक होगा।
• दोबारा र्दुव्ययवहार पर सजा होगी दोगुनी : यदि कोई यात्री एक ही स्तर का र्दुव्यावहार दोबारा करता है तो उस पर दोगुनी अवधि का प्रतिबंध लगेगा।
• नाम डालने का फ्लाइट इन कमांड के पास होगा अधिकार : नागर विमानन सचिव राजीव नयन चौबे ने बताया कि ‘‘नो फ्लाई सूची’ में नाम डालने के लिए अनुशंसा का अधिकार उड़ान के पायलट इन कमांड के पास होगा।
• तीन दिन में होगा फैसला : इसके बाद विमान सेवा कंपनी की एक आंतरिक समिति तीन दिन के अंदर इस शिकायत पर अपना फैसला सुनाएगी। इस समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जिला या सत्र न्यायाधीश होंगे। समिति का एक सदस्य किसी दूसरी विमान सेवा कंपनी से और एक अन्य किसी यात्री अथवा उपभोक्ता संघ का सदस्य या उपभोक्ता फोरम का सेवानिवृत्त अधिकारी होगा।
• 30 दिन में फैसला न आने निर्दोष  माना जाएगा यात्री : समिति का फैसला आने तक संबंधित एयरलाइन चाहे तो यात्री पर प्रतिबंध लगा सकती है। यदि समिति 30 दिन के अंदर फैसला नहीं कर पाती है तो उस स्थिति में यात्री को निर्दोष   मान लिया जाएगा।
• फैसले के खिलाफ हो सकेगी अपील : इस समिति के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार यात्री को होगा। अपील की सुनवाई एक उच्चतर समिति करेगी जिसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश होंगे। इसके एक सदस्य यात्री अथवा उपभोक्ता संघ के प्रतिनिधि या उपभोक्ता फोरम के सेवानिवृत्त सदस्य होंगे। एक अन्य सदस्य एयरलाइन के उपाध्यक्ष या इससे ऊपर स्तर के अधिकारी होंगे।
• इस समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा तथा इसे उच्चतम न्यायालय से नीचे चुनौती नहीं दी जा सकेगी।
• पूछताछ के लिए बुलाए जा सकते हैं अन्य यात्री : चौबे ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि समिति के पास घटना वाली उड़ान के चालक दल के सदस्यों के साथ उस उड़ान के अन्य यात्रियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि टोक्यो समझौते के तहत विदेशी विमान सेवा कंपनियां भी चाहे तो ‘‘नो फ्लाई सूची’ वाले यात्रियों को प्रतिबंधित कर सकती हैं।
• चालक दल सदस्य की हो सकेगी शिकायत : राजू ने कहा कि यदि कोई यात्री चालक दल के सदस्यों का व्यवहार अभद्र पाता है तो वह पायलट इन कमांड से इसकी शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध कर सकता है या ‘‘एयर सेवा’ पर शिकायत कर सकता है।

5. कर्ज लेने के बजाय शेयर पूंजी जुटाएं एमएसएमई

• एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने लघु एवं मझोले उपक्रमों (एसएमई) से कहा है कि वे सीधे कर्ज लेने के बजाय इक्विटी पूंजी के जरिए धन जुटाए। इससे वे स्वस्य तरीके से अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगे।भट्टाचार्य ने यहां एक एसएमई सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यदि लघु और मझोले उपक्रम शुरुआती चरण में अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए कर्ज पर अधिक निर्भर करते हैं तो इससे उनके बही खाते पर दबाव बनता है।
• उन्होंने एसएमई उद्यमियों से कहा कि उन्हें प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों से सीखना चाहिए जो अपना कारोबार और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में इक्विटी पूंजी जुटाते हैं। इस बारे में उन्होंने ई-कामर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और अमेजन का उदाहरण भी दिया जिन्होंने इक्विटी की मदद से शानदार प्रदर्शन किया है।
• भट्टाचार्य ने लघु एवं मझोले उपक्रमों से कहा कि वे निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशकों के समक्ष अपना मामला बेहतर तरीके से रखें।
• ऐसे लोग हैं जो आपको इक्विटी पूंजी दे सकते हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए कि आप किस तरीके से उनको यह भरोसा दिला सकते हैं कि आप सही व्यक्ति हैं जो उनको बेहतर रिटर्न दिला सकते हैं।

6. नदियां जोड़ने को महाराष्ट्र और गुजरात में होगा करार

• केंद्र सरकार की नदी जोड़ो परियोजना के तहत पार-तापी-नर्मदा और दमनगंगा-पिंजल नदियों को जोड़ने के लिए महाराष्ट्र और गुजरात सरकार के बीच जल्द ही करार होगा। इस करार के तहत महाराष्ट्र और गुजरात के बीच समान पानी का बंटवारा होगा। यह देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना होगी।
• इस परियोजना पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसमें 18 हजार करोड़ रुपए केंद्र सरकार और एक-एक हजार करोड़ रुपए महाराष्ट्र और गुजरात सरकार देगी। इससे उत्तर महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के जलाशयों को लगभग 50 टीएमसी पानी उपलब्ध हो सकेगा।
• केंद्रीय मंत्री परिवहन और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में यह जानकारी दी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा पर प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं और सड़कों के निर्माण कार्य को लेकर समीक्षा बैठक हुई।
• पत्रकारों से बातचीत में गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में सिंचाई क्षेत्र 22 प्रतिशत है।
हमने राज्य में सिंचाई क्षेत्र 40 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यदि हम इसमें सफल होते हैं तो राज्य में
• मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत राज्य में 26 सिंचाई परियोजना का काम शुरू है। इसमें से 5 सिंचाई परियोजनाओं का काम लगभग पूरा हो चुका है।

7. 2070 तक हर तीसरा परजीवी विलुप्त हो जाएगा

• जलवायु परिवर्तन के कारण वर्ष 2070 तक धरती पर मौजूद हर तीसरा परजीवी विलुप्त हो जाएगा। इससे पारिस्थितिक तंत्र बाधित होगा। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने वैश्विक विश्लेषण के बाद यह चेतावनी दी है। 1अध्ययन में बताया गया है कि परजीवी धरती पर जीवित सबसे खतरनाक समूहों में से एक हैं। फीता कृमि, गोल कीट, टिक, जूं, पिस्सू जैसे अन्य कीट इस विविध समूह में शामिल हैं, जो मनुष्यों और पशुओं में कई बीमारियों का कारण बनते हैं।
• नियंत्रित करते हैं वन्यजीव आबादी : बीमारियों का कारक होने के बावजूद ये परजीवी पारिस्थितिक तंत्र में अहम भूमिका निभाते हैं। ये वन्यजीवों की आबादी नियंत्रित रखने के साथ आहार श्रृंखला का संतुलन बनाए रखते हैं, ताकि ऊर्जा का नियमित प्रवाह बना रहे।
• पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता के लिए जरूरी : अमेरिका में स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री की अन्ना फिलिप्स के मुताबिक, कई परजीवियों का जीवन चक्र जटिल होता है। इन परजीवियों की विविधता स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र का संकेत होती है। इनका होना पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता के लिए अच्छा है।
• इस तरह किया अध्ययन : जलवायु परिवर्तन का इन परजीवी प्रजातियों पर कैसे असर पड़ेगा, यह जानने के लिए अमेरिका के बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के कॉलिन कार्लसन और उनके सहयोगियों ने म्यूजियम के कलेक्शन का सहारा लिया।
• अमेरिकी नेशनल परजीवी कलेक्शन के रिकॉर्ड के साथ टिक, पिस्सू, पंखों और मधुमक्खियों के कणों के विशेष डाटा से मिलाकर वैश्विक स्तर पर तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने परजीवियों की 457 प्रजातियों पर जलवायु परिवर्तन के विभिन्न परिदृश्यों का प्रभाव देखा।
• अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 457 परजीवी प्रजातियों पर अध्ययन के बाद दी चेतावनी. पारिस्थितिक तंत्र और आहार श्रृंखला के संतुलन के लिए जरूरी हैं परजीवी

8. मारिन बने भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच

• भारतीय महिला टीम के कोच मारिन शोर्ड को शुक्रवार को पुरुष टीम का मुख्य कोच बनाया गया। यह फैसला चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि नीदरलैंड्स के मारिन को सीनियर पुरुष टीम को कोचिंग देने का कोई अनुभव नहीं है।
• मारिन रोलैंट ओल्टमैंस की जगह लेंगे, जिन्हें पिछले कुछ महीनों में साधारण प्रदर्शन के बाद पद से हटा दिया गया था। वहीं, विश्व कप विजेता जूनियर टीम के कोच हरेंद्र सिंह को सीनियर महिला टीम का हाई परफॉर्मेस विशेषज्ञ कोच बनाया गया है।
•  मारिन 20 सितंबर से पद संभालेंगे, जब महिला टीम मौजूदा यूरोप दौरे से लौटेगी। वहीं, हरेंद्र शनिवार से ही पद संभाल लेंगे

No comments:

Post a Comment